सावन के बाद बंद हो सकता है विक्रमशिला सेतु, भादो में कांवड़ियों और त्योहारों में लाखों यात्रियों की बढ़ेगी मुश्किल
सावन के बाद विक्रमशिला सेतु पर प्रस्तावित मरम्मत कार्य से भादो में कांवरियों और त्योहारों के दौरान यात्रियों को भारी परेशानी हो सकती है। ...और पढ़ें
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एआई द्वारा जेनरेट इमेज।
HighLights
सावन के बाद विक्रमशिला सेतु मरम्मत से आवागमन बंद।
भादो में कांवरियों और त्योहारों पर यात्रियों को परेशानी।
गंगा उफान पर, वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर असर की आशंका।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। सावन के बाद विक्रमशिला सेतु पर प्रस्तावित मरम्मत कार्य के लिए आवागमन बंद होने की संभावना ने कोसी-सीमांचल के लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
भादो में बड़ी संख्या में कांवरिये अजगैवीनाथ धाम से बाबाधाम जलाभिषेक के लिए इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। वहीं सितंबर से नवंबर तक दुर्गापूजा, दीपावली, छठ सहित प्रमुख पर्व-त्योहारों के दौरान लाखों यात्रियों की आवाजाही भी इसी सेतु से होती है। ऐसे में पुल बंद होने पर श्रद्धालुओं, यात्रियों, व्यापारियों और मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ सकती है।
भादो में गंगा नदी उफान पर रहती है। ऐसे में नाव या जलमार्ग से आवागमन चुनौतीपूर्ण हो सकता है। भागलपुर और नवगछिया रेलवे स्टेशन पर उतरने वाले यात्रियों को भी वैकल्पिक व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ेगा। व्यापारिक गतिविधियों और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं पर भी इसका असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
विक्रमशिला सेतु को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं की राय अलग-अलग है। विपक्षी दलों ने मानसून और बाढ़ के दौरान मरम्मत कार्य शुरू नहीं करने तथा जलस्तर घटने के बाद ही काम शुरू कराने की मांग की है।
वहीं, सत्ता पक्ष का कहना है कि सभी वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के बाद ही पुल पर मरम्मत कार्य शुरू होगा और आम लोगों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
आवागमन बंद करने की तैयारी
सावन के बाद विक्रमशिला सेतु पर आवागमन बंद होने की तैयारी चल रही है। कोसी, सीमांचल के अधिकांश कांवरिया भादो में अजगैवीनाथ धाम से बाबा धाम की यात्रा करते हैं।
इनके आने-जाने का मुख्य रास्ता विक्रमशिला सेतु ही है। साथ ही सितंबर से नवंबर के बीच सारे पर्व-त्योहार है। इस दौरान भारी संख्या में लोग भागलपुर व नवगछिया स्टेशन पर उतरते हैं। सेतु बंद होने के बाद उन्हें परेशानी होगी। भादो में गंगा नदी उफान पर रहती है।
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ऐसे में नाव व जहाज की सवारी लोगों को परेशानी पैदा करेगी। सत्ता पक्ष व विपक्ष के नेताओं ने इस संबंध में अलग-अलग तर्क दे रहे हैं।
विपक्षी नेताओं का कहना है कि सरकार जनता के हित में अक्टूबर के बाद विक्रमशिला सेतु पर मरम्मत का कार्य कराएं। वहीं सत्ता पक्ष के नेताओं का कहना है कि सरकार जनता के हित में काम कर रही है। सरकार वैकल्पिक व्यवस्था करने के बाद ही मरम्मत कार्य शुरू कराएगी।
सरकार ने विक्रमशिला सेतु के मरम्मत कार्य कराने का जो निर्णय लिया है, वह सोच-समझकर ही लिया है। सरकार जनता के हित में ही उचित कदम उठा रही है। जनता को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
