भागलपुर में ग्रीनफील्ड टाउनशिप के लिए जमीन खरीद शुरू, मास्टर प्लान तक निर्माण पर रोक
भागलपुर में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के लिए रैयतों से जमीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिसके लिए बिहार राज्य आवास बोर्ड ने एसओपी जारी की है। ...और पढ़ें

एआई जनरेटेड फोटो
HighLights
भागलपुर में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के लिए जमीन खरीद प्रक्रिया शुरू।
आवास बोर्ड ने रैयतों की सहमति से भूमि क्रय के निर्देश दिए।
मास्टर प्लान तक 2027 तक जमीन खरीद-बिक्री, निर्माण पर रोक।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के लिए रैयतों से जमीन खरीद की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बिहार राज्य आवास बोर्ड ने मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी), चरणवार प्रपत्र तथा नामित व अधिकृत पदाधिकारियों की सूची जिलाधिकारियों और प्रमंडलीय आयुक्त को भेजते हुए भूमि क्रय की कार्रवाई का निर्देश दिया है। जिला प्रशासन ने भी जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दे दिए हैं।
आवास बोर्ड के प्रबंध निदेशक की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के बजाय रैयतों की सहमति से जमीन खरीदी जाएगी। इसके लिए आवश्यक दस्तावेजों की सूची और पूरी कार्यप्रणाली संबंधित जिलों को भेजी गई है। पूरी प्रक्रिया राज्य सरकार से स्वीकृत एसओपी के अनुरूप होगी।
भूमि क्रय में रैयतों की सहमति, सभी कानूनी प्रावधानों का पालन तथा प्रत्येक चरण की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप को जिले के नियोजित शहरी विस्तार की महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। इसके तहत आधुनिक आवासीय क्षेत्र, सड़क, पेयजल, जल निकासी, हरित क्षेत्र तथा अन्य शहरी सुविधाओं का विकास किया जाना प्रस्तावित है।
30 जून 2027 तक जमीन की खरीद-बिक्री व निर्माण पर रोक
विक्रमशिला ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप परियोजना को लेकर नगर विकास एवं आवास विभाग ने आयोजना क्षेत्र के विशेष (स्पेशल एरिया) और कोर एरिया में 30 जून 2027 तक जमीन की खरीद-बिक्री, हस्तांतरण, भू-विकास तथा नए भवनों के निर्माण पर रोक लगा दी है। यह निर्णय प्रस्तावित मास्टर प्लान तैयार करने की प्रक्रिया को ध्यान में रखकर लिया गया है। अधिसूचना के अनुसार 26 जून 2026 को भागलपुर आयोजना क्षेत्र का विस्तार किया गया था।
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विस्तारित क्षेत्र में शामिल टाउनशिप के कोर और विशेष क्षेत्र के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। इसके लिए विकास गतिविधियों पर अस्थायी रोक लगाई गई है। सबसे अधिक नाथनगर प्रखंड प्रभावित होगा। इसके अलावा शाहकुंड, सुल्तानगंज और नारायणपुर प्रखंड के कई गांव तथा अकबरनगर नगर पंचायत क्षेत्र भी योजना में शामिल हैं।
अधिसूचना के अनुसार कुल 126 प्रशासनिक इकाइयों और राजस्व गांवों को योजना के दायरे में लाया गया है। इनमें नाथनगर के फतेहपुर, बिहारीपुर, भतौरिया, गंगाप्रसाद, पैगंबरपुर, भोलापुर, खिलौन, मणियारपुर चौर सहित अनेक गांव शामिल हैं। विभाग के अनुसार मास्टर प्लान के तहत सड़क, जल निकासी, हरित क्षेत्र, आवासीय, व्यावसायिक और संस्थागत क्षेत्रों का सुनियोजित विकास किया जाएगा।
इसी उद्देश्य से फिलहाल भूमि संबंधी सभी प्रकार के लेन-देन और निर्माण गतिविधियों पर रोक लगाई गई है, ताकि भविष्य की योजना प्रभावित न हो। 30 जून 2027 तक इन क्षेत्रों में जमीन की रजिस्ट्री, हस्तांतरण, प्लाटिंग और नए भवनों के निर्माण पर रोक रहेगी।
प्रतिबंध अवधि में अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मास्टर प्लान तैयार होने के बाद ही आगे की विकास प्रक्रिया और भूमि उपयोग संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
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