भरत तिवारी एनकाउंटर: बिलौटी पहुंचे मंत्री अशोक चौधरी, पूछा- SDM क्या कर रहे थे वहां?
मंत्री अशोक चौधरी ने बिलौटी गांव में भरत भूषण तिवारी के परिवार से मुलाकात की और एनकाउंटर को पुलिस का 'ओवर रिएक्शन' करार दिया। उन्होंने एसडीएम की भूमिक ...और पढ़ें

भरत तिवारी की मां की व्यथा सुनते मंत्री डॉ. अशोक चौधरी।
HighLights
मंत्री अशोक चौधरी ने बिलौटी में भरत तिवारी के परिवार से मुलाकात की।
एनकाउंटर को पुलिस का 'ओवर रिएक्शन' कहा, एसडीएम की जांच की मांग।
न्यायिक जांच आयोग गठित, परिवार को सुरक्षा का आश्वासन दिया गया।
संवाद सूत्र, शाहपुर (आरा)। पुलिस एनकाउंटर में मारे गए बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी के स्वजन से मिलने नेताओं और जनप्रतिनिधियों का सिलसिला लगातार जारी है।
इसी क्रम में रविवार को बिहार सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री डॉ. अशोक चौधरी बिलौटी पहुंचे। एनकाउंटर के बाद बिहार सरकार के किसी मंत्री का यह पहला दौरा था। उनके साथ जदयू नेता छोटू सिंह भी मौजूद थे।
मंत्री ने सबसे पहले भरत भूषण तिवारी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने मृतक की माता एवं अन्य स्वजन से बंद कमरे में काफी देर तक बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
पुलिस के ओवर रिएक्शन का है मामला
परिवार की बातें सुनने के बाद मंत्री ने पत्रकारों से कहा कि प्रथम दृष्टया पूरा मामला पुलिस के ओवर रिएक्शन का प्रतीत होता है और ऐसा लगता है कि स्थानीय प्रशासन की भूमिका भी सवालों के घेरे में है।
उन्होंने कहा कि भरत भूषण तिवारी गंगा कटाव से विस्थापित परिवारों की समस्याओं को लगातार उठाते रहे थे। इसी कारण स्थानीय प्रशासन उनसे नाराज था।
परिवार के लोगों ने कई ऐसे महत्वपूर्ण तथ्य बताए हैं, जो अब तक सार्वजनिक नहीं हुए हैं। जांच के दौरान इन सभी पहलुओं की गंभीरता से पड़ताल कराई जाएगी, ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके।

(भरत तिवारी के पिता से बात करते अशोक चौधरी।)
एसडीएम की भूमिका की होनी चाहिए जांच
मंत्री ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में कानून से ऊपर कोई नहीं है। पुलिस की हर कार्रवाई कानून के दायरे में होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि एनकाउंटर के दौरान तत्कालीन एसडीएम घटनास्थल पर किस भूमिका में मौजूद थे।
उनकी भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या साजिश सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने पूरे मामले की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायिक जांच आयोग का गठन किया है।
आयोग सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच कर रहा है। सरकार की मंशा है कि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिले और जो भी दोषी पाए जाएं, उन्हें कठोर से कठोर सजा दी जाए। सरकार किसी भी दोषी को बचाने के पक्ष में नहीं है।
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'आरोपित SDPO का प्रमोशन नहीं हुआ'
तत्कालीन एसडीपीओ को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि उन्हें किसी तरह का प्रमोशन नहीं दिया गया है।
जांच को प्रभावित होने से बचाने के लिए उनका तबादला किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि जांच पूरी तरह स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़े।
यदि जांच में किसी अधिकारी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
एनकाउंटर स्थल पहुंचे, विस्थापितों से भी मिले
स्वजन से मुलाकात के बाद मंत्री एनकाउंटर स्थल पर भी पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने वहां बसाए जा रहे गंगा कटाव से विस्थापित परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं।
उन्होंने कहा कि जिन मुद्दों को लेकर भरत भूषण तिवारी लगातार आवाज उठा रहे थे, आज सरकार उन्हीं विस्थापित परिवारों के पुनर्वास और सुविधाओं पर काम कर रही है।
पिस्तौल की जांच रिपोर्ट का इंतजार
भरत भूषण तिवारी के पास मिली पिस्तौल को लेकर मंत्री ने कहा कि कुछ लोगों का दावा है कि वह नकली थी। हालांकि इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस हथियार को जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज चुकी है और रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
परिवार की सुरक्षा का दिया भरोसा
पीड़ित परिवार की सुरक्षा के सवाल पर मंत्री ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में वह स्वयं मुख्यमंत्री से बात करेंगे, ताकि परिवार को आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराई जा सके।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार पूरे मामले की लगातार निगरानी कर रही है और निष्पक्ष जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मंत्री के दौरे के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, जनप्रतिनिधि और जदयू कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।