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    गया में सुधा दूध केंद्र खोलकर कमाई का मौका, सरकार दे रही 60 हजार रुपये की सब्सिडी; कैसे करें आवेदन? 

    Updated: Tue, 14 Jul 2026 07:15 PM (IST)

    गया जिले के सभी 331 पंचायतों में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत जीविका सुधा दूध बिक्री केंद्र खुलेंगे। यह पहल महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ेगी औ ...और पढ़ें

    एआई जनरेटेड फोटो

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    HighLights

    1. गया के 331 पंचायतों में खुलेंगे जीविका सुधा केंद्र।

    2. मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से महिलाओं को मिलेगा स्वरोजगार।

    3. सरकार देगी 60 हजार रुपये की वित्तीय सहायता, आवेदन जारी।

    जागरण संवाददाता, गयाजी। जीविका एवं काम्फेड के संयुक्त प्रयास से मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत जिले के सभी 331 पंचायतों में जीविका सुधा दूध बिक्री केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इस पहल से महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और गांव स्तर पर गुणवत्तापूर्ण डेयरी उत्पादों की उपलब्धता बढ़ेगी।

    इसके लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है। जिला परियोजना प्रबंधक आचार्य मम्मट ने बताया कि यह योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    उन्होंने कहा कि जीविका महिलाओं को रोजगार से जोड़कर उनकी आत्मनिर्भरता और स्वाबलंबन को मजबूती प्रदान कर रहा है। बिक्री केंद्र भी महिलाओं द्वारा ही संचालित होंगे, जिससे उन्हें आर्थिक स्वतंत्रता के साथ-साथ नेतृत्व का अवसर मिलेगा।

    सरकार दे रही सब्सिडी 

    युवा पेशेवर पशुधन आतिश कुमार ने जानकारी दी कि प्रत्येक पंचायत से एक महिला का चयन किया जाएगा, जो मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की लाभार्थी होगी।

    चयनित महिलाओं को सरकार की ओर से 60 हजार रूपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, जबकि लाभार्थी को 15,000 का अंशदान रूपये करना होगा। कुल निवेश 75,000 रूपये निर्धारित है, जिससे डीप फ्रीजर, विजी कूलर, दुकान की ब्रांडिंग, परिवहन सहायता एवं दुकान की मरम्मत/पेंटिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी।

    इच्छुक जीविका दीदियां ऑनलाइन पोर्टल (jsbk.brlps.in) के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं। लाभार्थियों का चयन ऑनलाइन रैंडम लाटरी सिस्टम से किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। योजना का लाभ केवल जीविका स्वयं सहायता समूह की महिला सदस्यों को मिलेगा।

    प्रबंधक पशुधन प्रभात कुमार ने बताया कि पात्र जीविका दीदियों को पंचायत में कार्यरत सामुदायिक समन्वयक,क्षेत्रीय समन्वयक अथवा संकुल संघ के कम्युनिटी फैसिलिटेटर आवेदन करने में सहयोग करेंगे। महिलाएं स्वयं भी लिंक पर आवेदन कर सकती हैं।

    महिलाओं के स्वरोजगार पर जोर

    इस योजना से न केवल महिलाओं को आर्थिक अवसर मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर दूध एवं उससे बने उत्पाद जैसे पनीर, दही, आइसक्रीम, मक्खन आदि की उपलब्धता भी बढ़ेगी।

    जिला परियोजना प्रबंधक ने सभी विषयगत प्रबंधकों, प्रखंड परियोजना प्रबंधकों एवं प्रखंड कर्मियों को निर्देशित किया है कि वे अधिक से अधिक पात्र महिलाओं तक इस योजना की जानकारी पहुंचाएं।

    संकुल संघों, ग्राम संगठनों एवं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से प्रचार-प्रसार एवं जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि पंचायतों में अधिक से अधिक महिलाओं का आवेदन प्राप्त हो सके।

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