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    विक्रमशिला सेतु के कमजोर स्लैब को सहारा देने का काम शुरू, गंगा में खड़े किए जा रहे लोहे के पिलर

    Updated: Mon, 13 Jul 2026 11:08 PM (IST)

    विक्रमशिला सेतु के कमजोर स्लैब को अतिरिक्त सहारा देने का काम शुरू हो गया है, जिसमें तीसरे स्लैब के नीचे लोहे के पाइप से सपोर्ट दिया जा रहा है और चौथे ...और पढ़ें

    विक्रमशिला सेतु के निर्माण कार्यों का जायजा लेते मंत्री। फोटो जागरण

    विक्रमशिला सेतु के निर्माण कार्यों का जायजा लेते मंत्री। फोटो जागरण

    HighLights

    1. तीसरे स्लैब को लोहे के पाइप से सहारा दिया जा रहा है।

    2. कमजोर हिस्सों को मजबूती देने के लिए गंगा में पिलर लगाए जा रहे हैं।

    3. भविष्य में अप्रिय घटना रोकने हेतु अतिरिक्त सपोर्ट दिया जा रहा है।

    जागरण संवाददाता, भागलपुर। विक्रमशिला सेतु के कमजोर हिस्सों को अतिरिक्त सहारा देने की दिशा में एक और कदम उठाया गया है। पुल के तीसरे स्लैब के नीचे लोहे के पाइप से सहारा (सपोर्टिंग) देने का काम चल रहा है और चौथे कमजोर स्लैब को सहारा देने की तैयारी शुरू कर दी गई है।

    इसके लिए गंगा में लोहे के पिलर खड़े कर उनके सहारे स्लैब को सपोर्ट दिया जा रहा है। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम का उद्देश्य कमजोर हिस्से को अतिरिक्त मजबूती देना है, ताकि 3 मई की रात की तरह किसी भी तरह की अप्रिय घटना की आशंका को कम किया जा सके।

    झटके की वजह से स्लैब हुआ था क्षतिग्रस्त

    बता दें कि तीन मई को 35 मीटर का स्लैब ध्वस्त होकर गंगा में गिर गया था। जोरदार झटके की वजह से इसके आगे और पिछले के स्लैब पर भी असर पड़ा था। इधर, स्पोर्टिंग का काम गंगा में लोहे के पिलर स्थापित कर किया जा रहा है।

    इन्हीं पिलरों के सहारे स्लैब को नीचे से समर्थन दिया जाएगा। पुल निर्माण निगम के अधिकारियों का मानना है कि इस व्यवस्था से कमजोर स्लैब पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में मदद मिलेगी और उसकी स्थिरता बनी रहेगी।

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    इससे पहले भी सेतु के दो स्लैब के नीचे इसी प्रकार की स्पोर्टिंग दी जा चुकी है। तीसरे स्लैब के नीचे सपोर्टिंग देने का काम चल रहा है। हालांकि, इस व्यवस्था को लेकर एक बड़ा सवाल भी सामने आ रहा है।

    गंगा में जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव की स्थिति में लोहे के पिलरों से दी गई यह स्पोर्टिंग कितनी प्रभावी साबित होगी, इसे लेकर चर्चा बनी हुई है। फिलहाल पुल निर्माण निगम अतिरिक्त सपोर्ट से कमजोर स्लैब को सहारा देने की तैयारी में जुटी है।

    सितंबर में विक्रमशिला सेतु बंद नहीं करने की मांग

    विक्रमशिला सेतु की मरम्मत अथवा पुनर्निर्माण के लिए सितंबर से पुल का परिचालन पूरी तरह बंद किए जाने की संभावनाओं के बीच खरीक क्षेत्र के जिला पार्षद गौरव राय ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेन्द्र से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि पुल को पूरी तरह बंद करना आवश्यक हो तो यह कार्य नवंबर के अंत या दिसंबर की शुरुआत में किया जाए।

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