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    बेगूसराय में बायोमैट्रिक कर्मी बनकर परीक्षा केंद्र में घुसे थे साल्वर गैंग के सदस्य, 2 गिरफ्तार

    Updated: Tue, 14 Jul 2026 01:36 AM (IST)

    बेगूसराय के एसके महिला कॉलेज परीक्षा केंद्र पर बायोमेट्रिक कर्मी बनकर घुसे साल्वर गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। ...और पढ़ें

    दो सदस्य गिरफ्तार। (जागरण)

    दो सदस्य गिरफ्तार। (जागरण)

    HighLights

    1. बेगूसराय में परीक्षा केंद्र पर साल्वर गैंग के दो सदस्य पकड़े गए।

    2. बायोमेट्रिक कर्मी बनकर फर्जी आधार कार्ड से परीक्षा केंद्र में घुसे थे।

    3. पुलिस पूरे नेटवर्क और फर्जी आधार कार्ड उपलब्ध कराने वाले की जांच कर रही है।

    जागरण संवाददाता, बेगूसराय। बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग की परीक्षा के दौरान शहर के एसके महिला कॉलेज परीक्षा केंद्र पर साल्वर गैंग के दो सदस्यों का भंडाफोड़ हुआ है।

    रविवार को दोनों युवक बायोमैट्रिक कर्मी बनकर परीक्षा केंद्र में घुसे थे। संदिग्ध गतिविधि देख जब जांच हुई तो उनके आधार कार्ड फर्जी पाए गए। पुलिस ने दोनों के पास से मोबाइल, टैब समेत अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरण बरामद किए हैं।

    मामले में कॉलेज के प्राचार्य विमल कुमार के आवेदन पर नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

    गिरफ्तार आरोपितों की पहचान सहरसा जिले के इटहरी निवासी मनोहर यादव के पुत्र अजय कुमार तथा खगड़िया जिले के रहीमपुर चौधरी टोला निवासी ओमप्रकाश साह के पुत्र आशीष कुमार के रूप में हुई है।

    जानकारी के अनुसार दोनों युवक बायोमैट्रिक उपस्थिति बनाने वाली कंपनी के सुपरवाइजर और ऑपरेटर के रूप में परीक्षा केंद्र में मौजूद थे।

    परीक्षा शुरू होने के कुछ देर बाद उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगी। कॉलेज कर्मियों ने देखा कि टैब के माध्यम से प्रश्नपत्र की तस्वीर ली जा रही है। इसके बाद दोनों से पूछताछ शुरू की गई।

    जांच में अजय कुमार के पास वीरपुर पश्चिमी निवासी मणि कुमार तथा आशीष के पास सुजानपुर निवासी दिलखुश कुमार का आधार कार्ड मिला।

    पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि उन्हें बायोमैट्रिक कंपनी के सिटी हेड सौरभ ने फर्जी आधार कार्ड उपलब्ध कराया था। उनका काम लखीसराय निवासी परीक्षार्थी सौरभ आनंद को प्रश्नों के उत्तर उपलब्ध कराना था।

    कॉलेज कर्मियों को दोनों के मोबाइल में कई नंबरों पर चैटिंग, प्रश्नपत्र और उत्तर के आदान-प्रदान के साक्ष्य भी मिले। हालांकि, पकड़े जाने के बाद दोनों ने किसी को फोन कर मोबाइल का डाटा रिसेट करा दिया। इसके बाद प्राचार्य ने पुलिस और दंडाधिकारी को बुलाकर दोनों को उनके हवाले कर दिया।

    सदर डीएसपी आनंद कुमार पांडे ने बताया कि दोनों अतिरिक्त इलेक्ट्रानिक डिवाइस के साथ परीक्षा में धांधली करने के उद्देश्य से केंद्र में घुसे थे।

    पुलिस फर्जी आधार कार्ड उपलब्ध कराने वाले कंपनी के सिटी हेड समेत पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

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