₹65 में थाली, ₹100 की बटर पनीर: श्रावणी मेले में भोजन का रेट फिक्स, ज्यादा पैसे वसूलना भारी पड़ेगा
जमुई जिला प्रशासन ने श्रावणी मेला के दौरान कांवरियों के लिए खाद्य सामग्री की मूल्य तालिका जारी की है, जिसमें सादा भोजन की थाली 65 रुपये और पनीर बटर मस ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर
HighLights
कांवरियों के लिए खाद्य सामग्री की मूल्य तालिका जारी।
सादा भोजन थाली 65 रुपये, पनीर डिश 100 रुपये।
अधिक वसूली पर होगी कार्रवाई, मूल्य सूची चिपकाना अनिवार्य।
संवाद सहयोगी, जमुई। श्रावणी मेला के दौरान कांवरियों को उचित दर पर खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने मूल्य तालिका जारी कर दी है। इसके अनुसार सादा भोजन की थाली 65 रुपये में मिलेगी, जबकि पनीर बटर मसाला और पनीर कड़ाही की एक प्लेट 100 रुपये में उपलब्ध होगी।
मूल्य सूची के अनुसार एक रोटी की कीमत छह रुपये तय की गई है। आलू और सत्तू का पराठा 20-20 रुपये तथा सादा पराठे की कीमत 15 रुपये से अधिक नहीं लेनी है।
दाल तड़का 40 रुपये, आलू भुजिया 25 रुपये और सभी प्रकार की सब्जी की भुजिया 35 रुपये में परोसनी होगी। 250 एमएल गर्म दूध 20 रुपये में मिलेगा। चटनी के साथ एक लिट्टी तथा एक सिंघाड़े की कीमत 10-10 रुपये निर्धारित की गई है।
जलेबी 150 रुपये प्रति किलो और पेड़ा 350 रुपये प्रति किलो मिलेगा। गाजर, शलगम, खीरा, टमाटर और चुकंदर का सलाद नींबू व मिर्च के साथ 30 रुपये प्रति प्लेट मिलेगा। मौसमी का जूस बड़े गिलास में 35 रुपये तथा मिक्स वेज 45 रुपये में उपलब्ध कराना होगा।
250 ग्राम चूड़ा-दही 55 रुपये में मिलेगा। इसके अलावा चाय 10 रुपये प्रति कप, खीर 30 रुपये प्रति प्लेट, 250 ग्राम दही 30 रुपये तथा आधी प्लेट सादा भोजन 45 रुपये में उपलब्ध कराना होगा।
होटलों में चिपकानी होगी मूल्य तालिका
अनुमंडल पदाधिकारी सौरव कुमार ने सभी थानाध्यक्ष, प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचल अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के सभी होटल और जलपान गृहों में मूल्य तालिका चिपकाना सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है। साथ ही निर्धारित दर पर ही खाद्य सामग्री की बिक्री कराने की जिम्मेदारी भी सौंपी है।
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दुकानदारों के लिए आठ सूत्री दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। इनमें निर्धारित दर पर खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना, दुकान पर मूल्य सूची प्रदर्शित करना, होटल व उसके आसपास साफ-सफाई बनाए रखना, यात्रियों के लिए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था करना, मधुर व्यवहार रखना तथा पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित करना शामिल है। अनुमंडल पदाधिकारी ने दुकानों के सामने सड़क किनारे अतिक्रमण नहीं करने की भी सख्त हिदायत दी है।