भागलपुर बनेगा पूर्वी भारत का इंडस्ट्रियल हब: भागलपुरी सिल्क-मक्का-लीची और शहद को मिलेगी वैश्विक पहचान
ईस्टर्न बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने बिहार की ड्राफ्ट एमएसएमई नीति-2026 का स्वागत किया है, जिससे भागलपुर पूर्वी भारत का औद्योगिक केंद्र बन सकता है। ...और पढ़ें
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HighLights
ईबिया ने बिहार की एमएसएमई नीति-2026 का स्वागत किया।
भागलपुर में टेक्नोलाजी एवं एक्सटेंशन सेंटर स्थापित होगा।
भागलपुरी सिल्क, मक्का, लीची, शहद को मिलेगी वैश्विक पहचान।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। ईस्टर्न बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (ईबिया) ने बिहार सरकार की ड्राफ्ट एमएसएमई नीति-2026 का स्वागत करते हुए इसे राज्य के औद्योगिक विकास और उद्यमिता को नई दिशा देने वाली ऐतिहासिक पहल बताया है।
एसोसिएशन ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि नीति में भागलपुर को विशेष महत्व दिया गया है, जिससे यह क्षेत्र बिहार के औद्योगिक मानचित्र पर अग्रणी स्थान हासिल कर सकता है। ईबिया के अध्यक्ष आलोक अग्रवाल ने बताया कि नीति के तहत भागलपुर में अत्याधुनिक टेक्नोलाजी एवं एक्सटेंशन सेंटर स्थापित किया जाएगा, जो प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और उद्यमिता विकास का प्रमुख संस्थान बनेगा।
उन्होंने कहा कि भागलपुरी सिल्क को पारंपरिक उद्योगों के अंतर्गत विशेष पहचान दी गई है, जिससे निर्यात प्रोत्साहन और क्लस्टर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा भागलपुर के मक्का, लीची और शहद को वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) योजना से जोड़ा जाएगा, जिससे किसानों और उद्यमियों को वैश्विक बाजार तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि पिछड़े जिलों में निवेश करने वाले उद्यमों के लिए अतिरिक्त पांच प्रतिशत पूंजी सब्सिडी का प्राविधान भागलपुर के उद्योगों के लिए लाभकारी होगा। साथ ही नीति में एक करोड़ रोजगार सृजन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें भागलपुर का रेशम, कृषि और सेवा क्षेत्र महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
ईबिया के महासचिव अमर्त्य बंधुल ने सरकार से भागलपुर में सिल्क एक्सपोर्ट फैसिलिटेशन सेंटर स्थापित करने की मांग की। उन्होंने कृषि-प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए इनक्यूबेशन लैब्स विकसित करने, गंगा नदी और रेलवे नेटवर्क का उपयोग कर भागलपुर को लाजिस्टिक हब बनाने तथा तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में उद्यमिता सेल स्थापित कर छात्रों को उद्योगों से जोड़ने की आवश्यकता बताई।
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पीआरओ सुमित जैन ने कहा कि बिहार सरकार की यह नीति भागलपुर को न केवल राज्य बल्कि पूरे पूर्वी भारत का फ्लैगशिप एमएसएमई केंद्र बनाने की क्षमता रखती है।
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