Basant Panchami 2026: 23 जनवरी को बसंत पंचमी, सुबह 7.20 से लेकर दोपहर 1.45 बजे तक श्रेष्ठ मुहूर्त
बसंत पंचमी, जो देवी सरस्वती का आविर्भाव दिवस है, 23 जनवरी को मनाई जाएगी। बक्सर में इसकी तैयारियां जोरों पर हैं। आचार्य अमरेंद्र कुमार शास्त्री के अनुस ...और पढ़ें

23 जनवरी को बसंत पंचमी, सुबह 7.20 से लेकर दोपहर 1.45 बजे तक श्रेष्ठ मुहूर्त
HighLights
बसंत पंचमी 23 जनवरी को, देवी सरस्वती का आविर्भाव दिवस।
पूजा का श्रेष्ठ मुहूर्त शुक्रवार सुबह 7:20 से दोपहर 1:45 तक।
बक्सर में मूर्तियों की बुकिंग अच्छी, पंडालों में तैयारियां तेज।
जागरण संवाददाता, बक्सर। देवी सरस्वती विद्या की अधिष्ठातृ देवी हैं और विद्या को सभी धनों में प्रधान धन कहा गया है, जिनका आविर्भाव दिवस शुक्रवार 23 जनवरी को है। मनीषियों ने माघ शुक्लपक्ष की पंचमी तिथि को ही सर्वगुण संपन्न देवी सरस्वती का आविर्भाव दिवस बताया है।
इसी दिन सभी जातकों द्वारा मां भारती की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। कर्मकांडी आचार्य अमरेंद्र कुमार शास्त्री उर्फ साहेब पंडित ने बताया कि पंचमी तिथि का आगमन गुरुवार की मध्य रात्रि एक बजकर अठारह मिनट पर हो रहा है, जो शुक्रवार की रात बारह बजकर आठ मिनट तक विद्यमान रहेगी।
उन्होंने कहा कि पूजा सुविधा अनुरूप किसी भी समय की जा सकती है, परंतु शुक्रवार की सुबह सूर्योदय उपरांत 7:20 से लेकर दोपहर 1:45 बजे तक का समय श्रेयष्कर होगा।
इधर, कारीगरों के यहां से आयोजकों द्वारा पंडाल तक मूर्ति पहुंचाने का सिलसिला बुधवार से शुरू हो गया है। कई तो मनचाहे वस्त्र, मुकुट की खरीद कर कारीगरों के हाथों ही धारण कराते देखे गए। मौके पर शिवकुमार प्रजापति व मुक्तेश्वर प्रजापति ने बताया कि इस बार मूर्तियों की बुकिंग अच्छी हुई है।
मूर्तिकारों ने कहा कि प्रतिमा बनाने का काम कार्तिक छठ पूजा के बाद से ही शुरू कर दी गई थी। मूर्ति पूजन को लेकर शहर के कई मोहल्लों में पंडाल निर्माण का कार्य जोर-शोर से शुरू है। पूजनोत्सव को लेकर किशोर ज्यादा उत्साहित दिख रहे हैं।