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    मॉडल स्कूल में पढ़ाई नहीं, हो रही खेती; बेगूसराय में करोड़ों की लागत का विद्यालय बना चारागाह

    Updated: Wed, 29 Apr 2026 12:48 PM (IST)

    बेगूसराय के तेघड़ा में करोड़ों की लागत से निर्मित मॉडल उच्च माध्यमिक विद्यालय अधिकारियों की उदासीनता के कारण पढ़ाई के बजाय खेती के लिए उपयोग हो रहा है। ...और पढ़ें

    मॉडल विद्यालय के जमीन पर फसल लगाए हुए किसान। फोटो जागरण

    मॉडल विद्यालय के जमीन पर फसल लगाए हुए किसान। फोटो जागरण

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    संवाद सहयोगी, तेघड़ा(बेगूसराय)। तेघड़ा नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 15 में स्थित माडल उच्च माध्यमिक विद्यालय होना था पढ़ाई लेकिन हो रही है खेती, क्योंकि यहां पढ़ाई के बदले विद्यालय की जमीन में पशु का चारा उपजाया जाता है गोइथा सुखाया जाता है।

    बिहार सरकार के द्वारा यह भवन मॉडल इंटर कालेज पढ़ाई के लिए यह भवन बनाया गया था लेकिन जब यहां पढ़ाई शुरू होने की जरूरत थी तो सरकार के द्वारा संसाधन विहीन तेघड़ा प्रखंड के गौरा एक पंचायत स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय गौरा को माडल विद्यालय के रूप में परिणत कर दिया गया, जबकि सभी संसाधन और अत्याधुनिक तरीके से यह भवन का निर्माण कराया गया था।

    Model School

    बिहार में शिक्षा विभाग के द्वारा शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने को लेकर लगातार प्रयासरत है। शिक्षा के सुदृढ़ीकरण को लेकर शिक्षा विभाग के द्वारा बेगूसराय जिले में बुनियादी विद्यालय के बगल में एक मॉडल उच्च माध्यमिक विद्यालय खोलने का संकल्प लिया। जिसके तहत जिले में पांच माडल उच्च माध्यमिक विद्यालय का निर्माण कराया गया।

    बलिया के सदानंदपुर में, बेगूसराय के उलाव में, गढ़पुरा के मोरतर में, नावकोठी के समसा में एवं तेघड़ा के बजलपुरा में। तेघड़ा नगर परिषद वार्ड नं 13 के तत्कालीन वार्ड पार्षद सुनीता देवी एवं इनके पति अरुण सिंह ने बताया मेरे वार्ड में स्थित बुनियादी विद्यालय के जमीन में वर्ष 2013 में सरकार के द्वारा माडल स्कूल के निर्माण का प्रस्ताव आया।

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    हम अपने प्रयास से बुनियादी विद्यालय के दो एकड़ जमीन को एनओसी दिलवाकर भवन निर्माण में सहयोग किया। मॉडल विद्यालय के निर्माण का कार्य लगभग छह करोड़ की लागत से वर्ष 2013 में शुरू हुआ जो 2017 में भवन बनकर तैयार हो गया।

    Begusarai Model School

    विद्यालय निर्माण के बाद विद्यालय में बेंच डेस्क, प्रयोगशाला के लिए उपस्कर सहित कंप्यूटर की व्यवस्था भी की गई उसके बावजूद पदाधिकारी के उदासीनता के कारण विद्यालय बंद है जो अब जर्जर स्थिति बनते जा रहा है।

    विद्यालय का कमरा क्षतिग्रस्त हो रहा है इसमें रखा बेंच डेक्स सहित प्रयोगशाला का सभी सामान लगभग नष्ट हो गया है। अगर अविलंब इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो यह भवन जल्द ही खंडहर का रूप धारण कर लेगा।

