यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Amrud Ki Kheti: अमरूद की खेती कर बन सकते हैं मालामाल, नीतीश सरकार ने ले लिया बड़ा फैसला
बिहार में उद्यान विभाग ने जिले में 100 हेक्टेयर में अमरूद के व्यावसायिक खेती की पहल की है। इसके लिए सभी प्रखंडों के लिए भी लक्ष्य निर्धारित किया गया ह ...और पढ़ें

HighLights
- एक हेक्टेयर खेत में लगेंगे 1,110 अमरूद के पौधे
- 90 प्रतिशत पौधों के बचने पर दिया जाएगा अनुदान
जागरण संवाददाता, गोपालगंज। घर के आंगन की अमरूद की मिठास अब किसानों के खेतों में भी घुलेगी। इस साल उद्यान विभाग ने जिले में 100 हेक्टेयर में अमरूद के व्यावसायिक खेती की पहल की है।
इस अभियान के तहत केला तथा पपीता के साथ अमरूद की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। इन फलों की खेती करने वाले किसानों को अनुदान भी मिलेगा।
अमरूद, पपीता तथा केला के लिए अलग-अलग अनुदान की राशि निर्धारित की गई है। इन फलों की खेती करने वाले किसानों को अनुदान देने के साथ ही उन्हें उन्नत तरीके से फलों की खेती करने के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
गायब हो रहे अमरूद के पेड़
एक समय था कि जब हर घर के आंगन में अमरूद के पेड़ होते थे। गांव के बगीचे में भी आम के बाद अमरूद के ही पेड़ नजर आते थे। समय के साथ अमरूद बगीचों से गायब होता चला गया।
घर-घर के सामने दिखने वाले अमरूद के पेड़ अब कुछ ही घरों के सामने नजर आते हैं। ऐसे में उद्यान विभाग ने इस साल से अमरूद की मिठास फिर से खेतों में घोलने की तैयारी करते हुए इसकी व्यावसायिक खेती कराने का निर्णय लिया है।
इस योजना के तहत थावे प्रखंड सहित जिले के सभी प्रखंडों में अमरूद की व्यावसायिक खेती करने की पहल की गई है। अमरूद की खेती के लिए जिले के साथ ही सभी प्रखंडों के लिए भी लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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जिला कृषि पदाधिकारी ललन प्रसाद सुमन बताते हैं कि जिले में पहले चरण में 100 हेक्टेयर में अमरूद की व्यवसायी खेती करने के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए सभी प्रखंडों के लिए भी लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
प्रति हेक्टेयर लगाए जाएंगे 1110 पौधे
उन्होंने बताया कि प्रति हेक्टेयर में अमरूद के 1,110 पौधे लगाए जाएंगे। प्रति पौधे की कीमत 30 रुपये होती है। किसानों को अनुदान पर पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। अमरूद की खेती करने वाले किसानों को पहले साल 90 प्रतिशत पौधे बचने पर अनुदान दिया जाएगा।
कृषि पदाधिकारी ने बताया कि अनुदान की राशि किसानों के खाता में भेजी जाएगी। इसके साथ ही किसानों को उन्नत तरीके से अमरूद की खेती करने के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अमरूद की खेती के लिए किसानों को चयनित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।