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    'जनता का विश्वास बनाए रखना जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी', गयाजी में बोले यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना

    Updated: Mon, 13 Jul 2026 04:36 AM (IST)

    उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने गया में विधायकों के प्रबोधन कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों को जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए निरंतर सेवा क ...और पढ़ें

    उतर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित करते बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार। (जागरण)

    उतर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित करते बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार। (जागरण)

    HighLights

    1. जनप्रतिनिधियों को जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए निरंतर सेवा।

    2. संसदीय प्रणाली सुदृढ़ करने हेतु विधायकों का प्रबोधन कार्यक्रम।

    3. विधायकों ने विधायी क्षमता बढ़ाने हेतु गहन प्रश्नोत्तर में भाग लिया।

    जागरण संवाददाता, गयाजी। उत्तर प्रदेश विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि जनप्रतिनिधियों की परीक्षा हर दिन होती है। हमें जनता का विश्वास मिला है तभी हम उनके द्वारा चुने गए हैं, इस विश्वास को बनाए रखने के लिए हमें जनता की निरंतर सेवा करनी होगी।

    आज भी उपस्थित सदस्यों ने वक्ताओं से गहन प्रश्नोत्तर किया। मुझे पूरी उम्मीद है कि इससे उनकी विधायी क्षमता में निश्चित रूप से उल्लेखनीय वृद्धि हुई होगी।

    यह बात गयाजी के बिपार्ड में विधायकों के प्रबोधन कार्यक्रम के दूसरे दिन रविवार को उतर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा।

    उन्होंने कहा कि संसदीय प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए यह प्रशिक्षण बहुत जरूरी है। सदस्यों को विधानसभा में बदलते परिवेश में हमेशा अपडेट रहना चाहिए। जन सरोकार से जुड़े विषयों पर सदन के अंदर चर्चा करना चाहिए।

    समापन कार्यक्रम में बिहार विधानसभा अध्यक्ष डा प्रेम कुमार ने यह अत्यंत संतोष और प्रसन्नता का विषय है कि इस कार्यक्रम में सत्ता पक्ष एवं विपक्ष दोनों के सदस्यों ने समान उत्साह, गंभीरता और सकारात्मक भावना के साथ भागीदारी की।

    संसदीय कार्यप्रणाली, विधायी दायित्वों, सदन की मर्यादा, संसदीय परंपराओं तथा जनप्रतिनिधियों की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक व्याख्यान दिए गए।

    सदस्यों ने पूछे प्रश्न

    सदस्यों ने भी पूरे मनोयोग से सहभागिता करते हुए प्रश्न पूछे, अपने अनुभव साझा किए और विषयों पर गंभीर चर्चा की। इससे यह कार्यक्रम केवल औपचारिक आयोजन न रहकर एक सार्थक संवाद एवं ज्ञान-विनिमय का प्रभावी मंच बन गया।

    कार्यक्रम से प्राप्त ज्ञान, अनुभव एवं सुझाव माननीय सदस्यों के संसदीय दायित्वों के निर्वहन को और अधिक प्रभावी बनाएंगे। इससे सदन की कार्यवाही की गुणवत्ता, लोकतांत्रिक विमर्श की गरिमा तथा जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप विधायी कार्यों को नई ऊर्जा प्राप्त होगी।

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    इन सत्रों में उत्तर प्रदेश विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना, सांसद जगदम्बिका पाल, सदस्य तारकिशोर प्रसाद, उमेश कुशवाहा,संदीप सौरभ, प्रफुल्ल मांझी, दीपा मांझी, सतीश कुमार सिंह यादव एवं कमरूल होदा ने अपने विचार रखे।

    जानकारी हो कि दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम में आठ सत्र हुए। आठ सत्र तकनीकी रहा। इसमें विशेष रूप से विशेषाधिकार, नवाचार, बजट की तैयारी, संवेदनशीलता, जनहित मुद्दा अन्य विषयों पर चर्चा की गई।

    सभी सत्रों में सदस्यों ने भाग लिया। अपने अंदर जिज्ञासु प्रश्नों पूछा, इसका अनुभवी सदस्य व विशेषज्ञों पर उतर देकर उनके जिज्ञासु को कम करने का कार्य किया। इस तरह दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम का समापन किया गया।

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