    Model School 1

    ग्रामीण अरुण सिंह ने बताया कि मॉडल स्कूल की दयनीय स्थिति को देखते हुए और बुनियादी विद्यालय के बचे हुए जमीन में डिग्री कालेज निर्माण को लेकर वर्ष 2022 में तत्कालीन शिक्षा मंत्री विजय चौधरी से मिलकर मॉडल स्कूल की वस्तु स्थिति से अवगत कराया और इसमें पढ़ाई की अविलंब शुरुआत करने की मांग की।

    तत्कालीन शिक्षा मंत्री के द्वारा मॉडल स्कूल में शिक्षण व्यवस्था शुरू करने को लेकर आश्वासन देते हुए सक्रिय हुए। उस समय के तत्कालीन बिहार सरकार के शिक्षा विभाग के निदेशक माध्यमिक शिक्षा मनोज कुमार ने बेगूसराय जिला शिक्षा पदाधिकारी को मॉडल उच्च माध्यमिक विद्यालय की अद्यतन स्थिति अवगत कराने को लेकर 13 मई 2022 को पत्र निकाला।

    Model School 2

    जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया अगर विद्यालय को हैंडोवर नहीं किया गया है तो तुरंत इसे हैंडोवर करें और नजदीकी उच्च माध्यमिक विद्यालय को शिफ्ट कर वर्ग संचालन की व्यवस्था की शुरुआत करें। लेकिन शिक्षा विभाग के पदाधिकारी की उदासीनता के कारण अभी तक उसे विद्यालय में पठन-पाठन की शुरुआत नहीं हो सकी।

    दो बीघा जमीन में बना मॉडल उच्च माध्यमिक विद्यालय के खाली जमीन में अभी पशु चारा उपजाया जाता है। उस विद्यालय में पढ़ाई के बदले पशु चारा का उपजाना, गोइथा बनाकर सुखना और पशु बांधने का काम हो रहा है। बाहर से माडल उच्च माध्यमिक विद्यालय को देखकर चरवाहा विद्यालय की याद आ जायेगी।

    ग्रामीण कृष्णनंदन सिंह, मनोज सिंह, भोला झा ने बताया बजलपुरा के बुनियादी विद्यालय की जमीन पर बना यह मॉडल स्कूल चालू होने से प्रखंड के आधारपुर पंचायत के आधा भाग सहित तेघड़ा नगर परिषद के वार्ड संख्या 12 ,13,14,15,17,26,27 की छात्र-छात्राओं को पढ़ने के लिए अपने घर से दूर दो से तीन किलोमीटर की दूरी नहीं तय करनी पड़ती।

    बिहार सरकार के द्वारा प्रत्येक प्रखंड में एक माडल विद्यालय बनाने की घोषणा की गई थी उस घोषणा से यह भवन में माडल विद्यालय खुलने को लेकर ग्रामीण आशान्वित थे। लेकिन पदाधिकारी के द्वारा वैसे विद्यालय का चयन कर माडल विद्यालय के रूप में परिणत कर दिया गया जहां खुद वह विद्यालय संसाधन की कमी का दंस झेल रहा है।

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    बुनियादी विद्यालय बजलपुरा के जमीन पर बना उच्च माध्यमिक विद्यालय जिसमें इंटर तक की पढ़ाई की व्यवस्था है। उस भवन की देखरेख के लिए रात्रि पहरी की बहाली के लिए विभाग को पत्र से सूचना कई बार दे चुके हैं। तत्काल बगल में रह रहे गरीब परिवार देखरेख करता है और जीवको पार्जन के लिए खाली जमीन पर पशु चारा का उपजाऊ कर वह अपना पाशु पालता है और जीवन यापन करता है।

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    गुड्डू कुमार, प्रभारी प्रधानाध्यापक(बुनियादी विद्यालय बजलपुरा)

     बुनियादी विद्यालय बजलपुरा के जमीन पर बना उच्च माध्यमिक विद्यालय जिसमें इंटर तक पढ़ाई की व्यवस्था है। इसके बारे में अभी तक हमें वरीय पदाधिकारी का कोई दिशा निर्देश नहीं मिला है । दिशा निर्देश मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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    राम उदय महतो (बीईओ) तेघड़ा