Gaya Borewell Rescue Operation बोरिंग में जिंदगी की जंग: तीन घंटे बाद पहुंची NDRF टीम, लोगों की दुआ... पीयूष सुरक्षित लौट आए
गया के फतेहपुर प्रखंड में 4 वर्षीय पीयूष कुमार खुले बोरिंग में गिर गया, जिसके बाद बचाव अभियान जारी है। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें बच् ...और पढ़ें

बच्चे तक ऑक्सीजन पहुंचाने की कोशिश
HighLights
4 वर्षीय पीयूष गया के फतेहपुर में बोरिंग में गिरा।
स्थानीय प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ बचाव कार्य में जुटे।
ऑक्सीजन पहुंचाई जा रही, जेसीबी से समानांतर गड्ढा खोदा जा रहा।
जागरण संवाददाता, गयाजी। गया के फतेहपुर प्रखंड के रंगूनगर गांव में गुरुवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को चिंता और बेचैनी में डाल दिया। चार वर्षीय पीयूष कुमार खुले बोरिंग में गिर गया, जिसके बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और हर किसी की नजरें उसके सुरक्षित बाहर निकलने की उम्मीद पर टिक गईं।
तीन घंटे बाद भी नहीं पहुंची एनडीआरएफ
घटना के करीब तीन घंटे बाद तक राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम मौके पर नहीं पहुंच सकी थी। इसे लेकर ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी भी देखने को मिली।
हालांकि स्थानीय प्रशासन, पुलिस और बाद में पहुंची एसडीआरएफ टीम लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी रही।
बच्चे तक ऑक्सीजन पहुंचाने की कोशिश
मौके पर मौजूद अधिकारियों ने बच्चे तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए तत्काल व्यवस्था शुरू कराई। गैस सिलेंडर मंगाए गए और पाइप के जरिए बोरिंग के भीतर ऑक्सीजन पहुंचाने का प्रयास किया गया।
ग्रामीणों का कहना था कि बच्चे को सुरक्षित निकालने के लिए अत्याधुनिक संसाधनों और विशेषज्ञ टीम की तत्काल जरूरत है।
मां की पुकार सुन भावुक हुआ पूरा गांव
घटनास्थल का सबसे मार्मिक दृश्य पीयूष की मां का था। वह लगातार रोते हुए गंगा मैया से अपने बेटे की सलामती की प्रार्थना करती रहीं। उनकी जुबान पर बस एक ही शब्द था— "हे गंगा मैया, हमर बेटवा के बचा द..."।
मां की यह पुकार सुनकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। पीयूष अपने माता-पिता का सबसे छोटा बेटा है। उसके पिता दिनेश मांझी मुंबई में रहकर मजदूरी करते हैं।
खेत में पाइप बिछाने के दौरान हुआ हादसा
ग्रामीणों के अनुसार, पीयूष अपनी मां के साथ खेत में पटवन के लिए पाइप बिछाने आया था। इसी दौरान वह घर से करीब 100 फीट दूर खुले बोरिंग के पास पहुंच गया और खेलते-खेलते उसमें गिर गया।
मिनट-दर-मिनट: कैसे बढ़ता गया रेस्क्यू ऑपरेशन
शाम 06:30 बजे
पीयूष हाथ में मोबाइल लेकर घर से करीब 100 फीट दूर अकेले खेलते हुए पहुंचा। इसी दौरान वह खुले बोरिंग में गिर गया। घटना के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
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शाम 07:00 बजे
सूचना मिलते ही गुरपा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। ऑक्सीजन टंकी मंगाकर पाइप के माध्यम से बोरिंग के भीतर ऑक्सीजन पहुंचाने की कोशिश शुरू हुई।
फतेहपुर बीडीओ शशि भूषण साहू और सीओ अमिता सिंहा भी एंबुलेंस के साथ घटनास्थल पहुंचे।
रात 08:00 बजे
बच्चे तक पहुंचने के लिए जेसीबी मशीन मंगाकर बोरिंग के समानांतर गड्ढे की खुदाई शुरू की गई, ताकि वैकल्पिक रास्ते से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा सके।
रात 10:00 बजे
एसडीपीओ सुनील कुमार पांडेय घटनास्थल पहुंचे। एसडीआरएफ की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन की ओर से बताया गया कि एनडीआरएफ की टीम रास्ते में है।
पूरे गांव की दुआ: पीयूष सुरक्षित लौट आए
देर रात तक गांव में हजारों लोगों की भीड़ जुटी रही। हर किसी की नजरें बोरिंग पर टिकी थीं और हर प्रार्थना में सिर्फ एक ही मांग थी, पीयूष सकुशल बाहर निकल आए। रात बढ़ती गई, लेकिन गांव की उम्मीदें और दुआएं पियूष के साथ बनी रहीं।