सिल्क सिटी भागलपुर में कोरोना की दस्तक, डॉ. हेमशंकर शर्मा के क्लीनिक में भर्ती 65 वर्षीय बुजुर्ग की रिपोर्ट पॉजिटिव
भागलपुर में लंबे समय बाद कोरोना संक्रमण का पहला मामला सामने आया है, जहां लालूचक के एक बीज व्यापारी संक्रमित पाए गए हैं। उन्हें जवाहर लाल नेहरू मेडिकल ...और पढ़ें

भागलपुर में कोरोना के नए मरीज से मची सनसन। प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
भागलपुर में लंबे समय बाद कोरोना संक्रमण का पहला मामला।
65 वर्षीय बीज व्यापारी 'हैप्पी हाइपोक्सिया' के शिकार, ICU में।
जिला प्रशासन और अस्पताल अलर्ट पर, सतर्कता बरतने की अपील।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। लंबे समय के शांत अंतराल के बाद भागलपुर जिले में एक बार फिर कोरोना संक्रमण ने दस्तक दे दी है। इस वर्ष पहली बार शहर के लालूचक मोहल्ले में किराए के मकान में अकेले रह रहे एक बीज व्यापारी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं।
आरटीपीसीआर में हुई पुष्टि
व्यापारी की रियल टाइम पालीमरेज चेन रिएक्शन (RT-PCR) जांच में संक्रमण की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें तुरंत जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (JLNMCH) के आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है।
15 जुलाई को बिगड़ी तबीयत
प्राप्त जानकारी के अनुसार व्यापारी की तबीयत 15 जुलाई को अचानक बिगड़ी थी। मकान मालिक उन्हें एक निजी चिकित्सक के पास ले गए, जहां डॉक्टरों को उनमें कोरोना जैसे संदिग्ध लक्षण दिखे।
19 जुलाई को आई रिपोर्ट
लक्षणों के आधार पर 16 जुलाई को उनकी आरटीपीसीआर जांच कराई गई, जिसकी रिपोर्ट 19 जुलाई को पॉजिटिव आई। संक्रमण की पुष्टि होते ही उन्हें तुरंत मायागंज अस्पताल (JLNMCH) रेफर कर दिया गया।
हैपी हाइपोक्सिया के शिकार
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. हेमशंकर शर्मा ने बताया कि मरीज को लगातार सांस फूलने, सर्दी-खांसी और शरीर में ऑक्सीजन का स्तर गिरने की गंभीर समस्या थी। वे 'हैपी हाइपोक्सिया' का शिकार हो गए थे, जिसमें ऑक्सीजन कम होने पर भी मरीज को शुरुआत में परेशानी का अहसास नहीं होता है।
आइसोलेशन में चल रहा इलाज
मामला संदिग्ध होने के कारण मरीज को शुरुआती चरण से ही अलग कमरे में रखा गया था। मरीज की देखभाल में तैनात स्वास्थ्यकर्मियों को पीपीई किट, मास्क और ग्लव्स पहनने सहित विशेष एहतियात बरतने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
खबरें और भी
-1784464002858.jpg)
शादीशुदा बेटी कर रही देखभाल
मकान मालिक ने बताया कि व्यापारी लालूचक में अकेले रहते हैं। उनकी एक बेटी है, जिसकी शादी सबौर में हुई है। खबर मिलते ही वही अस्पताल पहुंचकर उनकी देखभाल कर रही है। नया मकान बनने के कारण व्यापारी की बीज दुकान इन दिनों बंद चल रही थी।
आईसीयू के अलग विंग में
मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. राजकमल चौधरी ने बताया कि मरीज का ऑक्सीजन स्तर फिलहाल 95 प्रतिशत पर स्थिर और नियंत्रण में है। उन्हें डॉ. यू. फारूक की यूनिट में भर्ती कर आईसीयू के विशेष विंग में रखा गया है।
सोमवार को दोबारा होगी जांच
डॉ. राजकमल चौधरी के अनुसार, संक्रमण के फैलाव को देखते हुए उस विंग में किसी अन्य मरीज को नहीं रखा गया है। सोमवार को सरकारी स्तर पर एक बार फिर उनकी आरटीपीसीआर जांच कराई जाएगी ताकि स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सके।
प्राचार्य के निर्देश पर अलर्ट
संक्रमण की जानकारी मिलते ही मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संदीप लाल ने पूरे अस्पताल प्रशासन को अलर्ट पर डाल दिया। मरीज के पहुंचते ही बिना किसी देरी के तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उपचार शुरू कराया गया।
घबराने नहीं, सतर्क रहने की जरूरत
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संदीप लाल ने आम जनता से अपील की है कि इस मामले को लेकर समाज में भय या अफवाह का माहौल न बनाएं। वर्तमान में आ रहे मामले पहले की तरह घातक नहीं हैं, लेकिन सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनना और सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है।
डीएम व सिविल सर्जन अलर्ट
उधर, भागलपुर की जिलाधिकारी (DM) अलंकृता पांडेय ने बताया कि कोविड संक्रमण की पुष्टि होते ही सिविल सर्जन को जिले भर में आवश्यक स्वास्थ्य एहतियात बरतने और निगरानी बढ़ाने का निर्देश जारी कर दिया गया है।