NH 80 पर शिवनारायणपुर रेलवे फाटक बंद, भारी वाहनों के लिए मुसीबत; अंडरपास बना जाम का कारण
शिवनारायणपुर-पीरपैंती रेलवे स्टेशन के बीच एनएच 80 पर रेलवे फाटक बंद होने से भारी वाहनों के परिचालन पर असर पड़ रहा है। वैकल्पिक रोड अंडर ब्रिज की सीमित ...और पढ़ें

भारी वाहनों के आवागमन में परेशानी। फोटो जागरण
HighLights
शिवनारायणपुर रेलवे फाटक स्थायी रूप से बंद किया गया।
वैकल्पिक अंडरपास की सीमित चौड़ाई से जाम की समस्या।
भारी वाहनों, अदाणी प्लांट के परिवहन पर असर।
संवाद सूत्र, कहलगांव। शिवनारायणपुर-पीरपैंती रेलवे स्टेशन के बीच शिवनारायणपुर रेलवे स्टेशन के निकट एनएच 80 स्थित रेलवे फाटक संख्या 5/ए/टी (किमी 263/6-7) को 29 मई 2026 से स्थायी रूप से बंद कर दिए जाने के चलते बड़े एवं भारी वाहनों के परिचालन पर असर पड़ रहा है।
रेलवे प्रशासन द्वारा ट्रेन परिचालन को अधिक सुरक्षित और निर्बाध बनाने के उद्देश्य से इस फाटक को बंद किया गया है। इसके विकल्प के रूप में कुछ दूरी पर रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी) का निर्माण कराया गया है। हालांकि अंडरपास की सीमित चौड़ाई और कम ऊंचाई के कारण वाहनों के आवागमन पर असर पड़ रहा है।
दोनों तरफ वाहनों का जाम लग रहा है। स्थानीय लोगों एवं वाहन चालकों ने बताया कि अंडरपास इतना संकरा है कि वहां से एक समय में केवल एक ही दिशा में वाहनों का आवागमन हो पा रहा है। इसके कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग रही हैं और शिवनारायणपुर क्षेत्र में जाम की स्थिति उत्पन्न होने लगी है।
भारी वाहनों के परिचालन में परेशानी
विशेष रूप से व्यस्त समय में लोगों को घंटों तक जाम में फंसना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी भारी वाहनों के परिचालन में सामने आ रही है। अंडरपास की ऊंचाई सीमित होने के कारण बड़े ट्रक, हाइड्रोलिक ट्रेलर और भारी मशीनरी ले जाने वाले वाहन वहां से नहीं गुजर पा रहे हैं। इसके चलते पीरपैंती स्थित अदाणी पावर प्लांट के लिए आने-जाने वाले भारी उपकरणों के परिवहन पर भी असर पड़ रहा है।
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29 मई को रेलवे फाटक बंद होने के बाद क्रेन लेकर जा रहे दो भारी वाहन अंडरपास पार नहीं कर सके और उन्हें बीच रास्ते में ही रुकना पड़ा है। एनएच-80 एवं फोरलेन निर्माण का कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है।
कई स्थानों पर सड़क निर्माण कार्य अधूरा है और वैकल्पिक मार्ग भी पूरी तरह विकसित नहीं हो पाए हैं। लोगों ने रेलवे एवं संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से अंडरपास की क्षमता बढ़ाने एवं भारी वाहनों के लिए अलग वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने की मांग की है।