बिहार में झाझा-सिमुलतला राष्ट्रीय राजमार्ग खस्ताहाल, NHAI के आदेश के बावजूद नहीं शुरू हुआ मरम्मत का काम
झाझा-सिमुलतला NH-333A की बदहाल स्थिति पर NHAI के मरम्मत निर्देश के बावजूद काम शुरू नहीं हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश है। ...और पढ़ें

NH-333A। फोटो जागरण
HighLights
NHAI ने झाझा-सिमुलतला सड़क मरम्मत का निर्देश दिया।
आदेश के एक सप्ताह बाद भी कार्य शुरू नहीं हुआ।
बदहाल सड़क से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा, लोग आक्रोशित।
संवाद सूत्र, झाझा (जमुई)। झाझा-सिमुलतला एनएच-333-ए की बदहाल स्थिति को लेकर उठ रही जन-चिंताओं के बीच प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हुई है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की शिकायत पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने सड़क की मरम्मत के लिए संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया है।
हालांकि, निर्देश जारी होने के एक सप्ताह बाद भी सड़क पर मरम्मत कार्य शुरू नहीं होने से स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बताया जाता है कि एबीवीपी ने 2 जुलाई को बिहार सरकार के मुख्य सचिव एवं पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव को झाझा-सिमुलतला सड़क की जर्जर स्थिति से अवगत कराते हुए तत्काल मरम्मत की मांग की थी।
इसके बाद परियोजना कार्यान्वयन इकाई, भागलपुर के परियोजना निदेशक मनीष कुमार ने पत्र जारी कर स्पष्ट किया कि उक्त सड़क का रखरखाव राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल सं. 02, पथ निर्माण विभाग, बिहारशरीफ के अधीन है।
उन्होंने संबंधित कार्यपालक अभियंता को नियमानुसार मरम्मत कार्य कराने तथा इसकी प्रगति से आवेदक को अवगत कराने का निर्देश दिया। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें पथ निर्माण विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि विभाग शीघ्र मरम्मत कार्य शुरू कर इस महत्वपूर्ण मार्ग को सुरक्षित और सुगम बनाएगा।
वर्षा में दुर्घटना का बढ़ा खतरा
झाझा-सिमुलतला मार्ग के नरगंजो, रजला समेत कई स्थानों पर सड़क गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। लगातार हो रही वर्षा से गड्ढों में पानी भर जाने के कारण वाहन चालकों को सड़क की वास्तविक स्थिति का पता नहीं चल पाता। इससे प्रतिदिन ई-रिक्शा, बाइक, कार और स्कूली वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका बनी रहती है।
खबरें और भी
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर आए दिन छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं हो रही हैं। इसी सड़क से प्रतिदिन सिमुलतला आवासीय विद्यालय सहित कई शिक्षण संस्थानों के हजारों छात्र-छात्राएं आवागमन करते हैं।
खराब सड़क के कारण एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं का संचालन भी प्रभावित हो रहा है। आगे श्रावणी मेला प्रारंभ हो रही है। ऐसे हालात में सड़क की मरम्मती होना बहुत जरूरी है।
आदेश के बाद भी नहीं शुरू हुआ काम
एनएचएआइ ने 07 जुलाई को संबंधित विभाग को कार्रवाई का निर्देश दिया था, लेकिन 14 जुलाई तक सड़क की मरम्मत या गड्ढों की भराई शुरू नहीं हो सकी। इससे लोगों में विभागीय कार्यशैली को लेकर नाराजगी बढ़ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अब केवल पत्राचार नहीं, बल्कि सड़क पर मरम्मत कार्य दिखाई देना चाहिए। एबीवीपी कार्यकर्ता एवं युवा सामाजिक कार्यकर्ता कार्तिक कुसुम ने कहा कि NHAI द्वारा मामले में संज्ञान लेना सकारात्मक कदम है, लेकिन आदेश के बावजूद कार्य शुरू नहीं होना गंभीर लापरवाही है।
वर्षा के मौसम में सड़क की बदहाल स्थिति आम लोगों, विद्यार्थियों और राहगीरों के लिए जानलेवा बन चुकी है। जब तक सड़क की मरम्मत और गड्ढामुक्ति का कार्य युद्धस्तर पर शुरू नहीं होगा, तब तक जनहित में उनका आंदोलन जारी रहेगा।