बेगूसराय में दिव्यांग की पीट-पीटकर हत्या, शव घर पहुंचाकर आरोपी फरार; 3 दिन पहले बेंगलुरु से लौटा था युवक
बेगूसराय के वीरपुर में जमीन विवाद को लेकर 32 वर्षीय दिव्यांग गोविंद पासवान की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। ...और पढ़ें
-1777202080017_m.webp)
रोते-बिलखते परिजन। (जागरण)
HighLights
वीरपुर में दिव्यांग युवक गोविंद पासवान की हत्या।
जमीन विवाद को लेकर पीट-पीटकर मारा गया।
आरोपी शव छोड़कर मौके से फरार हो गए।
संवाद सूत्र, वीरपुर (बेगूसराय)। वीरपुर थाना क्षेत्र की वीरपुर पूर्वी पंचायत के वार्ड संख्या-एक मुनीचक में जमीन विवाद को लेकर 32 वर्षीय दिव्यांग युवक गोविंद पासवान की पीट-पीटकर हत्या कर दिए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
घटना शनिवार की देर रात्रि 12 बजे के आसपास की है। हत्या के बाद शव को घर के समीप पहुंचाकर आरोपित फरार हो गया। घटना के बाद पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है और स्वजनों में कोहराम मचा हुआ है।
मृतक गोविंद पासवान दिवंगत रामबालक पासवान का पुत्र था और दाहिने पैर से दिव्यांग था। स्वजनों के मुताबिक वह तीन दिन पूर्व ही बेंगलुरु से गांव लौटा था।
पूर्व से चल रहे जमीन विवाद को लेकर गांव के ही आरोपितों ने उसे घेर लिया और रस्सी से हाथ-पैर बांधकर ईंट-पत्थर एवं डंडे से बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी।
मृतक के गर्दन, चेहरा, पैर सहित कई जगह गहरे जख्म के निशान मिले हैं। स्वजनों ने गांव के ही छोटू यादव, धर्मेंद्र यादव एवं वार्ड सदस्य रवि कुमार पर हत्या का आरोप लगाया है।
मृतक की भाभी चांदनी देवी ने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान गोविंद की मौत हो जाने के बाद आरोपित शनिवार की रात्रि करीब 12 बजे शव को घर पहुंचाकर यह कहकर फरार हो गए कि वह शराब के नशे में बेहोश है।
स्वजनों ने आशंका जताई कि पहले गोविंद को शराब पिलाई गई, फिर योजनाबद्ध तरीके से घटना को अंजाम दिया गया। मृतक की मां ने बताया कि वार्ड सदस्य रवि के कहने पर मृतक के पैर में बंधी रस्सी खोली गई थी।
तीन दिन पहले गांव लौटा था गोविंद
स्वजनों ने बताया कि गोविंद तीन दिन पहले ही बाहर से लौटा था। भूमि विवाद को लेकर पूर्व में भी आरोपितों से विवाद और मारपीट हो चुकी थी।
मृतक की जमीन से सटे आरोपित का डेरा है, जहां मवेशी बांधने को लेकर भी विवाद चल रहा था। इसी रंजिश को हत्या की वजह बताया जा रहा है।
आरोपी के डेरे से खून सना खूंटा बरामद
पुलिस ने छानबीन के दौरान आरोपित के डेरे से खून से सना खूंटा बरामद किया है। पुलिस उसे अपने साथ जांच के लिए ले गई। इसे हत्या से जुड़े अहम साक्ष्य के तौर पर देखा जा रहा है। घटनास्थल से कुछ दूरी पर खून के धब्बे भी मिले हैं।
खबरें और भी
एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य
मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम ने घटनास्थल पहुंचकर वैज्ञानिक तरीके से जांच की। टीम ने मृतक के शरीर पर मिले चोट के निशानों की तस्वीरें ली और नमूने एकत्र किए। आरोपित के डेरे की भी गहन पड़ताल की गई।
शव उठाने को लेकर पुलिस-स्वजनों में नोकझोंक
घटना की सूचना पर वीरपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने लगी। इस दौरान स्वजन आरोपितों की गिरफ्तारी से पहले शव उठाने देने को तैयार नहीं थे, जिससे पुलिस और स्वजनों के बीच तीखी नोंक-झोंक हुई। काफी समझाने-बुझाने के बाद पुलिस शव को सदर अस्पताल बेगूसराय पोस्टमार्टम के लिए भेज सकी।
गांव में तनाव, गिरफ्तारी की मांग तेज
घटना के बाद गांव में तनाव और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीण दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आरोपित के डेरे के पास चौकीदार की प्रतिनियुक्ति की गई है।
प्रभारी सदर डीएसपी- टू इमरान ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की और कहा कि ईंट-पत्थर से हत्या किए जाने के साक्ष्य मिले हैं।
स्वजन के बयान के आधार पर हर पहलू से जांच की जा रही है तथा जल्द आरोपितों की गिरफ्तारी होगी। गोविंद चार भाइयों में सबसे छोटा था, जबकि सात बहनें हैं। एक बड़े भाई की पहले ही मौत हो चुकी है।