पाकिस्तानी हैंडलर्स को भारतीय सिमकार्ड पहुंचाता था इजहारुल, बिहार के मदरसे में चल रहा था देशविरोधी काम
मधुबनी के नूर-ए-मोहम्मदिया मदरसे के शिक्षक इजहारुल हक को बिहार से खरीदे गए सिमकार्ड पाकिस्तानी हैंडलरों तक पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। ...और पढ़ें

नूर-ए-मोहम्मदिया मदरसा। जागरण
HighLights
मधुबनी शिक्षक इजहारुल हक पाकिस्तानी हैंडलरों को भारतीय सिमकार्ड पहुंचाता था।
बिहार और मध्य प्रदेश एटीएस ने संयुक्त कार्रवाई में उसे गिरफ्तार किया।
मदरसे के बच्चों को देशविरोधी गतिविधियों की तालीम देने का भी आरोप।
कौशल किशोर मिश्र, भागलपुर। मधुबनी स्थित नूर-ए-मोहम्मदिया मदरसे के शिक्षक इजहारुल हक की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों को कई अहम जानकारियां मिली हैं।
बिहार और मध्य प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की संयुक्त कार्रवाई में 15 जून 2026 को गिरफ्तार किए गए इजहारुल पर आरोप है कि वह बिहार के विभिन्न जिलों से खरीदे गए भारतीय सिमकार्ड पाकिस्तानी हैंडलरों तक पहुंचाने के नेटवर्क का हिस्सा था।
सुरक्षा एजेंसियों की जांच में सामने आया है कि इजहारुल आधार कार्ड की जुगाड़ कर भागलपुर, बांका, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, दरभंगा और मधुबनी समेत कई जिलों से बड़ी संख्या में सिमकार्ड खरीदवाता था। इन सिमकार्डों को वह नेपाल में मौजूद अपने एजेंटों तक पहुंचाता, जहां से उन्हें पाकिस्तानी संपर्कों को उपलब्ध कराया जाता था।
जांच एजेंसियों के अनुसार इजहारुल मधुबनी के मदरसे में शिक्षक के रूप में कार्यरत रहते हुए कथित तौर पर देशविरोधी गतिविधियों से जुड़े नेटवर्क के लिए काम कर रहा था।
वह पाकिस्तानी हैंडलरों से मिले निर्देशों के आधार पर अपनी गतिविधियों को संचालित करता था। जांच में यह भी पता चला है कि वह कई बार नेपाल जा चुका है और सुनसरी, धरान तथा थमेल जैसे क्षेत्रों में उसका प्रवास रहा है।
देशभर में हो रही नेटवर्क की तलाश
सुरक्षा एजेंसियां उसके देशभर में फैले संपर्कों की भी पड़ताल कर रही हैं। प्रारंभिक जांच में उसके संबंध उत्तर प्रदेश, जयपुर, मध्य प्रदेश, झारखंड के जमशेदपुर, धनबाद तथा गोड्डा जिले के फसिया डंगाल क्षेत्र तक जुड़े होने की जानकारी मिली है।
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मध्य प्रदेश एटीएस की तकनीकी निगरानी के दौरान उसके एक एजेंट से संपर्क और गतिविधियों के सुराग मिले थे। जांच में गूगल मीट के जरिए होने वाली बातचीत और चैट के आधार पर उसके कथित नेटवर्क का खुलासा हुआ।
इसके बाद बिहार और मध्य प्रदेश एटीएस ने संयुक्त कार्रवाई कर मधुबनी से इजहारुल हक को गिरफ्तार किया और ट्रांजिट रिमांड पर मध्य प्रदेश ले गई।
मदरसे के बच्चों को भी देता था देशविरोधी गतिविधियों की तालीम
जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि इजहारुल ने पटना से पासपोर्ट बनवाया था। उसके बारे में यह भी सामने आया है कि वह मधुबनी में दो-तीन माह रहने के बाद अचानक बिहार से बाहर चला जाता था।
उसके अधिकांश दौरे नेपाल, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के होते थे। सुरक्षा एजेंसियां इस पहलू की भी जांच कर रही हैं कि वह मदरसे में पढ़ने वाले बच्चों को कथित रूप से देशविरोधी गतिविधियों से जुड़ी विचारधारा और प्रशिक्षण देने का प्रयास करता था। उसके संपर्कों, यात्राओं और गतिविधियों की विस्तृत जांच जारी है।