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    घटोरा का पक्षी संसार : राजहंस, तिदारी बत्तख और लालसर के साथ सर्दियों के मेहमान और ग्रीष्मकालीन आगंतुक

    Updated: Mon, 30 Mar 2026 12:06 PM (IST)

    शरद ऋतु समाप्त होते ही भागलपुर के बिहपुर स्थित गंगा दियारा के सोनवर्षा घटोरा वेटलैंड से प्रवासी पक्षी अपने ठंडे प्रदेशों को लौटने लगे हैं। सर्दियों मे ...और पढ़ें

    HighLights

    1. प्रवासी पक्षी घटोरा वेटलैंड से अपने ठंडे प्रदेशों को लौटे।

    2. सर्दियों में लगभग 12 हजार विदेशी पक्षी यहाँ आए थे।

    3. अब स्थानीय ग्रीष्मकालीन पक्षियों का आगमन शुरू हो गया है।

    संवाद सूत्र, बिहपुर (भागलपुर)। शरद ऋतु के जाते ही ग्रीष्म ऋतु ने अपने आगमन की दस्तक दे दी है। भागलपुर के नवगछ‍िया इलाके के बिहपुर में स्थित गंगा दियारा के सोनवर्षा घटोरा वेटलैंड क्षेत्र में जैसे ही गर्मी की शुरुआत होती है, वैसे ही ठंडे प्रदेशों जैसे सेंट्रल एशिया और साइबेरियन क्षेत्र से आने वाले प्रवासी पक्षी वापस लौटने लगे हैं।

    शरद ऋतु में पहुंचे प्रवासी पक्षी

    बिहार जलपक्षी गणना के अनुसार इस शरद ऋतु में घटोरा वेटलैंड में लगभग 12 हजार प्रवासी/विदेशी पक्षी आए थे। ये पक्षी सर्दियों में यहां अनुकूल जलवायु और भोजन की उपलब्धता के कारण आते हैं। तापमान बढ़ने पर ये अपने प्रजनन स्थलों की ओर लौट जाते हैं।

    Sonvarsha Ghatora Wetland 1

    पर्यावरण और पक्षीविद दीपक कुमार 'झुन्नू' बताते हैं कि मुख्य प्रवासी पक्षियों में राजहंस, लालसर, तिदारी बत्तख, चैता, सिंकपर, कामन टील, कुशिया चाहा गडबाल और ग्रेलेग गूज शामिल हैं। ये सभी सर्दियों में जलाशयों और वेटलैंड में बड़ी संख्या में देखे जाते हैं।

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    रिटर्न माइग्रेशन और दलदली क्षेत्र

    कुछ पक्षियों का रिटर्न माइग्रेशन थोड़ी देर से होता है, जैसे ब्लैक-टेल्ड गाडविट, स्पाटेड रेडशैंक और ग्रीनशैंक। ये पानी के किनारे रहने वाले पक्षी अभी कुछ समय तक यहां रुकते हैं क्योंकि दलदली क्षेत्रों में उन्हें पर्याप्त भोजन मिलता है।

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    स्थानीय ग्रीष्मकालीन पक्षियों का आगमन

    श्री झून्नु के साथ-साथ सोनवर्षा की मुखिया नीनारानी और अजय उर्फ लाली कुंवर बताते हैं कि जैसे-जैसे ये शीतकालीन अतिथि/प्रवासी पक्षी लौटते हैं, वैसे-वैसे स्थानीय ग्रीष्मकालीन पक्षियों का आगमन शुरू हो जाता है।

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    इस समय क्षेत्र में कोयल, पपीहा, व्हाइट-टेल्ड स्टोन चैट, वेडर समूह की पक्षियां, साथ ही विभिन्न मत्स्य भक्षी और कीटभक्षी पक्षी कलरव करने लगते हैं।

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    घटोरा का पक्षी संसार

    दीपक कुमार 'झून्नु' कहते हैं कि घटोरा का पक्षी संसार मौसम के अनुसार बदलता रहता है। हर ऋतु में यह क्षेत्र नए आकर्षण और पक्षियों की विविधता पेश करता है, जिससे पर्यटक और पक्षी प्रेमी दोनों का मन मोह लिया जाता है।

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    सभी तस्वीरें वन विभाग की ओर से उपलब्ध कराई गई हैं।

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