1 साल की उम्र में बनी मां! जमुई में जमीन के खेल में विज्ञान भी फेल, चौंकाने वाला है पूरा मामला
जमुई के झाझा अंचल में जमीन नामांतरण में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जहां मृत बताकर पुश्तैनी जमीन हड़पी गई। इस मामले में 51 साल की बेटी का 50 साल का ...और पढ़ें

1 साल की उम्र में बनी मां! जमुई में जमीन के खेल में विज्ञान भी फेल

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सहयोगी, जमुई। 51 साल की बेटी और 50 वर्ष का नाती! सुनने में अटपटा नहीं लग रहा है! जी हां, झाझा अंचल अंतर्गत बाराजोर (तेलियाडीह) के भाइयों को मृत बताकर जमीन नामांतरण मामले में कुछ ऐसा ही फर्जीवाड़ा हुआ है। इस झोल में एक ऐसा तथ्य उभर कर सामने आया है जो चिकित्सा विज्ञान को भी चुनौती दे रहा है।
यहां गोवर्धन दास की बेटी खगिया देवी की उम्र 2010 में 51 साल थी और शपथ-पत्र में सुखदेव ने अपनी उम्र 50 साल बताया था। ऐसे में बड़ा सवाल की एक साल की बेटी मां कैसे बन सकती है?
यह दीगर बात है कि सुकदेव गोवर्धन की बेटी खगिया की नहीं, बल्कि किसी पारो देवी की संतान है, जिसे शपथ-पत्र के जरिये गोवर्धन दास की पुत्री तथा शोभन रविदास और टुकलाल रविदास की बहन बनाया गया।
इस मामले में तत्कालीन अंचल अधिकारी, अंचल निरीक्षक व राजस्व कर्मचारी की मिली भगत की स्पष्ट बू आ रही है। बताया जाता है कि तब वंशावली बनाने के लिए शपथ-पत्र आवश्यक जरूर था, लेकिन शपथ-पत्र को ही वंशावली मान लेना नियम विरुद्ध है।
अमूमन सरकारी कार्यालयों में मुखिया, सरपंच और अंचल अधिकारी द्वारा निर्गत वंशावली को मान्यता दी जाती रही है। ऐसे में उत्तराधिकारी तय करने के इस मामले में किसी अधिकृत पदधारक द्वारा निर्गत वंशावली की आवश्यकता क्यों नहीं पड़ी, यही सवाल संबंधित अधिकारी और कर्मचारी को कटघरे में खड़ा करता है।
खगिया के किसी बेटे का नाम नहीं है सुकदेव
गोवर्धन रविदास की पुत्री खगिया देवी के चार पुत्रों में किसी का भी नाम सुकदेव दास नहीं है। उन्होंने अपने पुत्रों का नाम प्रकाश रविदास, नाथू रविदास, हरि रविदास तथा संजय रविदास बताया है। उनकी शादी झाझा अंचल अंतर्गत सुंदरीटांड गांव निवासी वासुदेव दास से हुई।
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खगिया के आधार कार्ड के मुताबिक, उनकी जन्मतिथि 01 जनवरी 1959 है, अर्थात 2010 में उनकी उम्र 51 साल थी। अब वह 67 साल की वृद्ध महिला हैं।
शपथ-पत्र के अनुसार, सुकदेव छुछनरिया निवासी छकन रविदास की पत्नी स्व. पारो देवी की संतान है।
अब लोगों की निगाहें जिला प्रशासन की ओर जा टिकी है। हर किसी के मन में एक ही सवाल उठ रहा है कि फर्जीवाड़ा करने वालों के विरुद्ध क्या कार्रवाई होती है।
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