भागलपुर को कचरा मुक्त बनाने की तैयारी: हर वार्ड को मिलेंगे 5 ई-रिक्शा, बजट बढ़कर हुआ ₹239 करोड़
भागलपुर नगर निगम ने नई सफाई एजेंसी के चयन के लिए मॉडल प्राक्कलन में संशोधन को अंतिम मंजूरी दे दी है, जिससे बजट 216 करोड़ से बढ़कर 239 करोड़ रुपये हो ग ...और पढ़ें

HighLights
नई सफाई एजेंसी के लिए बजट 239 करोड़ हुआ।
हर वार्ड में 5 ई-रिक्शा, कुल 255 उपलब्ध होंगे।
अक्टूबर तक नई एजेंसी काम शुरू कर देगी।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। शहरी क्षेत्र की सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए सुझावों एवं संशोधनों पर अंतिम मुहर लग गई है। नगर निगम ने सशक्त स्थायी समिति एवं पार्षदों के साथ लगातार बैठकें करने के बाद नई सफाई एजेंसी के चयन को लेकर तैयार माडल प्राक्कलन में संशोधन किया है।
यह संशोधन सफाई संसाधनों में वृद्धि को ध्यान में रखकर किया गया है। बुधवार को मेयर डॉ. बसुंधरा लाल की अध्यक्षता में नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा के साथ हुई बैठक में प्रस्ताव पर सहमति बनी। इसके बाद मेयर, डिप्टी मेयर एवं सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों ने कार्यवाही (प्रोसीडिंग) पर हस्ताक्षर किए।
इसके साथ ही नई निविदा (एनआईटी) जारी करने का रास्ता साफ हो गया। संशोधित प्राक्कलन के अनुसार निविदा की लागत 216 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 239 करोड़ रुपये कर दी गई है। नई एजेंसी का चयन चार वर्षों के लिए किया जाएगा।
पहले निविदा भरने की अंतिम तिथि छह जुलाई निर्धारित की गई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 10 जुलाई किया गया। अब संशोधित कार्यक्रम के तहत 24 जुलाई से 20 अगस्त तक निविदा प्रपत्र जमा किए जा सकेंगे। नई एजेंसी के चयन की प्रक्रिया पूरी होने में लगभग तीन माह का समय लग सकता है।
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नगर निगम के अनुसार निविदा लागत बढ़ने का मुख्य कारण सफाई संसाधनों में वृद्धि है। इसके तहत 50 टीपीडी क्षमता के दो नए कचरा ट्रांसफर स्टेशन बनाए जाएंगे। कचरा संग्रहण के लिए 255 ई-रिक्शा उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रत्येक वार्ड में 5-5 ई-रिक्शा तैनात होंगे। वहीं, हूपर टिपर की संख्या बढ़ाकर 115 की जाएगी।
बैठक के दौरान पार्षदों ने कई महत्वपूर्ण सवाल भी उठाए। पार्षद संजय सिन्हा ने नगर आयुक्त से पूछा कि नई कंपनी के चयन के बाद सफाई व्यवस्था में पार्षदों की क्या भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में कचरा उठाव कराने अथवा शादी-विवाह एवं अन्य आयोजनों के दौरान स्थानीय लोग सफाई को लेकर पार्षदों पर दबाव बनाते हैं।
उन्होंने कहा कि निविदा की शर्तों के बजाय कंपनी के साथ होने वाले अनुबंध (एग्रीमेंट) में यह प्रावधान शामिल किया जाएगा कि पार्षदों की शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि कंपनी को रिजर्व में 10 अतिरिक्त ई-रिक्शा रखने होंगे, ताकि किसी वाहन के खराब होने पर तत्काल वैकल्पिक वाहन उपलब्ध कराया जा सके।
डिप्टी मेयर डॉ. सलाहउद्दीन अहसन ने कहा कि अक्टूबर तक नई कंपनी काम शुरू कर देगी। बैठक में भोलानाथ अंडरपास में जलजमाव की समस्या पर भी चर्चा हुई। नगर आयुक्त ने बताया कि अंडरपास से गुजरने वाले नाले की दीवार की ऊंचाई बढ़ाई जाएगी।
इसके लिए निगम की टीम ने कार्य प्रारंभ कर दिया है। वहीं, पार्षद मिंटू कुरैशी ने पार्षदों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग की। इस पर नगर आयुक्त ने आश्वासन दिया कि आपसी समझौते के बाद न्यायालय से मुकदमा वापस लेने का आग्रह किया जाएगा।