भागलपुर में गवाहों को अब कोर्ट जाने की नहीं पड़ेगी जरूरत, स्पेशल सेंटर के जरिए बिना डरे दे सकेंगे बयान
भागलपुर में गवाहों की सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर वल्नरेबल विटनेस डिपोजिशन सेंटर बनेगा। यह केंद्र बच्चों, महिलाओं और यौन उत्पीड़न पीड़ि ...और पढ़ें

Vulnerable Witness Deposition Center। FILE PHOTO
HighLights
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर भागलपुर में केंद्र बनेगा।
संवेदनशील गवाहों को सुरक्षित माहौल में गवाही मिलेगी।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से गवाही, पहचान गोपनीय रहेगी।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। गवाहों की सुरक्षा को लेकर सरकार की नई कार्य योजना जल्द ही साकार होने जा रही है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर संवेदनशील गवाही केंद्र (Vulnerable Witness Deposition Center) का निर्माण किया जाएगा, जिसके लिए आवश्यक भूमि का चयन कर लिया गया है।
जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी के नेतृत्व में अधिकारियों की एक टीम ने 9 अप्रैल 2026 को जिला विधिज्ञ संघ परिसर के निकट इस सेंटर के लिए भूमि चिह्नित की थी। इस सेंटर के निर्माण से गवाहों को न केवल सुरक्षित माहौल मिलेगा, बल्कि वे वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से गवाही भी दे सकेंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में उच्च न्यायालय को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए थे, जिसके तहत सभी कचहरी परिसरों में ऐसे सेंटर का निर्माण किया जाएगा।
इन सेंटरों का उद्देश्य गवाहों की पहचान को गुप्त रखते हुए उन्हें पूरी सुरक्षा प्रदान करना है। गवाहों को अब अदालत में जाने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे उनकी सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
गवाहों को बिना डर के गवाही देने का अवसर
इस सेंटर में विशेष रूप से बच्चों, महिलाओं, यौन उत्पीड़न पीड़िताओं, दिव्यांगों और धमकी के शिकार गवाहों के लिए गवाही देने की व्यवस्था की जाएगी।
यह सेंटर उन्हें सुरक्षित और भयमुक्त माहौल में बयान दर्ज कराने की सुविधा प्रदान करेगा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर देशभर में ऐसे केंद्रों का निर्माण किया जा रहा है।
वल्नरेबल विटनेस डिपोजिशन सेंटर की विशेषताएं
वल्नरेबल विटनेस डिपोजिशन सेंटर एक विशेष प्रकार का कोर्ट रूम है, जो सामान्य अदालतों से भिन्न है। इसे 'कमजोर या संवेदनशील गवाहों' के लिए डिजाइन किया गया है, जहां गवाहों का आरोपितों से सामना नहीं होगा।
गवाह एक अलग कमरे में बैठता है, जबकि न्यायाधीश, अधिवक्ता और आरोपित दूसरे कमरे में स्क्रीन पर गवाही की प्रक्रिया देखते हैं। इस सेंटर में चाइल्ड-फ्रेंडली माहौल प्रदान किया जाएगा, जिसमें रंगीन दीवारें, खिलौने, किताबें और आरामदायक फर्नीचर होंगे, ताकि बच्चे सहज महसूस करें।
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गवाहों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, और उनके आने-जाने का रास्ता भी अलग होगा। गवाही के दौरान गवाह के साथ मनोवैज्ञानिक, काउंसलर या परिवार का सदस्य रह सकता है।
एक बार में ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी, जिससे पीड़ित को बार-बार कोर्ट में उपस्थित होकर घटना को दोहराने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
पॉक्सो और महिला अपराध के मामलों में तेजी
भागलपुर रेंज में पॉक्सो एक्ट, दुष्कर्म और घरेलू हिंसा के सैकड़ों मामले लंबित हैं। अक्सर नाबालिग पीड़ित कोर्ट में आरोपित को देखकर सहम जाते हैं और अपने बयान से पलट जाते हैं, जिससे दोषसिद्धि दर में कमी आती है।
वल्नरेबल विटनेस डिपोजिशन सेंटर में गवाहों की सुरक्षा बढ़ेगी और वीडियो लिंक के माध्यम से गवाही देने से ट्रायल में तेजी आएगी।
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