भागलपुर में कारोबार पर संकट! विक्रमशिला सेतु की प्रस्तावित बंदी पर व्यापारियों की मांग, छठ के बाद हो मरम्मत
व्यावसायिक संगठनों ने विक्रमशिला सेतु की सितंबर से प्रस्तावित मरम्मत को त्योहारों के कारण अक्टूबर तक पूरा करने या छठ तक स्थगित करने की मांग की है। ...और पढ़ें

विक्रमशिला सेतु (फाइल फोटो)
HighLights
व्यापारियों ने विक्रमशिला सेतु मरम्मत पर पुनर्विचार की मांग की।
दुर्गा पूजा, दीपावली, छठ के कारण व्यापार प्रभावित होने की आशंका।
छठ तक मरम्मत कार्य स्थगित कर वैकल्पिक व्यवस्था की मांग।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। विक्रमशिला सेतु के मरम्मत कार्य के लिए प्रस्तावित बंदी को लेकर व्यावसायिक वर्गों ने पुनर्विचार की मांग की है। ईस्टर्न बिहार चैंबर आफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के पदाधिकारियों का कहना है कि दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ को देखते हुए विक्रमशिला सेतु को हर हाल में अक्टूबर तक दुरुस्त किया जाना चाहिए।
पुल की मरम्मत आवश्यक है, लेकिन इसके पहले आम लोगों की आवाजाही व व्यापार पर पड़ने वाले प्रभाव को भी ध्यान में रखना जरूरी है। व्यापारियों का कहना है कि शहर का करीब 25 से 30 प्रतिशत कारोबार गंगा पार के जिलों और क्षेत्रों पर निर्भर है।
दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ जैसे प्रमुख त्योहार नजदीक हैं। ऐसे में सितंबर से प्रस्तावित मरम्मत कार्य को लेकर सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए। व्यापारियों ने पुल को जल्द दुरुस्त करने के साथ वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में बड़ी जेट्टी से माल ढुलाई शुरू कराने की भी मांग की है।
छठ तक मरम्मत कार्य स्थगित करे सरकार : नवनीत ढांढनिया
बिजली सामान के व्यवसायी नवनीत ढांढनिया ने कहा कि सरकार को आने वाले त्योहारों और व्यापारियों की सुविधा को देखते हुए विक्रमशिला सेतु की मरम्मत का कार्य छठ तक स्थगित कर देना चाहिए। दशहरा, दीपावली और छठ में व्यापार प्रभावित हुआ तो सरकार को भी कर राजस्व का बड़ा नुकसान होगा। भागलपुर का करीब 25 से 30 प्रतिशत व्यापार गंगा पार के लोगों पर आधारित है।
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वैकल्पिक व्यवस्था में बड़ी जेट्टी शुरू हो : अनिल खेतान
बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन की नगर शाखा के अध्यक्ष सह चैंबर सचिव अनिल खेतान ने कहा कि विक्रमशिला सेतु को यथाशीघ्र दुरुस्त कर बड़े वाहनों का आवागमन बहाल किया जाए। जब तक पुल पूरी तरह ठीक नहीं होता है, गंगा घाट को दुरुस्त कर न्यूनतम किराये पर बड़ी जेट्टी या मालवाहक जहाज की व्यवस्था हो। इससे माल की आवाजाही प्रभावित नहीं होगी और व्यापारियों को राहत मिलेगी।
बेली ब्रिज से कारोबारियों को विशेष लाभ नहीं : राजेश बंका
टाइल्स एवं बाथरूम फिटिंग्स विक्रेता राजेश बंका ने कहा कि बेली ब्रिज से व्यवसायियों को कोई खास फायदा नहीं मिल रहा है। वन-वे व्यवस्था के बावजूद जाम की समस्या बनी हुई है। नवगछिया और आसपास के लोग भागलपुर आने के बजाय पूर्णिया या कटिहार जाना अधिक सुविधाजनक समझ रहे हैं। छोटी मालवाहक गाड़ियों का परिचालन नहीं होने से माल मुंगेर के रास्ते भेजना पड़ रहा है। इससे परिवहन लागत बढ़ी है और व्यवसायियों को सीधा नुकसान हो रहा है।
नवंबर से पहले बड़े मालवाहकों के लिए खुले पुल : शरद सलारपुरिया
ईस्टर्न बिहार चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष शरद कुमार सलारपुरिया ने कहा कि दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ को देखते हुए विक्रमशिला सेतु को हर हाल में अक्टूबर तक दुरुस्त किया जाना चाहिए। नवंबर की शुरुआत से बड़े मालवाहक वाहनों का परिचालन सुनिश्चित हो। ऐसा नहीं होने पर शहर का व्यापार बुरी तरह प्रभावित होगा। विक्रमशिला सेतु सिर्फ सड़क नहीं, बल्कि सिल्क सिटी भागलपुर के व्यापार की धड़कन है।
परिवहन खर्च बढ़ने से नमक भी हो रहा महंगा : संदीप बंका
नमक व्यवसायी संदीप बंका ने कहा कि नमक का रैक नवगछिया स्टेशन पर आता है। पहले बड़े मालवाहक वाहन विक्रमशिला सेतु होकर आसानी से नमक भागलपुर पहुंचाते थे। अब बड़े वाहनों पर रोक के कारण मुंगेर के रास्ते नमक मंगवाना पड़ रहा है। इससे परिवहन खर्च बढ़ा है और नमक की कीमतों पर भी असर पड़ रहा है। इसका सीधा बोझ व्यवसायियों के साथ आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है।
सितंबर से मरम्मत के निर्णय पर हो पुनर्विचार : सुनील बुधिया
टेक्सटाइल चैंबर के महासचिव सुनील बुधिया ने कहा कि विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज चालू होने से व्यापार को कोई विशेष फायदा नहीं हुआ है। सितंबर से प्रस्तावित मरम्मत कार्य के निर्णय पर सरकार को फिर विचार करना चाहिए। यदि मरम्मत का काम अक्टूबर तक पूरा कर लिया जाता है तो आने वाले त्योहारों में व्यापार बेहतर होगा और आम लोगों को भी बड़ी राहत मिलेगी।