54 तरह के उद्योगों के लिए 10 लाख तक की सहायता;बिहार के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल, ऐसे मिलेगा लाभ
गोपालगंज के 225 युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत ₹10 लाख तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसमें ₹5 लाख अनुदान और ₹5 ल ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री उद्यमी योजना से गोपालगंज के 225 युवा होंगे लाभान्वित। सांकेतिक तस्वीर
HighLights
225 युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की पहल।
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत ₹10 लाख तक की सहायता।
₹5 लाख अनुदान, ₹5 लाख आसान शर्तों पर ऋण।
जागरण संवाददाता, गोपालगंज। जिले के 225 युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और उन्हें उद्यम स्थापित करने का अवसर देने के लिए सरकार की ओर से विशेष पहल की जा रही है।
उद्योग स्थापना के इच्छुक युवाओं को मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे अपने व्यवसाय की शुरुआत कर आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
10 लाख तक मिलेगा रोजगार व उद्योग के लिए ऋण
इस योजना में युवाओं को अधिकतम 10 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। ऋण की राशि में से पांच लाख रुपये युवाओं को आसान ब्याज दर पर सात वर्षों के भीतर वापस जमा करने होंगे।
जबकि शेष पांच लाख रुपये की राशि राज्य सरकार की ओर से अनुदान के रूप में दी जाएगी।
बिहार के स्थायी निवासी को मिलेगा लाभ
इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक बिहार का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, बेरोजगार युवाओं और महिलाओं को प्राथमिकता देने का प्रावधान है।
आवेदकों के पास कम से कम इंटरमीडिएट या समकक्ष योग्यता होनी चाहिए। आवेदन करने के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम 50 वर्ष होना अनिवार्य है। आवेदक के पास बैंक में करंट अकाउंट या उनके फार्म के नाम पर एक चालू खाता होना चाहिए।
इन उद्योगों के लिए ले सकते हैं ऋण
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के लिए 54 तरह के उद्योग लगाने के लिए सरकार की ओर से ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इसमें खाद्य प्रसंस्करण के आटा, सत्तू, बेसन उत्पादन, मसाला, नमकीन, जैम, जैली, सॉस, नूडल्स, पापड़, अचार, मोरब्बा, फलों का जूस, मिठाई आदि शामिल हैं।
इसी तरह फर्नीचर उद्योग से संबंधित बढ़ईगिरी, बांस का समान, नाव, बेंत का फर्नीचर निर्माण को ले आवेदन किया जा सकता है।
सीमेंट की जाली, दरवाजा, खिड़की, प्लास्टर आफ पेरिस का सामान, दैनिक सामग्री जैसे डिटर्जेंट पाउडर, बिंदी, मेंहदी, मोमबती, कृषि यंत्र, गेट ग्रिल, मधुमक्खी का बक्शा, आभूषण निर्माण, स्टील बाक्स, बिजली पंखा, स्टेबलाइजर और आइटी क्षेत्र शामिल है।
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