बुजुर्गों के घर पहुंचेगी निबंधन टीम; देना होगा अतिरिक्त शुल्क, ऑनलाइन और पेपरलेस होगी पूरी प्रक्रिया
सरकार ने 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए घर बैठे जमीन रजिस्ट्री की सुविधा शुरू की है, जिसके लिए अतिरिक्त शुल्क देना होगा। यह प्रक्रिया ऑनलाइन ...और पढ़ें

घर बैठे बुजुर्ग करा सकेंगे जमीन की रजिस्ट्री। सांकेतिक तस्वीर
HighLights
80+ बुजुर्गों को घर बैठे जमीन रजिस्ट्री सुविधा।
निबंधन के लिए अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करना होगा।
पूरी प्रक्रिया अब ऑनलाइन और पेपरलेस होगी।
जागरण संवाददाता, बेगूसराय। जमीन की रजिस्ट्री प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सरकार लगातार फैसला ले रही है। निबंधन विभाग निबंधन से जुड़े प्रत्येक कार्यालय में कार्यों को आनलाइन कराने की पूरजोर कवायद कर रहा है।
ताकि इन कार्यालयों का पेपर लेस बनाया जा सके और कार्य भी सुलभता से हो। इसी कड़ी में निबंधन कार्य के लिए 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के बुजुर्गाें को घर बैठे निबंधन की सुविधा दिए जाने की घोषणा भी कर दी गई है।
ताकि बुजुर्ग व्यक्तियों को निबंधन कार्यालय तक आने की परेशानी नहीं उठानी पड़े। लेकिन घर जाकर बुजुर्ग व्यक्तियों से निबंधन संबंधी कार्य कराने पर संबंधित व्यक्ति को अतिरिक्त शुल्क का भी भुगतान करना होगा।
वाहन से बुजुर्ग के घर जाएंगे निबंधन कर्मी
किसी भी निबंधन कार्यालय में घर आकर निबंधन कराने की मांग करने वाले बुजुर्ग व्यक्ति के घर तक निबंधन करने वाले अधिकारी व कर्मियों को निबंधन विभाग द्वारा आने-जाने के लिए वाहन उपलब्ध कराया जाएगा।
उसपर पर कंप्यूटर, फोटोग्राफी सहित निबंधन से संबंधित अन्य उपकरण व कागजातों को लेकर संबंधित अधिकारी व कर्मी बुजुर्ग व्यक्ति के घर तक जाएंगे और वहां भूमि निबंधन से संबंधित कार्य पूरा करेंगे।
इसके लिए निबंधन करने या कराने वाले व्यक्ति को निबंधन कार्य में शामिल प्रत्येक व्यक्ति के हिसाब से एक-एक हजार रुपये का भुगतान करना होगा।
इससे बुजुर्ग व्यक्ति निबंधन कार्यालय तक आने-जाने वाली परेशानी से तो बचेंगे। परंतु उन्हें अतिरिक्त राशि का भुगतान जरूर करना होगा।
वहीं ऑनलाइन व्यवस्था होने से निबंधन का कार्य पेपरलेस मोड में आ जाएगा। अर्थात निबंधन करने व कराने के लिए कार्यालय में किसी प्रकार का दस्तावेज या कागजात भौतिक रूप से जमा नहीं करना होगा।
सभी आवश्यक दस्तावेज एवं कागजात आनलाइन ही जमा होंगे। यहां तक कि निबंधन के बाद कार्यालय से प्राप्त होने वाला दस्तावेज भी भौतिक रूप से किसी को नहीं मिलेगा।
निबंधन के बाद का दस्तावेज भी संबंधित व्यक्ति के मोबाइल पर ही आनलाइन प्राप्त होगा। हालांकि सरकार इस प्रक्रिया को धीरे-धीरे कर रही है।
पहले छोटे निबंधन कार्यालय को ऑनलाइन करने की तैयारी की जा रही है। उसके बाद बड़े निबंधन कार्यालयों में भी आनलाइन व्यवस्था शुरू होगी।
बताया गया कि जिले में फिलहाल एक निबंधन कार्यालय मंझौल में आनलाइन व्यवस्था शुरू करने की तैयारी चल रही है। जहां 18 जुलाई को उद्घाटन होगा।
नए दर निर्धारण के बाद भी नही कम हुआ निबंधन
सरकार जमीन का सर्किल रेट बढ़ा दी है। यह रेट पूर्व निर्धारित रेट से करीब दोगुणा हो गया है। इसके साथ ही निबंधन कराने का शुल्क भी बढ़ा है।
सरकारी घोषणा के बाद यह आशंका व्यक्त की जा रही थी कि जमीन के निबंधन में कमी आएगी। लेकिन रेट व निबंधन शुल्क बढ़ने के बाद भी जमीन के निबंधन में पूर्व के हिसाब से किसी तरह की कमी नहीं आई है।
जिला निबंधन कार्यालय में प्रतिदिन अमूमन 40-50 दस्तावेजों का निबंधन हो रहा है। वहीं सोमवार को यहां 85 दस्तावेजों का निबंधन हुआ।
यह भी पढ़ें- 80 नहीं, अब 75+ में ही होम रजिस्ट्रेशन की सुविधा; वैशाली में CM सम्राट चौधरी का बड़ा एलान