यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Buxar News: बक्सर में बनेंगे 7 नए सब स्टेशन, दूर होगी बिजली की समस्या; विद्युत विभाग ने शुरू की तैयारी
बक्सर में जल्द ही लोगों की बिजली को लेकर हो रही समस्या दूर हो जाएगी। जिले में कुल 8 विद्युत सब स्टेशन (पीएसएस) बनना है जिसके लिए भूमि की तलाश की जारी ...और पढ़ें

HighLights
- साउथ बिहार विद्युत कंपनी के पदाधिकारी भूमि की कर रहे तलाश
- सभी पीएसएस पर लगाए जाएंगे 10-10 एमवीए के दो पावर ट्रांसफॉर्मर
गिरधारी अग्रवाल, बक्सर। शहर में एक अलग से पावर सब स्टेशन की मांग कई वर्षों से हो रही थी। इसके लिए कई बार कंपनी के स्थानीय पदाधिकारियों द्वारा साउथ बिहार विद्युत कंपनी को प्रतिवेदन (प्रार्थना पत्र) भी भेजा गया।
अब बताया जा रहा है कि शहर समेत जिले में कुल आठ विद्युत सब स्टेशन (पीएसएस) बनना है, जिसके लिए भूमि की तलाश जारी है। कंपनी के अधिकारी ने बताया कि सभी पीएसएस पर 10-10 एमवीए के दो पावर ट्रांसफॉर्मर लगने हैं।
कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि बिजली की मांग साल दर साल बढ़ रही है। ऐसे में शहर के एक सब स्टेशन के सहारे पूरे क्षेत्र को बिजली उपलब्ध कराने में परेशानी बढ़ जाती है। यही हाल ग्रामीण क्षेत्रों का है, बिजली आपूर्ति के बढ़ते दायरे में अन्य पीएसएस का भी होना जरूरी है।
इससे विद्युत मेंटेनेंस में राहत मिलेगी। वहीं, सुगम तरीके से लोगों को बिजली भी मिलेगी। शहर की ही बात करें तो यहां बिजली की देखरेख के लिए लगभग 20 लोग लगाए गए हैं, जो उपभोक्ताओं द्वारा बिजली में आई खामियों की शिकायत का निवारण करते हैं।
इसके लिए अलग-अलग निर्धारित किए गए तीन शिफ्ट के लिए छह लोगों की सेवा एक समय में ली जाती है। उसमें तीन को शहर के पश्चिमी क्षेत्र एवं अन्य तीन को पूर्वी क्षेत्र में लगाया जाता है।
संख्या बल कम होने से फॉल्ट दुरुस्त करने में समय अधिक खर्च होता है, लेकिन अलग पीएसएस स्थापित हो जाने से और लोगों के साथ अन्य कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति भी होगी और चरित्रवन पावर सब स्टेशन से संबंधित फीडरों का लोड भी घटेगा।
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साथ ही फॉल्ट आने पर नए पीएसएस में नियुक्त मानव बल (बिजली मिस्त्री) को भेजा जाएगा। अभी एक बड़े क्षेत्र की देखरेख यहां के कर्मियों को ही देखना पड़ता है।
अभी जिले में 23 पीएसएस
अधिकारियों के मुताबिक, 23 विद्युत सब स्टेशन के सहारे जिले के 2 लाख 67 हजार से ऊपर उपभोक्ताओं को बिजली मुहैया कराई जाती है। उनमें शहर में लगभग 29 हजार 400 उपभोक्ता हैं।
कहने को तो इन सभी उपभोक्ताओं को मुख्यालय में लगे दो सब-स्टेशन (चरित्रवन एवं औद्योगिक) के सहारे बिजली की आपूर्ति की जाती है, लेकिन औद्योगिक पीएसएस से शहरी क्षेत्र के लगभग 15 प्रतिशत उपभोक्ताओं को ही बिजली मिलती है।
कहां-कहां स्थापित होने हैं विद्युत सबस्टेशन
कंपनी के अधिकारी के मुताबिक जिला सदर अस्पताल समीप (संभावित), मानिकपुर-कतराई (राजपुर), छोटका सिंहनपुरा (सिमरी), दुधार चक (सदर प्रखंड), कुल्हड़ियां (सदर प्रखंड), कड़सर (नवानगर), चंद्रपुरा (ब्रह्मपुर) आदि क्षेत्र में विद्युत सबस्टेशन स्थापित करने की योजना है।
अधिकारी का है कहना
शहर में अलग पीएसएस निर्माण को भूमि के लिए जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया गया है, जिनके माध्यम से अंचलाधिकारी को अवगत कराया गया है, इसके मिलते ही पीएसएस स्थापित करने का काम शुरू हो जाएगा। - समरेंद्र कुमार, सहायक विद्युत अभियंता (प्रोजेक्ट)
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