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    बिहार टेंडर घोटाला: भागलपुर में रिशु श्री के ₹50 लाख जब्त, ₹3.4 करोड़ के ई-टॉयलेट प्रोजेक्ट की जांच तेज

    Updated: Wed, 03 Jun 2026 01:25 AM (IST)

    मनी लॉन्ड्रिंग और टेंडर घोटाले में फंसे रिशु श्री की जांच भागलपुर तक पहुंच गई है, जहां उनकी कंपनी को स्मार्ट सिटी के 3.40 करोड़ के ई-टॉयलेट प्रोजेक्ट ...और पढ़ें

    रिशुश्री और ई-टॉयलेट। फाइल फोटो

    रिशुश्री और ई-टॉयलेट। फाइल फोटो

    HighLights

    1. रिशु श्री घोटाले की आंच भागलपुर स्मार्ट सिटी तक।

    2. 3.40 करोड़ के ई-टॉयलेट प्रोजेक्ट में अनियमितता।

    3. 50 लाख रुपये जब्त, रिशु श्री पर FIR।

    जागरण संवाददाता, भागलपुर। मनी लांड्रिंग और टेंडर घोटाले में फंसे रिशु श्री की जांच की आंच भागलपुर तक पहुंच गई है। रिशु श्री की रिलायबल कंपनी ने भागलपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड से लाखों-करोड़ों की डील की है।

    स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में 3.40 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत वाली 25 यूनिट ई-टायलेट निर्माण का ठेका रिशु श्री की कंपनी रिलायबल इंटरप्राइजेज-रिलायबल इंफ्रा सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया।

    इसमें महज एक टायलेट की लागत 13 लाख रुपये से अधिक बताई गई। हालांकि, स्मार्ट सिटी का सबसे असफल कार्य ई-टायलेट ही रहा। चालू होने के कुछ दिनों में सभी ई-टायलेट कबाड़-ध्वस्त हो गए।

    जिस समय यह कार्य हुआ उस दौर में उसके नजदीकी डॉ. योगेश सागर नगर निगम के नगर आयुक्त थे। जिनकी भूमिका की जांच कराने पर बड़ा मामला सामने आ सकता है।

    अधिकारियों से सांठगांठ, करता बड़ी-बड़ी डील

    रिशु श्री की भागलपुर के अधिकारियों पर अच्छी पकड़ थी। स्मार्ट सिटी में ई-टायलेट कार्य के भुगतान के लिए उसने इन्हीं अफसरों से लगातार दवाब बनाने का प्रयास किया। तब उसे योजना की अधिकांश राशि का भुगतान भी कर दिया गया।

    करीब साढ़े तीन करोड़ में सिर्फ 50 लाख रुपये का भुगतान लंबित है। जिसे स्मार्ट सिटी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के आदेश से जब्त कर लिया गया है। उक्त बकाया राशि जब्त करते हुए रिशु श्री की कंपनी का एकरारनामा भी रद किया गया है।

    इस बीच स्मार्ट सिटी द्वारा कई बार पत्राचार भी किया गया। जिसके बाद भी कबाड़ बने ई-टायलेट का रखरखाव नहीं किया गया। राशि जब्त करने के बाद इस वर्ष नौ फरवरी को इशाकचक थाने में रिलायबल इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर रिशु श्री पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई।

    पुलिस-आर्थिक अपराध ईकाई ने कसा शिकंजा

    इशाकचक थाने की पुलिस पिछले दो दिनों से रिशु श्री पर दर्ज मामले की जांच कर रही है। इस क्रम में पुलिस टीम ने सोमवार को नगर निगम कार्यालय परिसर में निर्मित 25 ई-टायलेट की अद्यतन स्थिति का भौतिक सत्यापन किया।

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    बता दें कि आर्थिक अपराध ईकाई ने वर्ष 2024 में एक मामले में पटना में बड़ी राशि जब्त की थी। जिसमें रिशु श्री का नाम सामने आया था। तब बुडको से लेनदेन पर रोक लगा दी गई थी।

    हालांकि, बाद में न्यायालय के आदेश पर योजना मद की राशि जारी कर दी गई। इस क्रम में आर्थिक अपराध ईकाई ने भागलपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड से रिशु श्री के टेंडर-निर्माण कार्यों की जानकारी मांगी।

    तब रिशु श्री के निविदा संबंधित सभी कागजात ईओयू को उपलब्ध कराया गया। साथ ही रिलायबल कंपनी को पैसे के भुगतान पर रोक लगा दिया गया।

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