भागलपुर में निगम कर्मियों की हड़ताल से 51 वार्डों में सफाई ठप, सड़कों पर लगा 700 मीट्रिक टन कचरा
सफाई कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल के कारण भागलपुर शहर कूड़े के ढेर में तब्दील हो गया है। ...और पढ़ें

शहर के गोला चौक पर सड़क पर पड़ा कचरा। (जागरण)
HighLights
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से भागलपुर में 700 टन कचरा जमा।
सावन की पहली सोमवारी पर भी शहर में गंदगी का आलम।
बदबू और बीमारियों के खतरे से लोग परेशान, आवागमन बाधित।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। सावन की पहली सोमवारी पर शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो गई। नगर निगम के दैनिक सफाई मजदूरों के स्थायी कर्मचारियों की हड़ताल के समर्थन में उतरने से पिछले तीन दिनों से 51 वार्डों में सफाई व्यवस्था ठप है।
सोमवार को भी कूड़े का उठाव नहीं होने से शहर की गलियों से लेकर मुख्य सड़कों तक कचरे के ढेर लग गए। इससे लोगों को बदबू और सड़ांध के बीच आवागमन करना पड़ा।
हड़ताल के कारण शहर में करीब 700 मीट्रिक टन कचरा जमा हो गया है। आंदोलनकारियों ने तातारपुर स्थित निगम गोदाम और जोनल कार्यालयों से कूड़ा उठाने वाले वाहनों को बाहर नहीं निकलने दिया।
इसके चलते घरों से कूड़ा उठाव पूरी तरह बाधित रहा। मजबूर होकर कई लोगों ने अपने घरों का कचरा सड़क किनारे और खाली जगहों पर फेंक दिया। प्रमुख चौक-चौराहों और डंपिंग स्थलों पर कूड़े के बड़े-बड़े ढेर लग गए।
बदबू से राहगीर परेशान, बीमारी का बढ़ा खतरा
कचरा जमा होने से शहर के कई इलाकों में सड़ांध और दुर्गंध फैल गई। लोगों को नाक पर रूमाल रखकर गुजरना पड़ा। बाजारों में भी बदबू के कारण ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित रही।
लंबे समय से कचरा जमा रहने के कारण संक्रामक बीमारियों और मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की आशंका से लोग चिंतित हैं। लोगों का कहना है कि सफाई व्यवस्था बाधित होने का सीधा असर आम जनजीवन पर पड़ रहा है।
घरों में जमा कचरा सड़क पर फेंकने के अलावा उनके पास कोई विकल्प नहीं बचा है। हड़ताल समाप्त नहीं होने तक सफाई व्यवस्था सामान्य होने की उम्मीद भी कम है।
मंदिर मार्ग भी कचरे से घिरे
सावन की पहली सोमवारी को देखते हुए नगर निगम ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत बूढ़ानाथ मंदिर और आसपास के क्षेत्र की सफाई कराई। इसके बावजूद मंदिर तक पहुंचने वाले अधिकांश मार्गों पर कचरे का अंबार लगा रहा।
श्रद्धालुओं को भी गंदगी के बीच आवागमन करना पड़ा। देर रात निगम ने जेसीबी, हाइवा और वैकल्पिक मजदूरों की मदद से कुछ स्थानों से कूड़ा उठाने का काम शुरू कराया। हालांकि, 51 वार्डों में जमा कचरे को देखते हुए यह व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है।
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इन इलाकों में सबसे अधिक परेशानी
खलीफाबाग चौक, महादेव टाकीज, स्टेशन रोड, लोहिया पुल के नीचे, लोहापट्टी, भीखनपुर, आदमपुर, खंजरपुर, मुंदीचक, अलीगंज, मिरजानहाट, बूढ़ानाथ से नया बाजार मार्ग समेत शहर के कई हिस्सों में कचरे का अंबार लगा रहा।
नाथनगर के वार्ड एक से 12 तक भी सफाई व्यवस्था प्रभावित रही। कई स्थानों पर सड़क का बड़ा हिस्सा कचरे से घिर जाने के कारण लोगों को आवागमन में भी परेशानी हुई।
निगम की वैकल्पिक व्यवस्था के बावजूद सफाई मजदूरों की हड़ताल के कारण शहर में सामान्य सफाई व्यवस्था बहाल नहीं हो सकी।
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