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    पटना में सभी बहुमंजिला इमारतों और फ्लैट पर लगेगा टैक्स, नगर निगम ने शुरू किया विशेष अभियान 

    Updated: Tue, 28 Jul 2026 11:30 PM (IST)

    नगर निगम पटना शहर की सभी बहुमंजिला इमारतों और अपार्टमेंट के हर फ्लैट को संपत्ति कर के दायरे में लाने के लिए विशेष अभियान चला रहा है। इसका उद्देश्य कर ...और पढ़ें

    बहुमंजिला इमारतें। फाइल फोटो

    बहुमंजिला इमारतें। फाइल फोटो

    HighLights

    1. सभी बहुमंजिला इमारतों, अपार्टमेंट्स को संपत्ति कर दायरे में लाया जाएगा।

    2. राजस्व बढ़ाने और शहर के विकास के लिए अभियान चलाया जा रहा है।

    3. बिजली उपभोक्ताओं के डेटा से कर संग्रह का दायरा बढ़ेगा।

    जागरण संवाददाता, पटना। नगर निगम अब शहर की सभी बहुमंजिला इमारतों और अपार्टमेंट के हर फ्लैट को संपत्ति कर के दायरे में लाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए निगम ने विशेष अभियान शुरू करने का फैसला किया है।

    उद्देश्य यह है कि कोई भी फ्लैट या भवन संपत्ति कर से बाहर न रहे और कर निर्धारण पूरी तरह पारदर्शी व सही तरीके से हो सके। अभियान के तहत नगर निगम के सभी अंचलों में टीम बनाकर सर्वे कराया जाएगा।

    संबंधित क्षेत्रों के सफाई निरीक्षक नियमित रूप से इलाके का दौरा करेंगे और हर अपार्टमेंट व बहुमंजिला भवन का भौतिक सत्यापन करेंगे। इस दौरान भवन में कुल कितने फ्लैट हैं, कितनी मंजिलें हैं, भवन किस सड़क पर स्थित है और अन्य जरूरी जानकारियां जुटाई जाएंगी।

    इसके बाद संबंधित वार्ड के नोडल पदाधिकारी अपार्टमेंट के सचिवों और प्रबंधन समिति से संपर्क करेंगे। उनसे निगम की ओर से तय प्रपत्र में प्रत्येक फ्लैट का पूरा विवरण उपलब्ध कराने को कहा जाएगा। इससे हर संपत्ति का अद्यतन रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा और संपत्ति कर निर्धारण में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं रहेगी।

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    सभी प्रपत्र मिलने के बाद संबंधित राजस्व पदाधिकारी उनका परीक्षण और सत्यापन करेंगे। उपलब्ध अभिलेखों का मिलान करने के बाद यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कर निर्धारण सही तथ्यों के आधार पर हो। सत्यापन पूरा होने के बाद संबंधित कार्यपालक पदाधिकारी अपनी रिपोर्ट नगर निगम मुख्यालय को भेजेंगे।

    राजस्व में होगी बढ़ोत्तरी 

    नगर निगम का मानना है कि इस अभियान से ऐसे फ्लैट और भवन भी संपत्ति कर के दायरे में आ जाएंगे, जिनका अब तक कर निर्धारण नहीं हुआ है। वहीं, जिन संपत्तियों का कर वास्तविक देयता से कम तय किया गया है, उनका भी दोबारा आकलन किया जाएगा। इससे नगर निगम के राजस्व में बढ़ोतरी होगी।

    अतिरिक्त आय का उपयोग शहर में सफाई, सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट और अन्य नागरिक सुविधाओं के विस्तार तथा शहरी आधारभूत संरचना को मजबूत करने में किया जाएगा।

    नगर निगम के रिकार्ड में भी 3,05,308 पंजीकृत संपत्तियां हैं। नगर निगम अब उन संपत्तियों की जांच भी कराएगा, जिनकी प्रापर्टी आइडी आवासीय श्रेणी में दर्ज है, लेकिन उनका उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। इससे संपत्ति कर में होने वाले नुकसान को रोकने और राजस्व बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।

    बिजली उपभोक्ताओं से संपर्क कर बढ़ाया जा रहा संग्रहण कर संग्रहण का दायरा

    नगर निगम संपत्ति कर संग्रहण का दायरा बढ़ाने के लिए ऊर्जा विभाग के आंकड़ों का सहारा ले रहा है। निगम क्षेत्र में जहां 6.97 लाख बिजली उपभोक्ता हैं, वहीं संपत्ति कर के दायरे में अभी सिर्फ 3.05 लाख संपत्तियां ही दर्ज हैं। यानी, करीब 3.92 लाख बिजली कनेक्शन ऐसे हैं, जिनकी संपत्ति कर संबंधी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

    इसी अंतर को कम करने और कर संग्रह बढ़ाने के लिए निगम ने विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत नगर निगम के कंट्रोल रूम में 26 सदस्यीय विशेष टीम बनाई गई है। यह टीम हर दिन बिजली उपभोक्ताओं को फोन कर उनकी संपत्ति से जुड़ी जानकारी जुटा रही है।

    काल के दौरान उपभोक्ताओं से प्रापर्टी आइडी, स्व-कर निर्धारण (एसएएस) नंबर और संपत्ति कर जमा करने की स्थिति पूछी जा रही है। जिन लोगों ने अब तक अपनी संपत्ति का कर निर्धारण नहीं कराया है, उन्हें इसकी पूरी प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज और आवेदन की जानकारी भी दी जा रही है। साथ ही जल्द कर निर्धारण कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

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