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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 16, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar By Election: बिहार उपचुनाव में उतरे प्रशांत किशोर, तरारी सीट पर इस दिग्गज को बनाया उम्मीदवार

    Updated: Wed, 16 Oct 2024 01:36 PM (IST)

    Bihar Upchunav 2024 बिहार की चार सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए प्रशांत किशोर ने भी कमर कस ली है। उन्होंने भोजपुर की तरारी सीट के लिए उम्मीदवार का ...और पढ़ें

    प्रशांत किशोर ने उतारा पहला उम्मीदवार (जागरण)
    प्रशांत किशोर ने उतारा पहला उम्मीदवार (जागरण)

    एजेंसी, भोजपुर। Bihar News: बिहार की चार सीटों पर भी उपचुनाव की घोषणा कर दी गई है। इन सीटों पर 13 नवंबर को मतदान होना है। ऐसे में सभी पार्टियों ने कमर कस ली है। प्रशांत किशोर ने भी अपने पहले कैंडिडेट का एलान कर दिया है।

    लेफ्टिनेंट जनरल रिटायर्ड एसके सिंह को दिया टिकट

    प्रशांत किशोर ने तरारी विधानसीट से रिटायर्ड वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ कृष्णा सिंह को उम्मीदवार बनाया है। कृष्णा सिंह को अति विशिष्ट सेवा मेडल और उत्तम युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित किया जा चुका है। ये ऑपरेशन मेघदूत,रक्षक और पराक्रम जैसे प्रमुख सैन्य अभियानों में शामिल थे या उनका नेतृत्व कर रहे थे। कृष्णा सिंह तरारी के करथ गांव के निवासी हैं।

    सिचाचिन, कुपवाड़ा, लेह आदि में सैन्य कमान संभाल चुके लेफ्टिनेंट जनरल एसके सिंह ने 41 वर्षों तक सेना में सेवा दी है। 2013 में सेवानिवृत्ति के बाद वे आर्म फोर्सेस ट्रिब्यूनल में प्रशासनिक सदस्य के रूप में न्यायिक भूमिका में रहे। उन्होंंने बताया कि सेवानिवृत्ति के समय ही उनकी इच्छा हुई थी कि अपने गांव-क्षेत्र (तरारी) लौट आएं। अब बाकी जीवन जन-सेवा में व्यतीत होगा। सैन्य-सेवा के साथ ही पारिवारिक दायित्वों से निवृत्त हो चुके हैं।

    कृष्णा सिंह की पत्नी का हो चुका निधन, दो बेटे अमेरिका में कर रहे नौकरी

    पत्नी की मृत्यु हो चुकी है और दोनों बेटे अमेरिका में अच्छी नौकरी में हैं। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि उनका व्यक्तिगत विचार है कि अग्निवीर योजना का पुनर्आकलन होना चाहिए। हालांकि, इसमें भर्ती होने वाले युवाओं को वे हतोत्साहित भी नहीं करेंगे। सैनिकों के लिए रेजीमेंट एक परिवार होता है और चार-पांच वर्षों की सेवा से पारिवारिक भावना विकसित नहीं हो सकती। दूसरी महत्वपूर्ण बात यह कि एक सिविलियन को सैनिक बनाने में डेढ़ से दो वर्ष लग जाते हैं। अग्निवीरों के साथ परिपक्वता का प्रश्न होगा।

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    प्रशांत किशोर बोले- तरारी में कृष्णा सिंह जैसा योग्य प्रत्याशी दूसरा कोई नहीं

    पीके ने दावा किया कि तरारी में इनसे योग्य दूसरा प्रत्याशी नहीं हो सकता। उनके नेतृत्व में भोजपुर को माफियाओं और बाहुबलियों से मुक्त कराने का संघर्ष होगा। दूसरे क्षेत्रों में भी इसी तरह से सुयोग्य प्रत्याशी उतारे जाएंगे। अगर कोई दल जसुपा से योग्य प्रत्याशी ले आया तो वे उसका समर्थन करेंगे। उप चुनाव के परिणाम का असर 2025 के विधानसभा चुनाव पर पूर्णतया पड़ेगा और जसुपा बिहार में परिवर्तन के लिए प्रतिबद्ध है। सेवानिवृत्त आइपीएस अधिकारी आरके मिश्रा व अरविंद ठाकुर आदि प्रेस-वार्ता में उपस्थित रहे।

    सुदामा प्रसाद बने सांसद, इसलिए हो रहा उपचुनाव

    तरारी सीट पर 2020 के चुनाव में सीपीआई (एमएल) के सुदामा प्रसाद विधायक बने थे। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में आरा से चुनाव जीता और वो सांसद बन गए। सुदामा प्रसाद तरारी सीट से लगातार दो बार विधायक रह चुके हैं।

    बिहार की इन 4 सीटों पर होगा उपचुनाव

    बिहार की जिन सीटों पर उपचुनाव होने हैं, उनमें पहली भोजपुर की तरारी सीट, कैमूर जिले की रामगढ़ सीट, गया की इमामगंज और बेलागंज सीटें शामिल हैं। इन चारों सीटों पर 13 नवंबर को वोटिंग होगी और इनके नतीजे महाराष्ट्र-झारखंड चुनाव के नतीजों के साथ ही घोषित किए जाएंगे।

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