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    जमुई में मरीज ढोने वाली एंबुलेंस बनी ‘मालगाड़ी’, पीएचसी से ढोई जा रही दवाइयां

    Updated: Fri, 31 Jul 2026 03:20 PM (GMT+05:30)

    बरहट पीएचसी की एंबुलेंस का इस्तेमाल मरीजों की जगह दवाइयों की ढुलाई के लिए किया गया, जिसका वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठ रहे ह ...और पढ़ें

    मरीज ढोने वाली एंबुलेंस बनी मालगाड़ी

    मरीज ढोने वाली एंबुलेंस बनी मालगाड़ी

    संवाद सूत्र, बरहट (जमुई)। मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए उपलब्ध कराई गई एंबुलेंस के इस्तेमाल को लेकर बरहट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एक बार फिर चर्चा में है। बताया जाता है कि गुरुवार को पीएचसी की एंबुलेंस से मरीजों की बजाय दवाइयों की ढुलाई की गई।

    घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार, बरहट पीएचसी परिसर में एंबुलेंस में दवाइयों के कार्टन लादे जाने का वीडियो सामने आया है।

    वीडियो में एंबुलेंस में मरीज के स्थान पर दवाइयों की पेटियां रखी दिखाई दे रही हैं। मौके पर मौजूद एक स्थानीय व्यक्ति ने इस पूरी घटना को अपने मोबाइल कैमरे में रिकार्ड कर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया।

    वीडियो में ग्रामीण द्वारा चालक से पूछे जाने पर वह बताता है कि दवाइयां स्वास्थ्य प्रबंधक के निर्देश पर रखी जा रही हैं। जब उससे इस संबंध में किसी लिखित आदेश की जानकारी मांगी गई तो चालक ने कहा कि कोई पत्र उपलब्ध नहीं है और उन्हें मौखिक निर्देश दिया गया है।

    हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता और प्रामाणिकता की पुष्टि दैनिक जागरण नहीं करता है। घ टना के बाद स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि जब आपातकालीन स्थिति में कई बार मरीजों को समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो पाती, तब उसी वाहन का उपयोग दवाइयों की ढुलाई के लिए किया जाना उचित नहीं है।

    लोगों का कहना है कि दवा परिवहन के लिए अलग व्यवस्था होनी चाहिए ताकि आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं प्रभावित न हों।

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    स्वास्थ्य शिविर के लिए दवाइयां भेजी जा रही थीं। ई-रिक्शा में अधिकांश दवाइयां और अन्य सामग्री भेज दी गई थी, लेकिन दो-तीन कार्टन शेष रह गए थे। शिविर में जा रही एंबुलेंस में केवल बचे हुए दवा के कार्टन रखवाए गए थे ताकि आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्य शिविर में उनका उपयोग किया जा सके।

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    जूही अलका, स्वास्थ्य प्रबंधक, बरहट

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