बेगूसराय विस्फोट मामला: 35 साल बाद पूर्व सांसद सूरजभान सिंह समेत 3 बरी, कोर्ट ने सुनाया फैसला
बेगूसराय की एमपी/एमएलए स्पेशल जज कोर्ट ने 35 साल पुराने एक विस्फोट मामले में पूर्व सांसद सूरजभान सिंह, राम लखन सिंह और ललन सिंह को साक्ष्य के अभाव में ...और पढ़ें

सूरजभान सिंह। (फाइल फोटो)
HighLights
पूर्व सांसद सूरजभान सिंह 35 साल पुराने मामले में बरी।
बेगूसराय कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में तीनों को दोषमुक्त किया।
राम लखन सिंह और ललन सिंह भी मामले से बरी।
जागरण संवाददाता, बेगूसराय। बेगूसराय की एडीजे-2 सह एमपी/एमएलए स्पेशल जज ब्रजेश कुमार सिंह ने शनिवार को 35 वर्ष पुराने एक आपराधिक मामले में पूर्व सांसद सूरज सिंह उर्फ सूरजभान सिंह, भाजपा के वरिष्ठ नेता राम लखन सिंह तथा ललन सिंह को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए आरोपों से बरी कर दिया।
अदालत ने तीनों को बंधपत्र के दायित्वों से भी मुक्त कर दिया। मामले में आरोपितों की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता एवं पूर्व लोक अभियोजक सैयद मो. मंसूर आलम ने बताया कि यह मामला बरौनी थाना कांड संख्या 449/1991 से संबंधित है।
आवासीय परिसर में हुआ था विस्फोट
उन्होंने बताया कि इस मामले की मूल प्राथमिकी स्वयं राम लखन सिंह द्वारा दर्ज कराई गई थी। प्राथमिकी के अनुसार, 2 नवंबर 1991 को सुबह करीब 11 बजे उनके आवासीय परिसर स्थित गोहाल में जोरदार विस्फोट हुआ था।
विस्फोट से खपरैल की छत उड़ गई थी तथा एक व्यक्ति घायल हो गया था। हालांकि, जांच के दौरान पुलिस ने शिकायतकर्ता के कथन को स्वीकार नहीं किया और जांच के बाद राम लखन सिंह, सूरजभान सिंह तथा ललन सिंह को ही आरोपित बना दिया।
खबरें और भी
लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद 21 अप्रैल 2018 को अदालत ने तीनों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 307, 324, 427, 120बी तथा विस्फोटक अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत आरोप तय किए थे।
मामले के विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष पुलिस गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों के माध्यम से आरोपों को सिद्ध नहीं कर सका। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एडीजे-2 सह एमपी/एमएलए स्पेशल जज ब्रजेश कुमार सिंह ने संदेह का लाभ देते हुए तीनों आरोपितों को बरी करने का आदेश पारित किया।