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    8 घंटे तक मौत को मात देने वाले पीयूष के 'काले टीके' की कहानी वायरल, हर तरफ हो रही चर्चा

    Updated: Fri, 17 Jul 2026 03:56 PM (IST)

    फतेहपुर के रंगूनगर गांव में बोरवेल से 4 वर्षीय पीयूष के सकुशल निकलने के बाद ग्रामीण एसडीआरएफ की सराहना कर रहे हैं। वहीं, गांव की महिलाएं इसे मां की मम ...और पढ़ें

    पीयूष के काले टीके की कहानी

    पीयूष के काले टीके की कहानी

    HighLights

    1. 4 वर्षीय पीयूष बोरवेल से सकुशल बाहर निकला।

    2. ग्रामीणों ने मां के काले टीके को बताया सुरक्षा कवच।

    3. एसडीआरएफ की सफल रेस्क्यू कार्रवाई की हुई सराहना।

    संवाद सूत्र, फतेहपुर (गया)। फतेहपुर प्रखंड के रंगूनगर गांव में बोरवेल से चार वर्षीय पीयूष के सकुशल बाहर निकलने के बाद जहां लोग एसडीआरएफ की सफल रेस्क्यू कार्रवाई और प्रशासनिक तत्परता की सराहना कर रहे हैं। 

    वहीं ग्रामीणों के बीच एक और चर्चा प्रमुखता से हो रही है। गांव की महिलाएं इसे मां की ममता, दुआ और बच्चे के माथे पर लगा काला टीके से जोड़कर देख रही हैं।

    गुरुवार दिन में ही लगाया था काला टीका

    ग्रामीणों के अनुसार पीयूष की मां प्रमिला देवी ने गुरुवार दिन में ही बेटे की आंखों में काजल लगाने के बाद उसके ललाट पर काला टीका लगाया था। गांवों में आज भी छोटे बच्चों को बुरी नजर और नकारात्मक प्रभाव से बचाने के लिए काजल का टीका लगाने की परंपरा प्रचलित है। घर में वैदिक विधि और पारंपरिक तरीके से तैयार किए गए काजल को आंखों के साथ साथ माथे पर भी लगाया जाता है।

    बोरवेल हादसे के बाद जब करीब 300 फीट गहरे बोरवेल में गिरा जहां पीयूष 35 फीट की गहराई पर आठ घंटे तक फंसा रहा और अंततः सुरक्षित बाहर निकाला गया। तो ग्रामीण महिलाओं ने इसे ईश्वर की कृपा, मां की प्रार्थना और काले टीके के शुभ प्रतीक से जोड़कर देखा। 

    बच्चे की रक्षा भगवान ने की

    गांव की बुजुर्ग महिलाओं का कहना है कि बच्चे की रक्षा भगवान ने की, लेकिन मां की ममता और उसकी शुभकामना का प्रतीक काला टीका भी लोगों की आस्था का हिस्सा है।

    हालांकि चिकित्सकीय दृष्टि से काला टीका सुरक्षा का प्रमाणित माध्यम नहीं माना जाता। लेकिन ग्रामीण समाज में यह परंपरा आज भी स्नेह, शुभकामना और बच्चों की सलामती की कामना के प्रतीक के रूप में निभाई जाती है। पियूष के सकुशल बचने के बाद यह परंपरा एक बार फिर गांव की चर्चाओं के केंद्र में है।

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