जमुई के उज्ज्वल दीप का संकल्प : बनेंगे देश के बड़े कार्डियक सर्जन, नीट में 95 पर्सेंटाइल लाकर युवाओं को दी प्रेरणा
जमुई के उज्ज्वल दीप ने नीट यूजी-2026 में 495 अंक प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है। उन्होंने अपने पिता के डॉक्टर बनने के अधूरे सपने को साकार किया और ...और पढ़ें

पिता का सपना किया साकार: जमुई के उज्ज्वल दीप ने नीट में 495 अंक और 95 पर्सेंटाइल लाकर पास की परीक्षा
HighLights
उज्ज्वल दीप ने नीट यूजी-2026 में 495 अंक प्राप्त किए।
जमुई जिले का नाम रोशन किया, 95 पर्सेंटाइल हासिल।
पिता के डॉक्टर बनने के अधूरे सपने को पूरा किया।
संवाद सहयोगी, जमुई। जमुई जिले के पुरानी बाजार निवासी अधिवक्ता अमित कुमार और रचना शर्मा के होनहार पुत्र उज्ज्वल दीप ने कमाल कर दिया है। उज्ज्वल ने मेडिकल की प्रतिष्ठित प्रवेश परीक्षा नीट यूजी-2026 में 495 अंक प्राप्त कर 95 पर्सेंटाइल हासिल किया और जिले का नाम रोशन किया है।
जयपुर से की थी तैयारी
जनरल कैटेगरी के छात्र उज्ज्वल ने संत जोसफ स्कूल जमुई से 94 प्रतिशत अंकों के साथ शानदार तरीके से अपनी मैट्रिक की परीक्षा पास की थी। वहीं 12वीं की पढ़ाई मणिद्वीप एकेडमी, मरकट्टा जमुई से पूरी कर 78 फीसदी अंक प्राप्त किया और फिर आकाश इंस्टीट्यूट जयपुर से नीट की तैयारी की।
अनुशासन से मिली सफलता
कड़ी मेहनत, लगन और सख्त अनुशासन के बल पर उज्ज्वल ने नीट यूजी तक का यह कठिन सफर बहुत ही शानदार और प्रेरणादायक तरीके से तय किया है। उनके पिता अधिवक्ता अमित कुमार जिला विधिज्ञ संघ के महासचिव हैं और शिक्षकों ने उज्ज्वल की इस बड़ी उपलब्धि पर गहरी खुशी जताई है।
कार्डियक सर्जन बनने का लक्ष्य
इस शानदार सफलता के बाद होनहार छात्र उज्ज्वल दीप अब मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए अपनी काउंसलिंग की तैयारी में पूरे जोर-शोर से जुट गए हैं। उज्ज्वल ने भविष्य में एक बेहतरीन कार्डियक सर्जन बनकर देश और समाज की स्वास्थ्य सेवा करने की अपनी मजबूत इच्छा परिजनों के सामने जताई है।
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पिता का सपना किया साकार
इस ऐतिहासिक उपलब्धि से उज्ज्वल ने न केवल अपना भविष्य संवारा है, बल्कि अपने पिता के बरसों पुराने एक अधूरे सपने को भी शानदार ढंग से साकार किया है। उज्ज्वल के पिता अमित कुमार भी बचपन में एक सफल डॉक्टर बनना चाहते थे, लेकिन पारिवारिक परिस्थितियों के कारण उनका यह बड़ा सपना अधूरा रह गया था।
बेटे पर पिता को है गर्व
पिता ने तब ठान लिया था कि जो मुकाम वो नहीं पा सके, उसे उनका बेटा जरूर हासिल करेगा और बेटे ने भी दिन-रात मेहनत कर इसे सच कर दिखाया। जिला विधिज्ञ संघ के महासचिव अमित कुमार ने अत्यंत गौरवान्वित महसूस करते हुए कहा कि मुझे बहुत गर्व है कि मेरा बेटा डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करेगा।