भागलपुर में कोरोना का बढ़ा दायरा : 65 वर्षीय व्यापारी की बेटी भी पॉजिटिव, JLNMCH में पिता के साथ हुई भर्ती
भागलपुर में कोरोना संक्रमण का दायरा बढ़ गया है, जहां 65 वर्षीय बीज व्यापारी के बाद उनकी 35 वर्षीय बेटी भी कोविड पॉजिटिव पाई गई है। इसके चलते जवाहरलाल ...और पढ़ें

जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (JLNMCH) के माइक्रोबायोलॉजी विभाग से सोमवार को आई आरटीपीसीआर (RT-PCR) जांच रिपोर्ट में महिला के संक्रमित होने की आधिकारिक पुष्टि हुई है।
HighLights
भागलपुर में 65 वर्षीय व्यापारी की बेटी भी कोरोना पॉजिटिव।
JLNMCH में 30 बेड का नया आइसोलेशन वार्ड बनेगा।
अस्पताल प्रशासन ने संक्रमण नियंत्रण प्रोटोकॉल का निर्देश दिया।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। भागलपुर जिले में कोरोना संक्रमण का दायरा अब धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। शहर के लालूचक इलाके में रहने वाले 65 वर्षीय कोरोना संक्रमित बीज व्यापारी के बाद अब उनकी देखभाल कर रही उनकी 35 वर्षीय बेटी भी कोविड पॉजिटिव पाई गई हैं।
आरटीपीसीआर में हुई पुष्टि
जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (JLNMCH) के माइक्रोबायोलॉजी विभाग से सोमवार को आई आरटीपीसीआर (RT-PCR) जांच रिपोर्ट में महिला के संक्रमित होने की आधिकारिक पुष्टि हुई है। रिपोर्ट सामने आते ही स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।
पिता की कर रही थीं देखभाल
प्राप्त विवरण के अनुसार, संक्रमित पाई गई 35 वर्षीय बेटी अपने 65 वर्षीय पिता का इलाज कराने और अस्पताल में उनकी तीमारदारी के लिए सबौर से लगातार मायागंज अस्पताल आ-जा रही थीं। इसी दौरान वे भी संक्रमण की चपेट में आ गईं।
लक्षणों के बाद हुई जांच
पिता के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने और बेटी में भी सर्दी-खांसी जैसे लक्षण दिखते ही डॉक्टरों ने उनकी भी जांच कराने का फैसला लिया था। 20 जुलाई को उनके सैंपल की आरटीपीसीआर जांच की गई, जिसमें संक्रमण की पुष्टि हुई है।
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30 बेड का बनेगा आइसोलेशन वार्ड
जिले में एक ही परिवार के दो मरीज मिलने के बाद जेएलएनएमसीएच प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। संभावित नए मरीजों को बेहतर इलाज देने के लिए अस्पताल में 30 बेड का विशेष आइसोलेशन वार्ड बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
स्थान चयन पर आज होगी बैठक
अस्पताल अधीक्षक डॉ. एचपी दुबे ने बताया कि आइसोलेशन वार्ड फैब्रिकेटेड भवन या एमसीएच (मदर एंड चाइल्ड हेल्थ) ब्लॉक में बनाया जा सकता है। इस संबंध में सोमवार को अस्पताल प्रबंधन की बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
संदिग्ध मरीजों की होगी जांच
डॉ. दुबे ने निर्देश दिया है कि अस्पताल में लंबे समय से बुखार, सर्दी-खांसी और शरीर में दर्द से पीड़ित मरीजों की अनिवार्य रूप से आरटीपीसीआर जांच कराई जाएगी, खासकर उन मरीजों की जिन्हें दवाओं से राहत नहीं मिल रही है।
स्टाफ को प्रोटोकॉल का निर्देश
अस्पताल प्रशासन ने सभी डॉक्टरों, नर्सों और कर्मचारियों को मास्क पहनने, हाथों की नियमित सफाई करने और संक्रमण नियंत्रण से जुड़े कोरोना प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने का सख्त निर्देश दिया है।
मरीज स्वस्थ, घबराने की जरूरत नहीं
इधर, जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संदीप लाल ने बताया कि अस्पताल में भर्ती मरीज पूरी तरह स्वस्थ और स्थिर हैं। उन्होंने कहा कि यह एक सामान्य बीमारी की तरह है जो सही दवाओं से ठीक हो जाती है, इसलिए समाज में भय फैलाने की जरूरत नहीं है।
अनाधिकृत बयानों पर सख्त चेतावनी
प्राचार्य डॉ. संदीप लाल ने सख्त लहजे में कहा कि केवल सरकारी पद पर बैठे अधिकृत अधिकारी ही कोरोना को लेकर बयान जारी करें। गैर-सरकारी या निजी डॉक्टरों के बयान देने से समाज में भ्रम और अनावश्यक भय की स्थिति पैदा होती है, जिससे सभी को बचना चाहिए।
डीएम व स्वास्थ्य विभाग सतर्क
उधर, भागलपुर की जिलाधिकारी (DM) अलंकृता पांडेय ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सिविल सर्जन को जिले भर में निगरानी बढ़ाने और अस्पतालों में एहतियाती इंतज़ाम मुस्तैद रखने के निर्देश दिए हैं।
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