मोकामा विधायक अनंत सिंह केस में बड़ा मोड़; अब CID करेगी जांच, 15 मई को थाने नहीं पहुंचे थे JDU विधायक
मोकामा विधायक अनंत सिंह और उनके समर्थकों पर हथियार लहराने के मामले की जांच अब सीआईडी करेगी। यह मामला गोपालगंज के मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमराव गांव मे ...और पढ़ें

अनंत सिंह मामले की जांच करेगी सीआईडी। फाइल
HighLights
मोकामा विधायक अनंत सिंह पर हथियार लहराने का आरोप।
मामले की जांच अब सीआईडी को सौंपी गई।
गोपालगंज के मीरगंज में दर्ज हुआ था केस।
जागरण संवाददाता, गोपालगंज। मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमराव गांव में आयोजित उपनयन के दौरान मोकामा के जदयू विधायक अनंत सिंह एवं उनके समर्थकों पर हथियार लहराने के मामले में हुई प्राथमिकी की जांच अब सीआईडी करेगी।
सरकार के आदेश के बाद पुलिस मुख्यालय ने इस चर्चित मामले को गोपालगंज पुलिस से हटाकर अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) को ट्रांसफर कर दिया है।
हथियार प्रदर्शन मामले में बिहार सरकार का बड़ा फैसला
इसके साथ ही अब इस केस में स्थानीय पुलिस की भूमिका समाप्त हो गई है। बताया जाता है कि सेमराव गांव निवासी गुड्डू राय के घर बीते दो एवं तीन मई को आयोजित उपनयन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे।
इसी दौरान विधायक अनंत सिंह तथा उनके समर्थकों पर सार्वजनिक रूप से हथियार लहराने का आरोप लगा था। मामले को गंभीरता से लेते हुए मीरगंज थाना में चार मई को प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी। जांच के क्रम में पुलिस की ओर से विधायक अनंत सिंह एवं उनके समर्थकों को नोटिस जारी कर 15 मई को हथियार के साथ मीरगंज थाना में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था।
हालांकि निर्धारित तिथि पर विधायक व उनके समर्थक थाना नहीं पहुंचे। इस बीच मामले को लेकर कोर्ट में भी सुनवाई चल रही है।
सेमराव गांव की घटना की होगी गहन जांच
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामला राजनीतिक रूप से काफी चर्चित होने के कारण पुलिस मुख्यालय ने इसे गंभीर श्रेणी में रखते हुए सीआईडी को सौंपने का निर्णय लिया।
अब सीआईडी की टीम पूरे मामले की जांच करेगी तथा घटना से जुड़े सभी तथ्यों को खंगालेगी। जांच के दौरान वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान एवं अन्य साक्ष्यों को आधार बनाया जाएगा।
इस मामले को लेकर जिले में लगातार चर्चाएं बनी हुई हैं। वहीं पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सीआईडी को सभी आवश्यक दस्तावेज एवं केस डायरी उपलब्ध करा दी जाएगी, ताकि जांच प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।