Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    Bihar Board Result 2026: बिहार बोर्ड की टॉपर पुष्पांजलि बनना चाहती हैं साइंटिस्ट, रोजाना 12 घंटे करती हैं पढ़ाई

    Updated: Sun, 29 Mar 2026 08:24 PM (IST)

    पुष्पांजलि कुमारी ने बिहार मैट्रिक परीक्षा में 492 अंक (98.4%) प्राप्त कर पूरे राज्य में पहला स्थान हासिल किया है। बांका के गोपालपुर गांव की रहने वाली ...और पढ़ें

    पुष्पांजलि को मिठाई खिलाते माता-पिता। (जागरण)

    पुष्पांजलि को मिठाई खिलाते माता-पिता। (जागरण)

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    संवाद सूत्र, रजौन (बांका)। सिंहनान पंचायत के छोटे से गांव गोपालपुर निवासी शिक्षक लालमोहन शर्मा की पुत्री पुष्पांजलि कुमारी ने मैट्रिक परीक्षा में पूरे बिहार में पहला स्थान प्राप्त कर इतिहास रच दिया है।

    पुष्पांजलि ने 492 अंक प्राप्त कर 98.4 प्रतिशत अंक हासिल किया है। रविवार को मैट्रिक परीक्षा का परिणाम घोषित होते ही गांव में खुशी की लहर दौड़ गई।

    शिक्षक लालमोहन शर्मा की सबसे छोटी पुत्री पुष्पांजलि कुमारी जमुई सिमुलतला आवासीय विद्यालय में पढ़ाई कर रही थी। पुष्पांजलि अपने चार भाई-बहनों में सबसे छोटी है। उनकी एक बड़ी बहन जीएनएम की ट्रेनिंग पूरी कर चुकी है।

    दूसरी बहन बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई कर रही है। उनका भाई जेईई मेंस की तैयारी कर रहा है। परिवार में शिक्षा का माहौल होने के कारण पुष्पांजलि को भी पढ़ाई के लिए हमेशा प्रोत्साहन मिलता रहा।

    10 से 12 घंटे करती हैं पढ़ाई

    अपनी सफलता का श्रेय पुष्पांजलि ने अपने पिता लालमोहन शर्मा, माता सिंधु देवी और अपने गुरुजनों को दिया है। उन्होंने बताया कि इस सफलता के पीछे नियमित 10 से 12 घंटे की पढ़ाई और अनुशासन सबसे बड़ा कारण रहा।

    उन्होंने कहा कि पढ़ाई के दौरान उन्होंने कभी मोबाइल या इंटरनेट मीडिया का उपयोग नहीं किया। उन्होंने बताया कि सिमुलतला विद्यालय में भी मोबाइल रखना प्रतिबंधित है, जिससे पढ़ाई का बेहतर माहौल मिलता है।

    बनना चाहती हैं सांइटिस्ट

    पुष्पांजलि ने बताया कि आगे चलकर वह साइंटिस्ट बनना चाहती है और देश की सेवा करना चाहती है। उन्होंने कहा कि विज्ञान और गणित विषय में उनकी विशेष रुचि है और इसी क्षेत्र में वह अपना करियर बनाना चाहती है।

    उन्होंने बताया कि वह शुरू से ही टॉपर बनने का सपना देखती थीं और इसके लिए लगातार मेहनत करती रहीं। सेल्फ स्टडी पर विशेष ध्यान देने से उन्हें यह सफलता मिली।

    पुष्पांजलि की इस सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत अनुशासन और परिवार का मजबूत सहयोग रहा है। उनके पिता लालमोहन शर्मा मैथ्स के टीचर रहे हैं।

    उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी की पढ़ाई की नींव खुद रखी थी। कक्षा एक से पांच तक खुद अपने ही सरकारी विद्यालय में पढ़ाया।

    इसके बाद बेहतर शिक्षा और मार्गदर्शन के लिए उसे सिमुलतला भेजा गया। उन्होंने कहा कि आज उनकी बेटी ने जो उपलब्धि हासिल की है वह पूरे परिवार के लिए गर्व का क्षण है।

    मां ने की जमकर तारीफ

    वहीं, पुष्पांजलि की मां सिंधु देवी ने भावुक होकर कहा कि उन्हें शुरू से ही अपनी बेटी पर पूरा भरोसा था। उन्होंने बताया कि पुष्पांजलि बचपन से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर रही है और हमेशा मेहनत व लगन के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ती रही।

    उन्होंने कहा कि यह सफलता उसकी लगातार मेहनत और पिता के मार्गदर्शन का परिणाम है। पढ़ाई के अलावा पुष्पांजलि को पेंटिंग का भी काफी शौक है।

    यह भी पढ़ें- बिहार मैट्रिक परीक्षा में ग्रामीण विद्यार्थियों का जलवा: टॉप 10 में 139 बच्चे, पटना से सिर्फ 1 स्टूडेंट ने बनाई जगह

    यह भी पढ़ें- LIC एजेंट के बेटे ने बिहार बोर्ड मैट्रिक में हासिल किया 8वां स्थान, इंजीनियर बनना चाहते हैं आरा के रौशन कुमार

    खबरें और भी