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    काठमांडू में पकड़े गए साइबर ठगों के तार रक्सौल बॉर्डर से जुड़े होने की आशंका, एजेंसियां अलर्ट

    Updated: Tue, 02 Jun 2026 01:57 PM (IST)

    काठमांडू में 15 बांग्लादेशी साइबर ठगों की गिरफ्तारी से भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। ...और पढ़ें

    काठमांडू में पकड़े गए साइबर ठगों के तार रक्सौल बॉर्डर से जुड़े होने की आशंका (AI Generated Image)

    काठमांडू में पकड़े गए साइबर ठगों के तार रक्सौल बॉर्डर से जुड़े होने की आशंका (AI Generated Image)

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    जागरण संवाददाता, रक्सौल (पूच)। भारत-नेपाल सीमा (India Nepal Border) पर बढ़ती साइबर ठगी की घटनाओं के बीच नेपाल की राजधानी काठमांडू में 15 बांग्लादेशी नागरिकों की गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।

    नेपाल पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी फर्जी विदेशी मॉडल और युवतियों के नाम से सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर भारतीय और बांग्लादेशी नागरिकों को अपने जाल में फंसाते थे। चूंकि रक्सौल भारत-नेपाल आवागमन का प्रमुख प्रवेश द्वार है, इसलिए सुरक्षा एजेंसियां इस नेटवर्क के सीमावर्ती क्षेत्रों से संभावित संबंधों की भी जांच कर रही हैं।

    नेपाल पुलिस अपराध अनुसंधान कार्यालय, काठमांडू द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर काठमांडू महानगरपालिका वार्ड संख्या 16 स्थित एसीई होटल में छापामारी की गई।

    जांच में पाया गया कि होटल की चौथी, पांचवीं और छठी मंजिल से संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों का संचालन किया जा रहा था। आरोपी विजिट वीजा पर नेपाल पहुंचे थे, लेकिन वे वीजा के उद्देश्य के विपरीत साइबर गतिविधियों में संलिप्त पाए गए।

    पुलिस के अनुसार, गिरोह फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर लोगों से दोस्ती करता था। इसके बाद वीडियो कॉल और ऑनलाइन बातचीत के माध्यम से विश्वास जीतकर उनसे धन उगाही और साइबर ठगी जैसी गतिविधियों को अंजाम देता था।

    प्रेस विज्ञप्ति में जिन आरोपियों के नाम सार्वजनिक किए गए हैं, उनमें मो. माजिदुल इस्लाम रेडोय (25 वर्ष), शफिउल इस्लाम (22 वर्ष) तथा अपोन चंदा साहा (22 वर्ष) शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि सभी आरोपी बांग्लादेश के विभिन्न जिलों के निवासी हैं। शेष गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान और नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है।

    छापामारी के दौरान पुलिस को कई डिजिटल उपकरण और ऑनलाइन गतिविधियों से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य भी मिले हैं। गिरफ्तार सभी 15 बांग्लादेशी नागरिकों को आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई के लिए काठमांडू स्थित आव्रजन विभाग को सौंप दिया गया है।

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    नेपाल पुलिस का मानना है कि मामला केवल वीजा नियमों के उल्लंघन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार सीमा पार संचालित साइबर अपराध और ऑनलाइन फ्रॉड नेटवर्क से भी जुड़े हो सकते हैं।

    इधर, रक्सौल, वीरगंज नेपाल के पर्सा और बारा के अलावा अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा एवं खुफिया एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं इस गिरोह का नेटवर्क भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में सक्रिय किसी अन्य साइबर गिरोह से तो नहीं जुड़ा था।

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