सुबोध कुमार रमण, जिलाध्यक्ष लोजपा रा
बिहार के लोग सावन से अधिक भादो में बाबाधाम जाते हैं। सितंबर से नवंबर के बीच प्रमुख त्योहार रहते हैं। ऐसे में भारी संख्या में लोग विक्रमशिला सेतु पार कर भागलपुर आते हैं और नवगछिया जाते हैं। विक्रमशिला सेतु के बंद होने से लोगों को पर्व-त्योहार के दौरान परेशानी होगी। सरकार गंगा नदी में पानी कम होने के बाद ही सेतु पर मरम्मत कार्य कराए।
चंद्रशेखर यादव, जिलाध्यक्ष राजद
आम जनता की मांग को देखते हुए पार्टी की ओर से संबंधित मंत्री के समक्ष यह प्रस्ताव रखा जाएगा कि पुल बंद करने के निर्णय को फिलहाल टाल दिया जाए। लोगों का कहना है कि भादो माह में गंगा उफान पर रहती है, ऐसे में नाव से यात्रा सुरक्षित नहीं रहेगी। साथ ही त्योहारों के मौसम में लोगों की आवाजाही और व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित होंगी।
विवेकानंद गुप्ता, जिलाध्यक्ष जदयू
मानसून व बाढ़ के दौरान बेली ब्रिज को हटाना नहीं चाहिए। इससे रोजमर्रा के कार्य, व्यापार व वाहनों की आवाजाही प्रभावित होगी। नवगछिया व भागलपुर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र है। ब्रिज काे हटाने से नवगछिया में बीमार पड़ने वाले मरीजों को इलाज के लिए पटना जाना होगा। सरकार ने तीन माह के बेली ब्रिज बनाकर जनता के पैसे को बर्बाद किया है। उसी समय स्थायी निदान पर कार्य करना चाहिए। अब स्थायी निदान पर दोबारा राशि खर्च कर रही है। बाढ़ के बाद कार्य करना चाहिए। पुल पर आवागमन प्रभावित होने के बाद सरकार निशुल्क स्टीमर की व्यवस्था करें। जब यह तत्काल व्यवस्था थी तो मंत्री ने कारपेट बिछाकर तीन माह की व्यवस्था का उद्घाटन क्यों किया।
राहुल सिंह चौहान, जिला प्रभारी, कांग्रेस
विक्रमशिला सेतु की मरम्मत का कार्य चालू है। सारे कार्य पूर्ण होने के बाद ही विक्रमशिला सेतु पर मरम्मत का कार्य शुरू होगा। जिला प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्था करेगी। इसकी तैयारी चल रही है। जनता को कोई परेशानी नहीं होगी। जनता के हित में काम होंगे। नीचे के सरफेश का काम चल रहा है। सारे काम पूर्ण होने के बाद ही मरम्मत कार्य शुरू होगा।
नितेश सिंह, जिला महामंत्री, भाजपा
सरकार ने मरम्मत का निर्णय पूरी योजना के साथ लिया है। जनता की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
सुबोध कुमार रमण, लोजपा (रा.) जिलाध्यक्ष
भादो में सावन से अधिक कांवरिये बाबाधाम जाते हैं। पर्व-त्योहार के मौसम में पुल बंद होने से लोगों को परेशानी होगी। जलस्तर कम होने के बाद ही मरम्मत कार्य शुरू किया जाना चाहिए।
चंद्रशेखर यादव, राजद जिलाध्यक्ष
भादो में गंगा उफान पर रहती है। ऐसे समय नाव से यात्रा सुरक्षित नहीं होगी। पार्टी इस मुद्दे को सरकार के समक्ष उठाएगी।
विवेकानंद गुप्ता, जदयू जिलाध्यक्ष
मानसून और बाढ़ के दौरान बेली ब्रिज हटाना उचित नहीं है। पुल बंद होने पर मरीजों, व्यापारियों और आम लोगों को परेशानी होगी। सरकार को निशुल्क स्टीमर सेवा की व्यवस्था करनी चाहिए।
राहुल सिंह चौहान, कांग्रेस जिला प्रभारी
विक्रमशिला सेतु पर मरम्मत कार्य सभी तैयारियां पूरी होने के बाद ही शुरू होगा। जिला प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्था कर रहा है और जनता को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
नितेश सिंह, भाजपा जिला महामंत्री