Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    10 कट्ठा जमीन से हर महीने लाखों की कमाई, बेगूसराय के अमरदीप ने पपीते की खेती से बदली तकदीर 

    Updated: Mon, 16 Mar 2026 05:57 PM (IST)

    किसान अमरदीप चौधरी ने बछवाड़ा, बेगूसराय में पारंपरिक खेती छोड़कर पपीते की उन्नत खेती अपनाई। इंटरनेट मीडिया से जानकारी लेकर उन्होंने 10 कट्ठा खेत में प ...और पढ़ें

    किसान अमरदीप चौधरी। फोटो जागरण

    किसान अमरदीप चौधरी। फोटो जागरण

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    प्रभात कुमार झा, बछवाड़ा (बेगूसराय)। बछवाड़ा प्रखंड की चिरंजीवीपुर पंचायत के वार्ड संख्या- तीन निवासी किसान अमरदीप चौधरी पपीता की उन्नत खेती कर आर्थिक रूप से समृद्ध हो रहे हैं।

    पारंपरिक खेती से अलग हटकर उन्होंने 10 कट्ठा खेत में पपीते की खेती शुरू की, जिसका सकारात्मक परिणाम अब देखने को मिल रहा है।

    किसान ने बताया कि पहले वे गेहूं एवं मक्का की पारंपरिक खेती करते थे। इससे लागत के मुकाबले मुनाफा कम होता था।

    वो बाजार की मांग को देखते हुए इंटरनेट मीडिया पर पपीते की खेती के तौर तरीके एवं उससे होने वाले लाभ की जानकारी प्राप्त कर उन्होंने पपीते की खेती करने का निर्णय लिया।

    शुरुआत में उन्हें खेती की तकनीकी जानकारी लेने में कुछ कठिनाई का सामना करना पड़ा, लेकिन इंटरनेट मीडिया के माध्यम से जानकारी लेकर उन्होंने वैज्ञानिक पद्धति से पौधारोपण किया।

    10 कट्ठा खेत में करते हैं खेती 

    अमरदीप ने बताया कि पपीते की फसल कम समय में तैयार हो जाती है। इसके साथ-साथ बाजार में अच्छी कीमत भी मिलती है। वे पिछले वर्ष मार्च में पौधारोपण किया था।

    पौधारोपण के तीन महीने बाद पेड़ में फल लगना शुरू हो जाता है। वर्तमान में उनके खेत में लगे पौधों में उम्मीद के अनुरूप फल लगे हैं। इससे उन्हें अच्छी आमदनी हो रही है।

    उन्होंने बताया कि प्रत्येक दो दिन के बाद वे 10 कट्ठा खेत में लगे पेड़ से 2 से 3 क्विंटल फल तोड़कर नजदीक के दलसिंहसराय फल मंडी में 3 से 4 हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से बेचते हैं।

    उन्होंने बताया कि किसानों को पपीते की खेती में सालाना खर्च के अनुपात में चार गुना अधिक आमदनी होती है। स्थानीय बाजारों में पपीते की मांग लगातार बनी रहती है। इससे उन्हें पपीता बेचने में भी आसानी हो रही है।

    जमीन मिलने में मुश्किल

    उन्होंने बताया कि इस बार उन्होंने एक बीघा जमीन पर पपीते की खेती करना चाह रहे हैं, लेकिन उन्हें बेगूसराय, समस्तीपुर एवं अन्य नजदीक के बाजारों में बीज उपलब्ध नहीं होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    यदि किसानों को सही जानकारी और उचित मार्गदर्शन मिले तो वे पारंपरिक खेती के साथ-साथ फल एवं सब्जी की खेती कर अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं।

    उन्होंने अन्य किसानों से भी उन्नत और नकदी फसल की खेती अपनाने की अपील की है। स्थानीय किसानों ने बताया कि अमरदीप की सफलता से क्षेत्र के अन्य किसान भी प्रेरित हो रहे हैं।

    पपीते की खेती से कम लागत में अधिक मुनाफा संभव है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है।

    यह भी पढ़ें- सिवान में पैक्स चुनाव कल: 8 उम्मीदवार निर्विरोध बने अध्यक्ष, 29 के लिए होगा मतदान 

    यह भी पढ़ें- Special Train:गर्मी में सीटों के लिए न हों परेशान, पुणे-मुंबई के लिए समर स्पेशल; आरा जंक्शन पर ठहराव

    खबरें और भी