विक्रमशिला सेतु निर्माण के शेड्यूल में बदलाव की मांग, सांसद राजेश वर्मा ने CM सम्राट चौधरी को लिखा पत्र
सांसद राजेश वर्मा ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से विक्रमशिला सेतु पर प्रस्तावित स्थायी निर्माण कार्य को छठ महापर्व के बाद शुरू करने का आग्रह किया है। ...और पढ़ें

सांसद राजेश वर्मा। फाइल फोटो
HighLights
सांसद राजेश वर्मा ने मुख्यमंत्री को विक्रमशिला सेतु पर पत्र लिखा।
विक्रमशिला सेतु का निर्माण छठ महापर्व के बाद शुरू हो।
त्योहारों और गंगा के ऊंचे जलस्तर से लाखों लोग प्रभावित होंगे।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। विक्रमशिला सेतु पर प्रस्तावित स्थायी निर्माण कार्य को लेकर खगड़िया के सांसद राजेश वर्मा ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर निर्माण कार्य की समय सीमा पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।
सांसद ने कहा है कि एक सितंबर से बेली ब्रिज हटाकर निर्माण शुरू करने के प्रस्ताव से कोसी और सीमांचल क्षेत्र के लाखों लोगों में चिंता व्याप्त है।
सांसद ने अपने पत्र में कहा है कि विक्रमशिला सेतु भागलपुर, खगड़िया, नवगछिया, कटिहार, पूर्णिया, मधेपुरा, सहरसा, सुपौल और अररिया समेत कई जिलों की जीवनरेखा है। सितंबर से नवंबर तक गंगा का जलस्तर सामान्यतः ऊंचा रहता है।
ऐसे समय यदि पुल पर आवागमन बंद किया गया, तो लोगों को नाव जैसे जोखिमपूर्ण साधनों का सहारा लेना पड़ेगा, जिससे जान-माल की सुरक्षा पर खतरा बढ़ जाएगा।
त्योहारों में होगी परेशानी
उन्होंने यह भी कहा कि सितंबर से नवंबर के बीच दुर्गा पूजा, दीपावली, भाईदूज और छठ महापर्व जैसे बड़े त्योहार पड़ते हैं। इस दौरान लाखों लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। यदि इसी अवधि में पुल बंद रहा, तो आम नागरिकों के साथ-साथ मरीजों, विद्यार्थियों, किसानों और व्यापारियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
सांसद राजेश वर्मा ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि जनहित को सर्वोपरि रखते हुए स्थायी निर्माण कार्य के लिए बेली ब्रिज को छठ महापर्व के बाद नवंबर में हटाया जाए।
उनका तर्क है कि उस समय गंगा का जलस्तर भी कम हो जाएगा, जिससे आम लोगों को न्यूनतम असुविधा होगी और निर्माण कार्य भी अधिक सुचारु एवं सुरक्षित ढंग से पूरा किया जा सकेगा।
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