विक्रमशिला सेतु का पुनर्निर्माण: एसपी सिंगला कंपनी को ₹98 करोड़ का टेंडर; जल्द शुरू होगा काम
भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के पुनर्निर्माण की 98 करोड़ रुपये की जिम्मेदारी एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन को सौंपी गई है। ...और पढ़ें

विक्रमशिला सेतु। (जागरण)
HighLights
एसपी सिंगला को विक्रमशिला सेतु पुनर्निर्माण का ठेका मिला।
98 करोड़ की लागत से 30 नवंबर तक कार्य पूरा।
28 अगस्त से शुरू होगा काम, यातायात रहेगा बंद।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। भागलपुर में समानांतर फोरलेन पुल बना रही एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन को विक्रमशिला सेतु के पुनर्निर्माण की जिम्मेदारी सौपी गई है। 98 करोड़ रुपये की जारी निविदा में तीन एजेंसियों ने टेंडर डाला था।
बिहार राज्य पुल निर्माण निर्माण लिमिटेड, खगड़िया प्रमंडल द्वारा जल्द ही चयनित एजेंसी एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन को एक्सेप्टेंस आफ लेटर और वर्क ऑर्डर जारी किया जाएगा।
पुल निर्माण निगम, खगड़िया के वरीय परियोजना अभियंता शशि भूषण सिंह ने बताया कि 28 अगस्त से सेतु पुनर्स्थापन की दिशा में पहल की जाएगी। सभी चारों बेली ब्रिज को हटाकर स्लैब ढालने का कार्य किया जाएगा। डैमेज स्पेन को हटाकर दोबारा बनाया जाएगा। निर्माण कार्य शुरू होने से तीन-चार दिन पहले ही बीआरओ की टीम पहुंच जाएगी।
इधर, पुनर्स्थापन कार्य शुरू होने से पहले सेतु पर बने बेली ब्रिज को हटाने का काम होगा। इसके स्थान पर स्थायी पुनर्स्थापन (परमानेंट रिस्टोरेशन) किया जाएगा। 30 नवंबर तक पुनर्स्थापन का लक्ष्य रखा गया है।
इस दौरान सुरक्षा की दृष्टिकोण से और कार्यों में बाधा उत्पन्न नहीं हो इसलिए यातायात पूरी तरह से बंद रखा जाएगा। विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापन कार्य में डेढ़-दो माह का समय लगने की संभावना जताई जा रही है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर कराए जाएंगे कार्य
तीन मई की रात विक्रमशिला सेतु का एक स्लैब टूटकर गंगा में गिर गया था। इसके बाद सेतु की हर बिंदुओं पर बारीकी से विशेषज्ञों की टीमों से जांच कराई गई है। बाहरी और अंदरूनी दोनों हिस्सों की जांच की गई।
विशेषज्ञों की टीम से सभी बिंदुओं पर जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट का अध्ययन कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद सेतु के पुनर्स्थापन कार्यों में तेजी आएगी।
सेतु के बेयरिंग और एक्सपेंशन ज्वाइंट भी बदले जाएंगे
विभागीय अधिकारियों के अनुसार डैमेज स्पेन और स्लैब वाले चिह्नित हिस्सों को हटाकर दोबारा बनाया जाएगा। इस दौरान सेतु के बेयरिंग और एक्सपेंशन ज्वाइंट बदले जाएंगे।
तकनीकी विशेषज्ञों की टीम प्राक्कलन और निर्माण योजना की जांच कर रही है। यदि किसी बिंदु पर संशोधन या सुधार की आवश्यकता महसूस होती है, तो उसे तत्काल शामिल किया जाएगा।
विभागीय जांच और स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य में तेजी आएगी। प्रशासनिक और तकनीकी तैयारियां मानसून के दौरान पूरी कर ली जाएगी।
माना जा रहा है कि कार्य पूरा होने के बाद सेतु की संरचनात्मक मजबूती बढ़ेगी और भविष्य में यातायात संचालन अधिक सुरक्षित एवं सुचारु हो सकेगा।
पुनर्स्थापन के बाद सेतु पर सभी तरह के वाहनों का संचालन होगा। विक्रमशिला सेतु को दुरुस्त करने के लिए पुल निर्माण निगम ने तीन महीने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
यह भी पढ़ें- विक्रमशिला सेतु के कमजोर स्लैब को सहारा देने का काम शुरू, गंगा में खड़े किए जा रहे लोहे के पिलर