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    पटना में सफाई कर्मियों की हड़ताल से सफाई व्यवस्था ध्वस्त, बदबू से लोग बेहाल

    Updated: Mon, 03 Aug 2026 06:00 AM (IST)

    पटना में नगर निगम कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर चौथे दिन भी दिखा, जिससे शहर में कूड़े के ढेर लग गए और बदबू फैल गई। ...और पढ़ें

    बहादुरपुर पुल पर टिपर से निकालकर फेंका गया कचरा। (जागरण)

    बहादुरपुर पुल पर टिपर से निकालकर फेंका गया कचरा। (जागरण)

    HighLights

    1. पटना में नगर निगम कर्मियों की हड़ताल का चौथा दिन।

    2. शहर में 4800 टन कचरा जमा, संक्रमण का खतरा बढ़ा।

    3. निगम ने सीमित डोर-टू-डोर उठाव और रात्रि सफाई शुरू की।

    जागरण संवाददाता, पटना। नगर निगम कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर रविवार को चौथे दिन भी राजधानी की सफाई व्यवस्था पर साफ दिखा।

    शहर की सड़कें, बाजार और प्रमुख मार्ग कूड़े के ढेर से पटे रहे। मानसून की वर्षा के बीच कचरा सड़ने से कई इलाकों में बदबू फैल गई।

    संक्रमण और मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। चार दिनों में शहर में करीब 4,800 टन कचरा जमा होने का अनुमान है।

    आइएमए हाल, राजीव नगर, एजी कॉलोनी, जनक किशोर पथ, ठाकुरबाड़ी रोड, पाटलिपुत्र पार्क, न्यू सचिवालय के सामने, नया टोला और मछुआ टोली समेत कई इलाकों में कूड़े के ढेर लगे रहे।

    इधर, सफाई व्यवस्था बहाल करने के लिए लगातार प्रयास के बाद चौथे दिन नगर निगम ने रविवार सुबह सीमित स्तर पर डोर-टू-डोर कचरा उठाव शुरू कराया।

    पुलिस की सुरक्षा में पूरे शहर में केवल 26 क्लोज टिपर वाहनों को उतारा गया, जबकि सामान्य दिनों में 375 वाहन कचरा संग्रहण करते हैं। नगर निगम के दबाव के बाद चालकों की आपूर्ति करने वाली आउटसोर्सिंग एजेंसी मार्यन कार्स ऑटो सर्विसेज ने हड़ताल का समर्थन करने और बिना सूचना ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले दो चालकों की सेवा समाप्त कर दी।

    निगम प्रशासन का कहना है कि अतिरिक्त मानवबल और संसाधन जुटाकर आने वाले दिनों में सफाई व्यवस्था सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है। रविवार सुबह शुरू हुए सीमित डोर-टू-डोर कचरा उठाव से रात्रिकालीन विशेष सफाई अभियान पर दबाव कुछ कम हुआ है।

    नगर निगम में कुल 647 स्थायी सफाईकर्मी, 3,816 दैनिक सफाई कर्मी तथा 4,822 आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से उपलब्ध सफाईकर्मी हड़ताल पर हैं।

    तीन रात के विशेष अभियान में 235 टन कचरे का उठाव

    नगर निगम कर्मियों की हड़ताल के बीच शहर की सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए नगर निगम ने लगातार तीसरी रात भी पुलिस की सुरक्षा में विशेष सफाई अभियान चलाया।

    तीन दिनों के रात्रिकालीन अभियान में करीब 235 टन कचरे का उठाव किया गया। निगम का कहना है कि दिन में यातायात प्रभावित नहीं हो, इसलिए रात में प्रमुख सड़कों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों की सफाई कराई जा रही है।

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    नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने रविवार देर रात विभिन्न अंचलों का दौरा कर सफाई कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने पटना जंक्शन, गोलघर, अशोक राजपथ, पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स और मोइन-उल-हक स्टेडियम समेत कई प्रमुख स्थानों का जायजा लिया।

    इस दौरान अधिकारियों को कचरा उठाव में तेजी लाने, सफाई कार्य की गुणवत्ता बनाए रखने और मशीनों का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

    हड़ताल शत-प्रतिशत सफल, दमन से नहीं झुकेंगे कर्मी : समन्वय समिति

    दैनिक कर्मचारियों को स्थायी करने, आउटसोर्सिंग व्यवस्था खत्म कर कर्मचारियों का नगर निकायों में समायोजन करने तथा एसीपी व एमएसीपी पर लगी रोक हटाने की मांग को लेकर नगर निगम कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति के बैनर तले निगम कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल 30 जुलाई से चल रही है।

    समिति के प्रवक्ता जितेंद्र कुमार ने दावा किया कि सफाईकर्मियों की हड़ताल शत-प्रतिशत सफल है। उनका आरोप है कि नगर निगम और जिला प्रशासन हताशा में दमनात्मक रवैया अपना रहे हैं। समिति ने स्पष्ट किया कि प्रशासन या तो वार्ता कर समाधान निकाले या फिर दमन की नीति अपनाए, दोनों साथ नहीं चल सकते।

    बहादुरपुर पुल पर टिपर से कचरा उड़ेल यातायात रोकना का प्रयास

    हड़ताल के बीच कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा सफाई कार्य में व्यवधान भी डाला जा रहा है। बहादुरपुर पुल पर बैरिया जा रहे एक कचरा टिपर को रोककर उसका सारा कचरा सड़क पर उड़ेल दिया गया। कचरा फैलने के कारण पुल पर बाइक और अन्य वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी से सड़क की सफाई कराई गई।

    मृत मवेशियों को सड़कों पर फेंक माहौल बिगाड़ने की आशंका

    शहर में अचानक सड़कों पर मृत मवेशियों के मिलने की शिकायतें बढ़ गई हैं। यह आशंका व्यक्त की जा रही है कि हड़ताल के दौरान जानबूझकर मृत मवेशियों को मुख्य रास्तों पर लाकर फेंका जा रहा है ताकि शहर का माहौल खराब हो सके।

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