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    सासामुसा चीनी मिल पर थमी गैस कटर की धार, आज पटना में भविष्य का होगा फैसला

    Updated: Tue, 28 Jul 2026 07:00 AM (IST)

    सासामुसा चीनी मिल में स्क्रैप कटाई का काम रोक दिया गया है। अब मंगलवार को पटना में होने वाली उच्चस्तरीय बैठक में मिल के भविष्य और बकाया भुगतान पर निर्ण ...और पढ़ें

    सासामुसा चीनी मिल पर थमी गैस कटर की धार, आज पटना में भविष्य का होगा फैसला

    सासामुसा चीनी मिल पर थमी गैस कटर की धार, आज पटना में भविष्य का होगा फैसला

    संवाद सहयोगी, कुचायकोट (गोपालगंज)। छह वर्षों से बंद पड़ी सासामुसा चीनी मिल के भविष्य को लेकर चल रहे विवाद के बीच सोमवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। सरकार के वरीय अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद फिलहाल मिल परिसर में चल रही स्क्रैप कटाई का कार्य रोक दिया गया है।

    अब मंगलवार को पटना में होने वाली उच्चस्तरीय बैठक पर किसानों, मिलकर्मियों और पूरे क्षेत्र की निगाहें टिकी हुई हैं।

    रविवार देर शाम गोपालगंज सदर की अनुमंडल पदाधिकारी डॉ. प्रेरणा सिंह ने प्रभारी बीडीओ सह अंचलाधिकारी मनोरंजन कुमार शुक्ला, कुचायकोट थानाध्यक्ष दर्पण सुमन और अन्य अधिकारियों के साथ सासामुसा चीनी मिल परिसर का निरीक्षण किया।

    इस दौरान उन्होंने स्क्रैप कटाई में लगे कर्मियों से आवश्यक जानकारी ली। निरीक्षण के बाद संबंधित कंपनी के कर्मियों ने मिल परिसर में स्क्रैप कटाई का कार्य बंद कर दिया। बताया जा रहा है कि वरीय अधिकारियों के निर्देश पर फिलहाल रोक लगाई गई है।

    सासामुसा चीनी मिल पिछले छह वर्षों से बंद है। मिल बंद होने से किसानों का करीब 43 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य बकाया है। इसके अलावा मिलकर्मियों का लगभग 9.50 करोड़ रुपये और गन्ना परिवहन से जुड़े संवेदकों का करीब तीन करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है।

    वहीं, सेंट्रल बैंक का लगभग 67 करोड़ रुपये का ऋण भी बकाया बताया जा रहा है। एनसीएलटी के आदेश के बाद 15 जून से संबंधित कंपनी के कर्मियों ने मिल परिसर में पड़े स्क्रैप की कटाई शुरू की थी। इसका किसानों, मिलकर्मियों और स्थानीय लोगों ने विरोध किया था।

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    लोगों का कहना था कि यदि मशीनों और मिल की संरचनाओं को पूरी तरह काट दिया गया तो भविष्य में मिल को दोबारा चालू करने की संभावना समाप्त हो जाएगी।

    विधानसभा में भी उठा था मिल का मुद्दा

    बरौली विधायक मंजीत कुमार सिंह ने बिहार विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से सासामुसा चीनी मिल के पुनः संचालन, किसानों के बकाया गन्ना मूल्य और मिलकर्मियों के लंबित भुगतान का मामला उठाया था।

    इस पर गन्ना उद्योग मंत्री ने सदन में आश्वासन दिया था कि राज्य सरकार बंद पड़ी मिल को चालू कराने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है।

    आंदोलन के बाद बदला घटनाक्रम

    स्क्रैप कटाई शुरू होने के बाद किसान और मिलकर्मी लगातार विरोध कर रहे थे। शनिवार को बड़ी संख्या में लोग मिल गेट पर जुटे और प्रशासन से कम से कम एक माह तक स्क्रैप कटाई रोकने की मांग की थी। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर पहल तेज हुई और फिलहाल कटाई का काम रोक दिया गया।

    इधर, एनसीएलटी में एक इच्छुक निवेशक कंपनी ने शपथपत्र दाखिल कर बैंक का बकाया भुगतान करने और मिल संचालन की जिम्मेदारी लेने की इच्छा जताई है। इससे मिल के दोबारा शुरू होने की उम्मीदों को बल मिला है।

    आज पटना में होगा मंथन

    सासामुसा चीनी मिल के भविष्य को लेकर मंगलवार को पटना के विकास भवन में दोपहर तीन बजे उच्चस्तरीय बैठक प्रस्तावित है। बैठक में मुख्यमंत्री के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।

    इसके अलावा गन्ना उद्योग मंत्री, एनसीएलटी के प्रतिनिधि, निवेशक कंपनी के प्रतिनिधि और शासन के वरीय अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में मिल संचालन, बकाया भुगतान और आगे की कार्ययोजना पर निर्णय होने की उम्मीद है।

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