भागलपुर का 'खास' इलाका पक्षियों को क्यों आ रहा इतना रास? लगातार चौथे साल घोंघिलों ने डाला डेरा
भागलपुर के अलीगंज स्थित आकाशवाणी परिसर में एशियन ओपनबिल स्टॉर्क (घोंघिल) पक्षियों की लगातार चौथे वर्ष वापसी हुई है, जो इस क्षेत्र को उनके प्रजनन के लि ...और पढ़ें

भागलपुर आकाशवाणी परिसर में लगातार चौथे साल लौटे घोंघिल पक्षी, पेड़ों पर आशियाना बनाने की प्रक्रिया हुई तेज
जागरण संवाददाता, भागलपुर। Asian Openbill Stork Bird in Bhagalpur: बिहार के भागलपुर शहर के अलीगंज स्थित आकाशवाणी परिसर में एक बार फिर एशियन ओपनबिल स्टॉर्क यानी घोंघिल पक्षियों की वापसी ने पूरे इलाके को जीवंत कर दिया है। लगातार चौथे वर्ष इन प्रवासी पक्षियों ने इसी खास स्थल को अपने प्रजनन के लिए चुना है।
भागलपुर का इलाका पक्षियों के लिए बना सुरक्षित आशियाना
पक्षियों की इस लगातार वापसी से साफ संकेत मिल रहा है कि भागलपुर का यह इलाका अब भी उनके लिए सुरक्षित और अनुकूल प्राकृतिक आवास बना हुआ है। बीते तीन वर्षों से यहां सफलतापूर्वक घोंसले बनाकर प्रजनन कर रहे घोंघिल इन दिनों फिर से नए घोंसला निर्माण में जुट गए हैं।
शोरगुल के बीच तिनका-तिनका जोड़कर बना रहे घोंसला
परिसर और आसपास के पेड़ों पर पक्षियों की गतिविधियां काफी तेज हो गई हैं। ये पक्षी टहनियां और अन्य जरूरी सामग्री जुटाकर अपना आशियाना तैयार कर रहे हैं। व्यस्त यातायात और शहर के शोरगुल के बावजूद इनका बार-बार लौटना पर्यावरणीय संतुलन की दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है।
भोजन और सुरक्षा मिलने की वजह से लौट रहे हैं पक्षी
तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) के जंतु विज्ञान विभाग के प्राध्यापक एवं पक्षी विशेषज्ञ डॉ. डीएन चौधरी ने बताया कि किसी भी पक्षी का लगातार एक ही स्थान पर लौटना इस बात का प्रमाण है कि वहां भोजन, पेड़ों की उपलब्धता, जल स्रोत और सुरक्षा जैसी सभी आवश्यक स्थितियां मौजूद हैं।
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शहरी कोलाहल से दूर शांत पेड़ों को दे रहे प्राथमिकता
डॉ. चौधरी के शोधार्थी जय कुमार जय ने बताया कि अध्ययन के दौरान देखा गया है कि पहले सड़क किनारे बने कई घोंसलों को घोंघिलों ने छोड़ दिया है। अब वे अपेक्षाकृत शांत और कम व्यवधान वाले पेड़ों को प्राथमिकता दे रहे हैं। आकाशवाणी परिसर से सटे पेड़ों पर उनकी मौजूदगी इसी सजगता को दर्शाती है।
जून से नवंबर तक चलता है घोंघिलों का प्रजनन काल
शोधार्थी जय कुमार जय और चंदन कुमार ठाकुर, डॉ. चौधरी के निर्देशन में पूरे प्रजनन काल के दौरान घोंघिलों के व्यवहार और शहरी परिवेश में उनके अनुकूलन का वैज्ञानिक अध्ययन कर रहे हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार, घोंघिलों का यह महत्वपूर्ण प्रजनन काल सामान्यतः जून के दूसरे सप्ताह से नवंबर के तीसरे सप्ताह तक चलता है।
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