भारत तिवारी एनकाउंटर मामला: आज और कल 7 गवाहों के दर्ज होंगे बयान, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
भोजपुर के शाहपुर में हुए भारत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच आयोग के समक्ष मंगलवार और बुधवार को सात गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे। ...और पढ़ें
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भरत तिवारी एनकाउंटर।
HighLights
भोजपुर एनकाउंटर मामले में न्यायिक जांच जारी।
आज और कल सात गवाहों के बयान दर्ज होंगे।
एक गवाह ने पुलिस पर गोली मारने का आरोप लगाया।
जागरण संवाददाता, आरा। भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून को हुए भारत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच आयोग के समक्ष मंगलवार और बुधवार को कुल सात गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
इससे पहले 11 जुलाई को मृतक की मां आशा देवी और पिता काशीनाथ तिवारी ने आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखा था, जबकि सोमवार को तीन अन्य गवाहों की गवाही हुई। अब तक पांच गवाही हो चुकी है।
मंगलवार को मृतक के छोटे भाई चंदन तिवारी, ग्रामीण राजाराम चौधरी और ललिता देवी के बयान दर्ज किए जाएंगे। वहीं बुधवार को सरोज त्रिपाठी, अंजनी तिवारी, उषा देवी और चंद्रावती देवी आयोग के समक्ष गवाही देंगे।
सोमवार को गवाही देने के बाद पत्रकारों से बातचीत में सत्यनारायण चौधरी ने दावा किया कि घटना के समय 30 से 35 पुलिसकर्मी मौजूद थे।
उनके अनुसार, पुलिसकर्मियों ने भारत भूषण तिवारी से कहा कि उनकी सभी मांगें पूरी कर दी जाएंगी और हथियार सौंपने को कहा।
सत्यनारायण ने आरोप लगाया कि भारत द्वारा हथियार फेंकने के बाद उन्हें करीब 50 मीटर दूर ले जाकर गोली मार दी गई। उन्होंने आयोग को पूरी घटना की जानकारी देने की बात कही और बताया कि आयोग के अध्यक्ष ने करीब आधे घंटे तक उनसे पूछताछ कर बयान दर्ज किया।
दूसरे दिन भी सुरक्षा रही चाक-चौबंद
न्यायिक जांच आयोग के समक्ष गवाही को लेकर डीपीआरसी भवन स्थित आयोग कार्यालय में दूसरे दिन भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। प्रवेश द्वार पर बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक रही।
आगंतुकों की हैंड मेटल डिटेक्टर और डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर से जांच की गई तथा आगंतुक पंजी में हस्ताक्षर कराने के बाद ही संबंधित लोगों को प्रवेश दिया गया।
आयोग के अध्यक्ष एवं पटना हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा निर्धारित समय पर कार्यालय पहुंचे और गवाहों के बयान दर्ज किए।
सोमवार को मृतक की भाभी सुमन देवी, जवइनियां गांव के मंटू चौधरी और सत्यनारायण चौधरी ने आयोग के समक्ष अपनी गवाही दी थी।
इससे पहले शनिवार को मृतक के माता-पिता से अलग-अलग लगभग एक-एक घंटे तक पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए गए थे। आयोग के गठन के बाद से डीपीआरसी भवन में सुरक्षा के लिए करीब दो दर्जन जवानों की तैनाती की गई है।