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    जमुई में सरकारी दावों की खुली पोल, रात में सरकारी अस्पताल से गायब मिले कर्मी; तड़पती रही प्रसव पीड़िता

    Updated: Fri, 10 Jul 2026 03:30 AM (IST)

    जमुई के बरहट प्रखंड के सरकारी अस्पतालों में लापरवाही का खुलासा हुआ है, जहां रात में अधिकांश स्वास्थ्यकर्मी गायब मिले और एक गर्भवती महिला को भर्ती करने ...और पढ़ें

    बरहट में रजिस्टर दिखाते डॉ. विवेक कुमार सिंह। (जागरण)

    बरहट में रजिस्टर दिखाते डॉ. विवेक कुमार सिंह। (जागरण)

    HighLights

    1. बरहट पीएचसी में रात में अधिकांश कर्मी अनुपस्थित मिले।

    2. मलयपुर पीएचसी में गर्भवती महिला को भर्ती नहीं किया।

    3. सिविल सर्जन ने मामले की जांच के आदेश दिए।

    संवाद सूत्र, बरहट (जमुई)। सरकारी अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के तमाम दावों के बीच बरहट प्रखंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लापरवाही की बेहद चिंताजनक तस्वीरें सामने आई है।

    स्थानीय लोगों की शिकायत पर बुधवार देर रात जब अस्पताल की वास्तविक स्थिति देखी गई, तो व्यवस्था की पोल खुल गई। अस्पताल का मुख्य गेट तो खुला था, लेकिन ड्यूटी पर तैनात अधिकांश स्वास्थ्यकर्मी गायब थे।

    प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विवेक कुमार सिंह ने स्वीकार किया कि रात्रि ड्यूटी पर तैनात एक एएनएम कई दिनों से अनुपस्थित हैं, जबकि दूसरी एएनएम पुतुल कुमारी हाजिरी बनाकर अस्पताल से चली गईं।

    यह स्थिति स्वास्थ्य विभाग की सुस्त निगरानी को दर्शाती है। सूत्रों की मानें तो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इन दिनों सेटिंग- गेटिंग जोर से चल रहा है। जिन भी कर्मी को ड्यूटी नहीं आना होता है, वो उसके एवज में कार्यालय में रकम देकर मैनेज करते हैं।

    कमरे में सोती रहीं एएनएम-जीएनएम

    लापरवाही की पराकाष्ठा उप स्वास्थ्य केंद्र मलयपुर में देखने को मिली। यहां प्रसव पीड़ा से तड़प रही एक गर्भवती महिला को भर्ती करने के बजाय बाहर टहलने की सलाह दे दी गई।

    महिला दर्द से कराहती रही, जबकि ड्यूटी पर तैनात जीएनएम और एएनएम अपने कमरे में सोती रहीं। आशा कार्यकर्ता द्वारा बार-बार बुलाने के बावजूद वे काफी देर बाद बाहर निकलीं और सुरक्षा गार्ड न होने का बहाना बनाने लगी।

    स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि स्वास्थ्यकर्मियों में कार्रवाई का कोई खौफ नहीं है। इससे पहले भी मलयपुर अस्पताल में दो महिलाओं को एक ही स्टैंड पर स्लाइन चढ़ाने और आपातकाल में कर्मियों के गायब रहने के मामले सामने आ चुके हैं।

    सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार सिंह ने जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आरोप सही पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। मरीजों के इलाज में किसी भी तरह की अनुशासनहीनता स्वीकार नहीं होगी।

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