Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    ईरान के हमले में बिहार के युवक की मौत, 7 दिन बाद दुबई से गोपालगंज पहुंचा शिप इंजीनियर रोहन का शव

    Updated: Mon, 20 Jul 2026 05:40 PM (IST)

    दुबई में कार्यरत शिप इंजीनियर रोहन उर्फ सोनू गुप्ता का पार्थिव शरीर ईरान के हमले में मौत के एक सप्ताह बाद उनके पैतृक गांव गोपालगंज पहुंचा। बेटे का शव ...और पढ़ें

    अंतिम दर्शन के लिए आये ग्रामीण। फोटो जागरण

    अंतिम दर्शन के लिए आये ग्रामीण। फोटो जागरण

    HighLights

    1. शिप इंजीनियर रोहन का पार्थिव शरीर दुबई से गांव पहुंचा।

    2. ईरान के हमले में 13 जुलाई को हुई थी मौत।

    3. गोपालगंज के थावे में गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार।

    संवाद सूत्र, थावे (गोपालगंज)। थावे प्रखंड के विदेशी टोला गांव निवासी शिप इंजीनियर रोहन उर्फ सोनू गुप्ता का पार्थिव शरीर सोमवार को एक सप्ताह बाद दुबई से उनके पैतृक गांव पहुंचा। बेटे का शव देखते ही माता-पिता समेत स्वजन की चीख-पुकार से पूरा गांव गमगीन हो गया।

    परिवार की महिलाओं के विलाप से माहौल भावुक हो उठा। अंतिम दर्शन के लिए सुबह से ही लोगों का तांता लगा रहा। बाद में पिपराही पुल स्थित श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।

    होर्मुज के पास थी तैनाती 

    रोहन उर्फ सोनू गुप्ता स्थानीय जूता-चप्पल एवं जनरल स्टोर व्यवसायी संजय प्रसाद गुप्ता के सबसे छोटे पुत्र थे। वह दुबई स्थित अल बयाह एडनौक कंपनी में शिप इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे और पिछले कई वर्षों से विदेश में नौकरी कर रहे थे।

    परिवार के अनुसार, वह अपने कार्य के प्रति बेहद समर्पित थे तथा समय-समय पर घर भी आते थे। उनकी असामयिक मौत से परिवार की सारी उम्मीदें एक झटके में टूट गईं।

    स्वजन ने बताया कि अमेरिका-ईरान तनाव के बीच सऊदी अरब से लौट रहे जहाजों की तैनाती स्ट्रेट आफ होर्मुज के समीप थी। इसी दौरान 13 जुलाई को ईरान की ओर से हुए हमले में रोहन की मौत हो गई थी। घटना की सूचना मिलने के बाद से ही परिवार सदमे में था।

    भारतीय दूतावास और संबंधित एजेंसियों की आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद सोमवार को उनका पार्थिव शरीर दुबई से गांव लाया गया। शव गांव पहुंचने की खबर मिलते ही विदेशी टोला समेत आसपास के गांवों के लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। हर किसी की आंखें नम थीं।

    खबरें और भी

    पूरे गांव की आंखें नम 

    लोगों ने परिजनों को ढांढस बंधाने का प्रयास किया, लेकिन जवान बेटे को खोने का गम पूरे परिवार पर साफ दिखाई दे रहा था। माता-पिता बार-बार बेटे को याद कर बिलखते रहे।

    स्थानीय मुखिया मनीष गुप्ता, ओम प्रकाश राय, आनंद उर्फ लड्डू गुप्ता, नारायण जी प्रसाद, संजय गुप्ता सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने शोक संतप्त परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त की तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

    इसके बाद पिपराही पुल स्थित श्मशान घाट पर पूरे धार्मिक रीति-रिवाज के साथ रोहन का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। एक होनहार युवक की असमय मौत से पूरे थावे क्षेत्र में शोक की लहर है।

    यह भी पढ़ें- मुंगेर मधु मर्डर केस में खुलासा: सुसाइड की कहानी झूठी, दारोगा पति ने ही मारी थी गोली