दरभंगा में 6 महीने से नहीं मिला आयुष्मान का भुगतान, स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
सरकारी और निजी अस्पतालों में आयुष्मान भारत योजना के तहत छह महीने से भुगतान लंबित है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सहयोगी, बेनीपुर। सरकारी एवं निजी अस्पतालों में आयुष्मान भारत योजना के तहत पिछले करीब छह माह से भुगतान लंबित रहने के कारण स्वास्थ्य व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ने लगा है।
अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों का कहना है कि लगातार बकाया राशि नहीं मिलने से मरीजों के इलाज में गंभीर परेशानियां उत्पन्न हो रही है। जानकारी के अनुसार, केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा आयुष्मान भारत योजना के तहत अधिक से अधिक लाभुकों को जोड़ने के लिए युद्धस्तर पर गोल्डन कार्ड बनाने का अभियान चलाया जा रहा है।
गांव-गांव में शिविर लगाकर लोगों को कार्ड उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों को निशुल्क इलाज मिल सके। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि अस्पतालों को इलाज के एवज में मिलने वाली राशि समय पर नहीं मिल रही है।
अस्पताल संचालकों का कहना है कि कई महीनों से भुगतान लंबित रहने के कारण दवाइयों की खरीद, जांच सुविधा, स्टाफ वेतन एवं अन्य आवश्यक खर्चों को वहन करना मुश्किल हो गया है।
कई छोटे निजी अस्पताल आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। कुछ अस्पतालों ने आयुष्मान योजना के तहत मरीजों का इलाज सीमित कर दिया है, जबकि कुछ नए मरीजों को भर्ती करने में अनिच्छा दिखा रहे हैं।
चिकित्सकों के अनुसार योजना का उद्देश्य गरीबों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना है, लेकिन भुगतान में देरी का सीधा असर मरीजों पर पड़ रहा है। कई बार मरीजों को आवश्यक जांच या दवा के लिए बाहर भेजना पड़ता है, जिससे उनकी परेशानी बढ़ जाती है।
कार्ड रहने के बावजूद मरीजों को सुविधा नहीं
मरीजों एवं उनके स्वजन का कहना है कि कार्ड रहने के बावजूद उन्हें पूरी सुविधा नहीं मिल पा रही है। अस्पतालों में भुगतान लंबित रहने की बात कहकर इलाज में देरी की जा रही है, जिससे गरीब परिवारों की चिंता बढ़ गई है।
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अस्पताल प्रबंधन ने सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग से अविलंब बकाया राशि जारी करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो आयुष्मान योजना का लाभ धरातल पर प्रभावित हो सकता है।
सिविल सर्जन डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि तकनीकी एवं प्रशासनिक कारणों से भुगतान प्रक्रिया में देरी हुई है। इसे शीघ्र दुरुस्त करने का प्रयास किया जा रहा है और जल्द ही अस्पतालों को बकाया राशि उपलब्ध करा दी जाएगी, ताकि मरीजों को बिना किसी बाधा के उपचार मिल सके।