बिहार में एक और मरीन ड्राइव, मुंगेर से सबौर तक बनेगा 82.80 KM का गंगा पथ; एजेंसी चयन की प्रक्रिया शुरू
भागलपुर-मुंगेर क्षेत्र में गंगा पथ परियोजना (मरीन ड्राइव) के निर्माण की तैयारी तेज हो गई है। ...और पढ़ें

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।
HighLights
गंगा पथ परियोजना के निर्माण की तैयारी तेज।
पर्यावरण मंजूरी के लिए एजेंसी चयन प्रक्रिया शुरू।
82.80 किमी लंबा मरीन ड्राइव बनेगा।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। भागलपुर-मुंगेर क्षेत्र में गंगा पथ परियोजना (मरीन ड्राइव) को आगे बढ़ाने की दिशा में बिहार राज्य सड़क विकास निगम लिमिटेड (बीएसआरडीसीएल) ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
बीएसआरडीसीएल ने पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव (एनबीडब्ल्यूएल) मंजूरी दिलाने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीईटी) से मान्यता प्राप्त एजेंसी की नियुक्ति के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं।
बीएसआरडीसीएल मुंगेर (सफियाबाद)-बरियारपुर-घोरघाट-सुल्तानगंज-भागलपुर-सबौर को जोड़ने वाले लगभग 82.80 किलोमीटर लंबे मरीन ड्राइव के निर्माण की योजना पर काम कर रहा है।
यह सड़क गंगा नदी के समानांतर समतल एवं ऊंचे मार्ग (एलिवेटेड कारिडोर) के रूप में विकसित की जाएगी।
परियोजना के तहत मुंगेर (सफियाबाद) से सुल्तानगंज तक लगभग 42 किलोमीटर हिस्से सहित पूरे मार्ग के लिए पर्यावरणीय स्वीकृतियां प्राप्त करना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से एनएबीटी मान्यता प्राप्त विशेषज्ञ एजेंसी की सेवाएं लेने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
बीएसआरडीसीएल ने स्पष्ट किया है कि एजेंसियों को अपना प्रस्ताव ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल के माध्यम से जमा करना होगा। ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर प्रस्ताव जमा करने की अंतिम तिथि 09 जुलाई निर्धारित की गई है।
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