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    Bihar Election: भागलपुर में दलित वोटरों को साधने में जुटी बीजेपी, मैदान में उतारे हरियाणा-यूपी-ओडिशा-झारखंड के बड़े नेता

    Updated: Fri, 03 Oct 2025 11:47 PM (IST)

    बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा भागलपुर में सक्रिय है। जिले की सभी सात सीटों पर जीत के लिए पार्टी दलित मतदाताओं पर खास ध्यान दे रही है। इसके लिए अन ...और पढ़ें

    दलित मतदाताओं को साधने में जुटी बीजेपी। फोटो जागरण
    दलित मतदाताओं को साधने में जुटी बीजेपी। फोटो जागरण

    HighLights

    1. भाजपा का दलित मतदाताओं पर ध्यान |
    2. भागलपुर में चुनावी तैयारी तेज |
    3. अन्य राज्यों के दलित नेता सक्रिय |

    जागरण संवाददाता, भागलपुर। बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा पूरी तरह से एक्टिव मोड में आ गई है। निशाने पर जिले की सभी सातों विधानसभा सीटें हैं। जिले में एनडीए का क्लीन स्वीप सुनिश्चित कराने के लिए भाजपा हर वर्ग के वोटरों को साधने की तैयारी कर रही है।

    सबसे अधिक जोर दलित मतदाताओं को साधने पर है। इसके लिए देश के अलग-अलग प्रदेशों के दलित नेताओं को चुनावी मैदान में उतारा जा रहा है।

    हरियाणा के पूर्व मंत्री जगदीश नायर भागलपुर में प्रवास किए हुए हैं। वे एससी समाज के बड़े नेता हैं। उनका लगातार दौरा विभिन्न मोहल्लों में हो रहा है। वे दलित समाज के लोगों के साथ लगातार बैठक कर रहे हैं।

    उत्तर प्रदेश के महेंद्र सिंह सोलंकी, अशोक सोनकर, ओडिशा की सरोज जैना, झारखंड के नीरज नायर, राजेश पासवान जैसे नेता भी लगातार भागलपुर के अलग-अलग इलाकों का दौरा कर रहे हैं।

    इन नेताओं को दलित मतदाताओं को साधने का जिम्मा दिया गया है। इस कारण अलग-अलग दलित बस्तियों में बैठकें आयोजित की जा रही हैं, जहां केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं के संबंध में जानकारी दी जा रही है।

    भागलपुर विधानसभा क्षेत्र के साथ ही बिहपुर, गोपालपुर, पीरपैंती, कहलगांव, नाथनगर और सुल्तानगंज विधानसभा क्षेत्र में भी निरंतर बैठकों का दौर चल रहा है। मुख्य फोकस भागलपुर विधानसभा क्षेत्र पर है।

    भाजपा इस बार भागलपुर विधानसभा में हर हाल में जीत दर्ज करना चाह रही है। बीते तीन चुनावों में मिली हार और 2024 के लोकसभा चुनाव में भागलपुर विधानसभा सीट से पिछड़ने के मामले को भाजपा ने गंभीरता से लिया है।

    भाजपा से जुड़े स्थानीय दलित नेताओं को भी सक्रिय कर दिया गया है। कई दलित नेताओं को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेवारी दी गई है।

    अन्य जातियों पर भी है नजर

    दलित मतदाताओं के साथ ही अन्य छोटी-बड़ी जातियों के मतदाताओं पर भी भाजपा की नजर है। इसी कारण पार्टी की ओर से हर वर्ग के नेताओं को यहां बुलाया जा रहा है। अगले एक सप्ताह में आधा दर्जन से अधिक नेताओं के आने की संभावना है।

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    भाजपा इस बार हर जाति व वर्ग के नेताओं को बुलाकर संबंधित क्षेत्र में बैठक कराने जा रही है। भाजपा अपनी योजनाओं को पूरी तरह गोपनीय रख रही है। इनके द्वारा सांसद, विधायक, मंत्री आदि की निरंतर बैठक कराई जा रही हैं।

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